कट्टरवादी इस्लामी पार्टी के सदस्यों की भीड़ ने हिंदू मंदिर में लगाई आग और की तोड़-फोड़
पेशावर। पाकिस्तान की एक कट्टरवादी इस्लामी पार्टी के सदस्यों की भीड़ ने पश्चिमोत्तर के एक शहर में एक मंदिर में आग लगा दी और तोड़-फोड़ की। करक में हुई इस घटना की मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पाकिस्तान के मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने निंदा की। मजारी ने ट्वीट करके मंदिर में आगजनी की घटना की निंदा की और कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की अपील की।
Strongly condemn the burning of a Hindu temple by a mob in Karak Khyber Pukhtunkhwa. KP govt must ensure culprits brought to justice. MOHR also moving on this. We as a govt have a responsibility to ensure safety & security of all our citizens & their places of worship.
— Shireen Mazari (@ShireenMazari1) December 30, 2020
जिला पुलिस प्रमुख इरफान उल्लाह ने बताया कि पुलिस ने मंदिर पर हमला करने के मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि कट्टरपंथी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में भीड़ ने मंदिर पर हमला कर दिया। स्थानीय हिंदुओं ने इस मंदिर की मरम्मत के लिए प्राधिकारियों से अनुमति प्राप्त की थी, जिसके बाद यह हमला किया गया।







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