नारायणपुर। नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद अब उनके पीछे छोड़ गए सामग्रियों को ढूंढने में सुरक्षाबल जुटी हुई है। इस कड़ी में टेकला जंगल से हथियारों का बड़ा डंप और तोयामेटा से 24 लाख रुपये नगद बरामद किया गया है। खुफिया सूचना पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को दो अलग-अलग स्थानों पर बड़ी सफलता मिली है। टेकला जंगल से सुरक्षा बलों ने इंसास, एसएलआर, 303 रायफल समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद किया है, वहीं छोटेडोंगर के तोयामेटा जंगल-पहाड़ी से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए 24 लाख रुपये नगद बरामद किया गया है।
नारायणपुर/गढ़चिरौली। माओवाद विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। “ऑपरेशन अंतिम प्रहार” के तहत चलाए गए संयुक्त अंतरराज्यीय अभियान में जवानों ने घने जंगलों में संचालित नक्सलियों के गुप्त हथियार निर्माण केंद्र का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और शस्त्र निर्माण सामग्री बरामद की है। आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई को नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार नक्सली संगठन सुरक्षा बलों पर हमले, घात लगाकर वारदात और बड़े विस्फोटों को अंजाम देने के लिए जंगलों में गुप्त रूप से हथियार और विस्फोटक तैयार कर उन्हें जमीन के भीतर छिपाकर रखते थे। इनका इस्तेमाल नक्सल सप्ताह, चुनाव और अन्य संवेदनशील अवसरों पर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए किया जाता था। आत्मसमर्पित माओवादियों से पूछताछ के दौरान इस गुप्त हथियार भंडार और निर्माण केंद्र की जानकारी मिली थी, जिसके बाद विशेष अभियान शुरू किया गया।
संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने 01 इंसास रायफल, 02 सिंगल शॉट रायफल, 02 बारह बोर रायफल और 18 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा 25 किलो आईईडी विस्फोटक, 02 क्लेमोर माइन, 110 डेटोनेटर, कॉर्टेक्स वायर, 500 से अधिक बीजीएल सेल और उन्हें बनाने की सामग्री, 07 बीजीएल लॉन्चर, 03 ट्यूब लॉन्चर, लेथ मशीन, ग्राइंडर मशीन, मोटर, इन्वर्टर, बैटरी, वायर बंडल और सोलर प्लेट जैसी बड़ी मात्रा में सामग्री भी जब्त की गई। जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क नक्सलियों द्वारा हथियार निर्माण और विस्फोटक तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
अभियान में विशेष अभियान दल, डीआरजी और बीडीडीएस की संयुक्त टीमों ने हिस्सा लिया। इलाके की गहन तलाशी के बाद बरामद खतरनाक विस्फोटकों और हथियार निर्माण सामग्री को वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, ताकि भविष्य में उनका इस्तेमाल किसी भी हिंसक गतिविधि में न हो सके।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में माओवादी गतिविधियां लगातार कमजोर हो रही हैं, लेकिन सुरक्षा बल किसी भी खतरे को लेकर सतर्क हैं। इस कार्रवाई से नक्सलियों के हथियार निर्माण तंत्र और भविष्य की योजनाओं को बड़ा नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
नारायणपुर। अबूझमाड़ का धोबे गांव- जहां कभी बंदूकें गूंजती थीं, वहां अब नलों से बह रही विकास की धाराÓविकास की असली परीक्षा तब होती है जब वह समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचे। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला मुख्यालय से करीब 94 किलोमीटर दूर, घने जंगलों और दुर्गम पहाडिय़ों के बीच बसा अबूझमाड़ का धोबे गांव आज इसी बदलते भारत और बदलते छत्तीसगढ़ की एक जीती-जाती मिसाल बन चुका है। जो इलाका कभी सिर्फ नक्सली हलचलों और विकास से दूरी के लिए जाना जाता था, आज वहां जल जीवन मिशन ने उम्मीदों का एक नया सवेरा ला दिया है। अबूझमाड़ के इस सुदूर अंचल में पहली बार घर-घर शुद्ध पेयजल की सुविधा पहुंची है, जिसने ग्रामीणों की जिंदगी की पूरी तस्वीर ही बदल कर रख दी है।

पूर्व में संघर्षों का दौर नदी-नालों के दूषित पानी से जंग
वर्षों तक धोबे गांव के ग्रामीणों के लिए सुबह की शुरुआत पानी के बड़े संघर्ष के साथ होती थी। अत्यंत दुर्गम क्षेत्र होने के कारण यहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा तो दूर, पीने का साफ पानी मिलना भी एक बड़ी चुनौती थी। गांव के लोग पीने के पानी के लिए पूरी तरह से स्थानीय नदी, नालों और झरनों पर निर्भर थे। पहाड़ों से बहकर आने वाला यह पानी न सिर्फ दूषित होता था, बल्कि इसके उपयोग से ग्रामीण लगातार जलजनित बीमारियों की चपेट में रहते थे। विशेषकर महिलाओं और बच्चों का एक बड़ा समय सिर्फ पीने का पानी ढोने में ही बीत जाता था।
जल जीवन मिशन- ऐसे बदली धोबे गांव की तस्वीर
ग्रामीणों की इस दशकों पुरानी और बेहद संवेदनशील समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन और जल जीवन मिशन की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में कदम रखा। विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों और सुरक्षा की चुनौतियों को पार करते हुए गांव में योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू किया गया। बिजली की अनिश्चितता से निपटने के लिए गांव में 10-10 हजार लीटर क्षमता वाले दो सोलर आधारित जल टैंक स्थापित किए गए। ऊबड़-खाबड़ रास्तों और घने जंगलों के बीच लगभग 1375 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई। गांव के सभी 40 परिवारों को श्हर घर जलश् योजना के तहत नल कनेक्शन से जोड़ा गया।
अंतिम छोर तक विकास की दस्तक
नारायणपुर की कलेक्टर ने इस सफलता पर कहा कि शासन की प्राथमिकता दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक हर हाल में मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। जल जीवन मिशन के माध्यम से अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता से पहुँचे।
खुशहाली की नई दस्तक- आसान हुई जिंदगी
आज धोबे गांव के हर घर के आंगन में लगे नल से जब स्वच्छ और शीतल जल बहता है, तो ग्रामीणों के चेहरे की खुशी देखते ही बनती है। अब न तो पानी के लिए मीलों पैदल चलना पड़ता है और न ही दूषित पानी के कारण बीमार होने का डर सताता है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे इस दूरदराज के गांव में भी कभी नल से साफ पानी आएगा। सरकार के इस प्रयास ने हमारी दैनिक जिंदगी को बहुत आसान बना दिया है। यह हमारे लिए सिर्फ पानी नहीं, बल्कि एक नया जीवन है। जल जीवन मिशन ने यहाँ सिर्फ पानी नहीं पहुँचाया है, बल्कि ग्रामीणों के मन में शासन और व्यवस्था के प्रति एक अटूट विश्वास भी पैदा किया है।
नारायणपुर। जिले के सोनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम इरपानार में अंधविश्वास और जादू-टोना के संदेह ने एक बार फिर मानवता को शर्मसार किया है। अंधविश्वास और टोनही के शक में 48 साल की महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई। महिला की नृशंस हत्या से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने महिला की हत्या करने वाले सभी पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला सोनपुर थाना क्षेत्र के इरपानार गाँव का है। 30 दिसंबर को शाम लगभग 7 बजे मुख्य आरोपी पंडी राम वड्डे अपने साथियों के साथ मृतका के घर में घुस गया। घर में घुसकर जादू-टोना और अंधविश्वास के चक्कर में महिला पर हमला किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने महिला का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जाँच शुरू की।
पुलिस की हिरासत में आरोपी
जाँच के दौरान पंडी राम वड्डे, सुक्कु वड्डे उर्फ मंगतु, संतु ध्रुवा उर्फ बोडसे, नरसिंह वड्डे एवं राजेश वड्डे उर्फ बांडा के नाम सामने आए। पुलिस ने पाँचों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने हत्या की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर BNS की धारा 103 एवं आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया।
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में “पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, इनमें 37 लाख के इनामी 5 महिला माओवादी भी शामिल हैं। माओवादियों के बड़े लीडर मिलिट्री कम्पनी सदस्य-3, एसीएम-01 और पीएम-7 सहित 6 पुरूष व 5 महिला माओवादी शामिल है। वर्ष 2025 में अब तक कुल 298 बड़े/छोटे कैडर के माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
आत्मसमर्पित माओवादियों को प्रोत्साहन राशि 50-50 हजार का चेक दिया गया। सभी पुनर्वासित नक्सलियों को छग शासन की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत् विभिन्न प्रकार की सुविधाएं मिलेंगी।
संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित
लगातार हो रही आत्मसमर्पण और छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आज एसपी रोबिनसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण किये। माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण के पीछे माड़ और नारायणपुर जिले में लगातार चलाये जा रहे विकास कार्य तेजी से बनती सड़कें, गावों तक पहुँचती विभिन्न सुविधाओं ने इन्हें प्रभावित किया है। आत्मसमर्पित माओवादी माड़ डिवीजन एवं जीआरबी डिवीजन एरिया क्षेत्रान्तर्गत सक्रिय रूप से कार्यरत थे।
आत्मसमर्पित के नाम/पद
1. बोडा वड्डे उर्फ भीमा पिता स्व. फागू राम वड्डे उम्र 40 वर्ष जाति माड़िया निवासी रेंगाबेड़ा पंचायत पोचावाड़ा थाना ओरछा जिला नारायणपूर छत्तीसगढ़।
पद- उत्तर बस्तर डिवीजन कम्पनी न. 05 मिलेट्री कम्पनी सदस्य
घोषित ईनाम की राशि- 8 लाख।
2. नमेश मण्डावी उर्फ दिलीप पिता जैसिंग उम्र 20 वर्ष जाति माड़िया निवासी ताड़नार पंचायत पोच्चावाड़ा थाना ओरछा जिला नारायणपुर छत्तीसगढ़।
पद- उत्तर बस्तर डिवीजन कम्पनी न. 06 मिलेट्री कम्पनी सदस्य
घोषित ईनाम की राशि- 8 लाख।
3. सोमारी मण्डावी उर्फ रीता पिता सनारू उम्र 24 वर्ष जाति माड़िया निवासी ताड़नार पंचायत पोच्चावाड़ा थाना ओरछा जिला नारायणपूर छत्तीसगढ़
पद – उत्तर बस्तर डिवीजन कम्पनी न. 06 मिलेट्री कम्पनी सदस्य
घोषित ईनाम की राशि- 8 लाख।
4. सियाराम सलाम उर्फ आकाश उर्फ सनकू पिता स्व0 धोबी उम्र 30 वर्ष जाति गोण्ड निवासी महिमागवाड़ी थाना झाराघाटी जिला नारायणपुर राज्य छत्तीसगढ़।
पद-जीआरबी डिवीजन मालाजखण्ड एरिया कमेटी सदस्य एसीएम
घोषित ईनाम की राशि- 05 लाख
5. मीरा मण्डावी पति हड़मो मण्डावी उर्फ मोटू उम्र 27 वर्ष जाति मुरिया ग्राम आलबेडा पंचायत रेकावाया थाना ओरछा जिला नारायणपुर (छ.ग.)
पद- प्लाटून नं. 01 पीपीसीएम
घोषित ईनाम की राशि- 2 लाख
6. सन्नू पोड़ियाम उर्फ सुर्या पिता सोमडू उम्र 24 वर्ष जाति मुरिया निवासी भट्बेड़ा पंचायत गुदाड़ी थाना ओरछा जिला नारायणपुर छत्तीसगढ़।
पद- प्लाटून नं. 01 पार्टी सदस्य
घोषित ईनाम की राशि- 1 लाख
7. सोमारी अलामी उर्फ संदीप पिता कोपा उम्र 24 जाति माड़िया निवासी पिण्डकापाल पंचायत ईकुल थाना ओरछा जिला नारायणपुर
पद- एसजेडसीएम रनिता का गार्ड टीम पार्टी सदस्य
घोषित ईनाम की राशि- 1 लाख
8. सुद्दी आलामी उर्फ नीला पिता स्व. पीलू उम्र 25 वर्ष जाति माड़िया निवासी पिण्डकापाल पंचायत ईकुल थाना ओरछा जिला नारायणपुर
पद- एसजेडसीएम रनिता का गार्ड टीम पार्टी सदस्य
घोषित ईनाम की राशि- 1 लाख
9. सकलू उसेण्डी पिता मासा उसेण्डी उम्र 21 वर्ष जाति माड़िया निवासी गुजनवेड़ पंचायत ईकुल थाना ओरछा जिला नारायणपुर।
पद- इन्द्रावती एरिया कमेटी पार्टी सदस्य
घोषित ईनाम की राशि- 1 लाख
10. बुदरी उईका उर्फ तुलसी पिता लखमू उम्र 22 वर्ष जाति गोण्ड निवासी मालीपाड़ पंचायत डल्ला थाना बासागुडा जिला बीजापुर
पद- जीआरबी डिवीजन मालाजखण्ड एरिया कमेटी पार्टी सदस्य
घोषित ईनाम की राशि- 01 लाख
11. तुलसी पोटाम उर्फ विमला पिता वधु जाति गोण्ड निवासी पंचायत थाना गंगालुर जिला बीजापुर
पद-जीआरबी डिवीजन मालाजखण्ड एरिया कमेटी पार्टी सदस्य
घोषित ईनाम की राशि- 01 लाख
एसपी रॉबिनसन गुड़िया ने कहा कि आज की कार्रवाई के बाद वर्ष 2025 में जिले में कुल 298 माओवादी कैडर हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। यह आँकड़ा बताता है कि क्षेत्र में विश्वास, शांति और विकास की प्रक्रिया लगातार गति पकड़ रही है।
बस्तर रेंज आईजी सुन्दरराज पत्तिलिंगम ने कहा कि “जिला नारायणपुर में 28 माओवादी कैडरों का पुनर्वास यह दर्शाता है कि हिंसक और जनविरोधी माओवादी विचारधारा का अंत अब निकट है। लोग ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल पर भरोसा जताते हुए शांति, गरिमा और स्थायी प्रगति का मार्ग चुन रहे हैं। छत्तीसगढ़ शासन, भारत सरकार, बस्तर पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल, क्षेत्र में शांति स्थापित करने, पुनर्वास सुनिश्चित करने और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।
Narayanpur. छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी मोर्चे पर सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। नारायणपुर जिले में 28 सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 19 महिला नक्सली भी शामिल हैं। IG सुंदरराज पी, एसपी रॉबिन्सन गुड़िया और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के सामने सभी नक्सलियों ने औपचारिक रूप से हथियार डाल दिए।
माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रही “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” मुहिम ने तहत एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। नारायणपुर जिले में मंगलवार को कुल 28 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया। इनमें 19 महिला माओवादी भी शामिल हैं, जिन पर कुल 89 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
नारायणपुर जिला प्रशासन, बस्तर पुलिस, सुरक्षा बलों और स्थानीय समाज के प्रयासों से यह आत्मसमर्पण संभव हुआ है। यह कदम न सिर्फ क्षेत्र में बढ़ते विश्वास का संकेत है, बल्कि माओवादी नेटवर्क के कमजोर पड़ने की दिशा में भी बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है।
किन-किन माओवादियों ने किया सरेंडर?
- माड़ डिवीजन के DVCM सदस्य
- पीएलजीए कंपनी नंबर–06 के मिलिट्री कैडर
- एरिया कमेटी सदस्य
- टेक्निकल टीम के सदस्य
- मिलिट्री प्लाटून के PPCM व अन्य
- एसजेडसीएम भास्कर की गार्ड टीम के सदस्य
- सप्लाई टीम और LOS सदस्य
- जनताना सरकार के स्थानीय पदाधिकारी
तीन हथियार सुरक्षा बलों को सौंपे
समर्पण के दौरान तीन माओवादियों ने अपने पास मौजूद एसएलआर, इंसास और .303 रायफल सुरक्षा बलों को सौंप दिए। पुलिस ने इसे सरकार और व्यवस्था पर बढ़ते भरोसे का संकेत बताया है।
नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुड़िया ने बताया कि वर्ष 2025 में अभी तक जिले में 287 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। वहीं, बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा कि पिछले 50 दिनों में ही बस्तर में 512 से अधिक माओवादी हथियार डाल चुके हैं।
नारायणपुर। जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के गोट गांव में आयोजित छट्ठी कार्यक्रम में खाना खाने के बाद फूड प्वॉइजनिंग से 5 ग्रामीणों की मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही नारायणपुर से स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और प्रभावित ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार छठी का खाना खाने के बाद कई लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं और उनका इलाज जारी है। दुर्गम इलाके में होने के कारण, भैरमगढ़ से भी विशेष मेडिकल टीम को रवाना किया गया। एक मरीज को गंभीर हालत भैरमगढ़ उप-स्वास्थ्य केंद्र लाकर उपचार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने और संदिग्ध भोजन से दूर रहने की अपील की है। घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और स्वास्थ्य विभाग लगातार गांव में स्थिति पर नजर रखे हुए है।
नारायणपुर। नारायणपुर पुलिस और आईटीबीपी की 38वीं बटालियन ने माओवादियों के शीर्ष नेताओं के आश्रय स्थल माने जाने वाले ग्राम आदेर में नया सुरक्षा और जन सुविधा कैंप स्थापित किया है। यह कैंप नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में खोला गया है
बताया गया कि, नारायणपुर के अबूझमाड़ में 2025 में 11 वाँ कैंप है। जहां पहुंचने में जवानों को कठिनाई होती थी। इस कैंप के खुलने से स्थानीय लोगों को नक्सल हिंसा से निजात दिलाने में मदद मिलेगी। वहीं अबूझमाड़ के अंदरूनी इलाके में नवीन कैंप खोल विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी। जैसे कि सड़क निर्माण, पुल-पुलिया निर्माण, और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।
इस कैंप का उद्देश्य नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करना और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था में सुधार लाना है। इस नवीन कैंप के खुलने से क्षेत्र के लोगों में काफी उत्साह और सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। साथ ही, नक्सल विरोधी अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
नारायणपुर। नक्सल मुक्त जिला नारायणपुर के उद्देश्य से नक्सल विरोधी अभियान अपने चरम पर है। इसी तारतम्य में आज दिनांक 09.10.2025 को थाना धनोरा क्षेत्रांतर्गत डी-माइनिंग/सर्चिंग अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान आईईडी होने की आशंका पर बीडीएस टीम द्वारा सावधानीपूर्वक सर्च किया गया, जिसमें ग्राम इकनार के जंगल पहाड़ी से 01 नग कुकर कमांड आईईडी (05 किग्रा) बरामद हुए।
तत्पश्चात बीडीएस टीम द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही सुरक्षित तरीके से आईईडी नष्टीकरण की कार्यवाही की गई। यह बरामदगी नक्सलियों की सक्रियता की पुष्टि करती है, जो सुरक्षा बलों एवं आम नागरिकों को हानि पहुँचाने की मंशा से विस्फोटक लगाते हैं। पुलिस बल एवं सुरक्षा एजेंसियाँ निरंतर सघन सर्चिंग एवं डी-माइनिंग ऑपरेशन चलाकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं।
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में दो माओवादियों को मार गिराया गया। साथ ही मौके से मृत नक्सलियों का शव और एके-47, सहित अन्य हथियार व भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना
जानकारी के मुताबिक, नारायणपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि अबूझमाड़, महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र में बड़ी संख्या में माआवादी पहुंचे है और उनके द्वारा किसी घटना को अंजाम देने के लिए योजना बनाई जा रही है।
इस सूचना के बाद सुरक्षा बलों की टीम के द्वारा सर्चिंग अभियान शुरू किया गया। जवानों को जंगल में आते नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से हुई फायरिंग में जवानों ने दो माओवादियों को मार गिराया है।
नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच रूक-रूक कर फायरिंग जारी है। फिलहाल मुठभेड़ स्थल से दो माओवादियों के शव को बरामद कर लिया गया है। मारे गये नक्लियों के शवों की शिनाख्त की जा रही है।
हथियार समेत अन्य सामग्री बरामद
मौके से AK-47 रायफल सहित अन्य हथियार तथा भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य, प्रचार-प्रसार सामग्री एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएँ बरामद की गई है।
अभियान अभी भी जारी
सर्च अभियान अभी भी लगातार जारी है। अभियान पूर्ण होने के बाद विस्तृत जानकारी अलग से दी जाएगी।
अदरबेड़ा व वाट्टेकल गाँव में नक्सली स्मारक ध्वस्त
नारायणपुर पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। 20 सितम्बर को पुलिस की डीआरजी नारायणपुर तथा आईटीबीपी की 29वीं एवं 38वीं वाहिनी की एस.ए.टी टीम ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाकर अदरबेड़ा और वाट्टेकल गाँव में बनाए गए नक्सली स्मारक को ध्वस्त किया।
यह स्मारक नक्सलियों द्वारा थुलथुली मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की याद में बनाया गया था। नक्सली ऐसे स्मारकों के माध्यम से ग्रामीणों के बीच भय व प्रभाव जमाने तथा अपनी विचारधारा को प्रचारित करने की कोशिश करते हैं।
नारायणपुर पुलिस व सुरक्षा बलों ने इस कार्रवाई के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया है कि नक्सलवाद, उसकी विचारधारा और उसके प्रतीक चिन्ह किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। स्मारक ध्वस्त किए जाने से ग्रामीणों में सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास और मनोबल में वृद्धि हुई है तथा क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सली बैकफुट पर आ गए है और सरकार से सीजफायर की अपील की है. वहीं इसी बीच नारायणपुर में 5 महिला सहित कुल 12 माओवादियों ने सरेंडर किया है. सभी माओवादियों पर कुल 18 लाख का इनाम घोषित था. इस दौरान BSF, व ITBP के अधिकारी भी मौजूद रहे.
बता दें कि दंतेवाड़ा सीमा पर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है. नक्सलियों की मीटिंग और जमावड़े की सूचना पर सुरक्षा बलों ने ये सर्च ऑपरेशन चलाया है.
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां 30 लाख रुपये के 8 इनामी नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन नक्सलियों ने नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। सरेंडर करने वालों में 6 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल है।
बता दें कि, पुलिस के लगातार दबाव, नियाद-नेल्लानार विकास योजना और सरकार की पुनर्वास नीति के असर से नक्सली संगठन को करारा झटका लगा है। इंद्रावती एरिया कमेटी में नक्सलियों के डॉक्टर के नाम से चर्चित सुखलाल उर्फ़ मुकेश ने अपने साथियों के साथ नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। कुल 08 सक्रिय माओवादी पुलिस के सामने मुख्यधारा में लौट आए।
आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादियों पर सरकार ने कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। आत्मसमर्पण करने वालों में इंद्रावती एरिया कमेटी के डॉक्टर सुखलाल की मौजूदगी नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, यह आत्मसमर्पण नक्सलियों के खोखले होते संगठन और विकास की ओर बढ़ते ग्रामीणों की सोच को दर्शाता है। पुलिस का दावा है कि, लगातार विकास कार्यों को गांव-गांव तक पहुँचाने, योजनाओं के लाभ और सुरक्षा बलों के दबाव से नक्सली संगठन कमजोर हो रहा है।
वहीं नियाद-नेल्लानार योजना ने विशेषकर अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों के नेटवर्क को कमजोर करने का काम किया है और इस आत्मसमर्पण के बाद नक्सली संगठन के चिकित्सा और इलाज व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ेगा, क्योंकि डॉक्टर सुखलाल उर्फ़ मुकेश नक्सलियों के बीच इलाज और मेडिकल सपोर्ट का प्रमुख जिम्मेदार माना जाता था।
नारायणपुर। पीएलजीए प्लाटून क्रमांक-01 के कमांडर और डिवीजनल कमेटी स्तर के माओवादी राहुल पुनेम की मुठभेड़ में मारे जाने को अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। यह प्लाटून वरिष्ठ माओवादी नेताओं के सुरक्षित आवागमन हेतु प्रमुख रूप से उपयोग में लाया जाता था।
“माड़ बचाओ अभियान” के अंतर्गत ऑपरेशन मानसून के तहत परिया-काकुर ऑपरेशन नारायणपुर पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस अभियान में कुल 06 माओवादी, जिन पर ₹48 लाख का कुल इनाम था, मारे गए।
मानसून जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति के बावजूद DRG, STF और BSF की संयुक्त टीमों ने अभूझमाड़ के कोर क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया।
मुठभेड़ स्थल से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं, जिनमें एक AK-47 राइफल, एक SLR राइफल, एक 12 बोर राइफल और 11 BGL लॉन्चर शामिल हैं। परिया-काकुर ऑपरेशन में 06 माओवादियों की मौत के साथ ही 2025 में अब तक बस्तर क्षेत्र में मारे गए माओवादियों की संख्या बढ़कर 204 हो गई है।
पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिनसन गुरिया ने बताया कि अभूझमाड़ के परिया-काकुर जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की विश्वसनीय सूचना के आधार पर 17 जुलाई 2025 को संयुक्त अभियान शुरू किया गया। इसमें नारायणपुर, कांकेर, बस्तर और कोंडागांव जिलों के DRG जवान, छत्तीसगढ़ STF और BSF की 129वीं, 133वीं व 135वीं बटालियन शामिल थीं।
18 जुलाई 2025 की दोपहर से सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही। 19 जुलाई 2025 को बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिनसन गुरिया तथा BSF, STF और DRG के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर मारे गए माओवादियों की पहचान और बरामद हथियारों की जानकारी साझा की।

मारे गए माओवादी कैडर की प्रारंभिक पहचान इस प्रकार है:
1. राहुल पुनेम उर्फ लच्छू पुनेम (आयु 38 वर्ष)
गांव: डल्ला, जिला सुकमा
पद: DVCM, कमांडर, PLGA प्लाटून क्रमांक-01
2. उंगी टाटी (आयु 24 वर्ष)
गांव: सुरपनागुड़ा, थाना जगरगुंडा, जिला सुकमा
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01
3. मनीषा (आयु 25 वर्ष)
गांव: वाला, थाना सोनपुर, जिला नारायणपुर
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01
4. टाटी मीना उर्फ सोमरी उर्फ छोटी (आयु 22 वर्ष)
गांव: टोडका, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01
5. हरीश उर्फ कोसा (आयु 25 वर्ष)
गांव: कमलापुरम, थाना पामेड़, जिला बीजापुर
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01
6. कुड़ाम बुधरी (आयु 21 वर्ष)
गांव: मालसकट्टा, थाना धनोरा, जिला नारायणपुर
पद: PM, सदस्य, PLGA प्लाटून क्रमांक-01
इन सभी माओवादियों पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ₹08 लाख का इनाम घोषित था। इस प्रकार कुल ₹48 लाख का इनाम इन 06 माओवादियों पर घोषित था।
मुठभेड़ स्थल से बरामद हथियार व सामग्री:
1. AK-47 राइफल – 01 नग
2. SLR राइफल – 01 नग
3. BGL लॉन्चर – 11 नग
4. 12 बोर राइफल – 01 नग
5. BGL सेल – 83 नग
6. भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य एवं दैनिक उपयोग की सामग्री
पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिनसन गुरिया ने कहा:
“बस्तर से नक्सलवाद को समाप्त करने के निर्णायक चरण में हम प्रवेश कर चुके हैं। जो लोग इसकी खोखली विचारधारा से भ्रमित हैं और विकास की राह में बाधा बन रहे हैं, उन्हें आत्मसमर्पण कर सम्मानपूर्वक जीवन अपनाना चाहिए। अन्यथा उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।”
उप पुलिस महानिरीक्षक कांकेर रेंज अमित तुकाराम कांबले तथा BSF नारायणपुर के उप महानिरीक्षक श्री पी.के. दुबे ने कहा कि सुरक्षा बलों के निरंतर दबाव के चलते अभूझमाड़ में माओवादियों का आधार कमजोर हो चुका है और क्षेत्र अब समावेशी विकास की दिशा में बढ़ रहा है।
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा:
“पूरे बस्तर संभाग में प्रतिबंधित व अवैध माओवादी संगठन CPI (Maoist) के विरुद्ध एक सशक्त अभियान जारी है। वर्ष 2025 के शुरुआती छह महीनों में ही 204 माओवादी विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए हैं। बस्तर पुलिस इस अभियान की गति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। मानसून जैसी विषम परिस्थिति में भी यह सफलता सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है कि बस्तर में स्थायी शांति, प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।”
प्रेस वार्ता के दौरान निम्न
नवाल सिंह (कमांडेंट, 135वीं बटालियन BSF), एन.एस. कुटियाल (कमांडेंट, 133वीं बटालियन BSF), आकाश शुक्ला (अपर पुलिस अधीक्षक STF), अक्षय साबद्रा (अपर पुलिस अधीक्षक, नक्सल ऑप्स) उपस्थित रहे:
साथ ही, उप पुलिस अधीक्षकगण – आशीष नेटाम, कुलदीप बंजारे, अमृता पैकरा, लोकेश बंसल,मनोज मंडावी, अरविंद किशोर खलखो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, फील्ड कमांडर और जवान भी प्रेस वार्ता में उपस्थित रहे।
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ के घने जंगलों से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। नारायणपुर-महाराष्ट्र सीमा पर नक्सल विरोधी अभियान के तहत चल रही सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जमकर मुठभेड़ हुई, जिसमें छह कुख्यात नक्सली लीडर ढेर कर दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, मारे गए सभी नक्सली संगठन के शीर्ष स्तरीय सक्रिय सदस्य थे। जवानों ने मुठभेड़ के बाद इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया, जहां से AK-47 राइफल, SLR, भारी संख्या में विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग के सामान बरामद किए गए हैं।
लगातार चल रही थी माओवादियों की सघन निगरानी
अबूझमाड़ इलाके में माओवादियों की बढ़ती गतिविधियों की सूचना पहले से ही खुफिया एजेंसियों को थी। इसी के आधार पर सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। शनिवार दोपहर से ही रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी रही, जो घंटों चली। मुठभेड़ में जवाबी कार्रवाई में छह नक्सलियों को ढेर कर दिया गया।
ऑपरेशन अब भी जारी
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और सर्चिंग ऑपरेशन अभी भी चल रहा है। माना जा रहा है कि जंगल में कुछ और नक्सली घायल हालत में भागे हैं, जिनकी तलाश जारी है। जवानों को किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट रखा गया है।
मारे गए नक्सलियों की पहचान जारी
फिलहाल मारे गए नक्सलियों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इनमें से कुछ नक्सली इनामी और पुराने अपराधी हो सकते हैं, जिन पर पहले से गंभीर मामलों में केस दर्ज हैं।
नारायणपुर। दो बच्चों की जान बचाने 10किमी दौड़कर रक्तदान करने पहुंचे जवान जिला अस्पताल नारायणपुर में विगत चार दिनों से मलेरिया व खून की कमी होने से भर्ती रोहित दुग्गा व रोशन दुग्गा पिता रामलाल दुगा निवासी कातुलबेड़ा (एड़का) नारायणपुर से हैं, जिन्हें बहुत ज्यादा खून की कमी होने से शरीर में सूजन आ गया था। इस बीच डॉक्टर ने बच्चों को खून चढ़ाने के लिए शीघ्र खून की व्यवस्था करने की बात कही रामलाल दुग्गा ने बच्चों के लिए खून की व्यवस्था को लेकर पत्रकार संतोष नाग से चर्चा किया, इस पर पत्रकार संतोष नाग ने खून की आवश्यकता को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।
उस पोस्ट के आधार पर 29वीं वाहिनी COB कमांडेड दुष्यंत राज जयसवाल के निर्देशानुसार दोनों बच्चे रोहित दुग्गा रोशन दुग्गा को रक्तदान करने के लिए 29वीं वाहिनी COB नेलवाड़ से दो जवानों को तैयार कर जिला अस्पताल नारायणपुर भेजा गया। इस पर 29वीं वाहिनी के दो जवान सुवेन्द्र घोष व निलेश कुमार दिल में देशभक्ति लिए देश की रक्षा के साथ-साथ मानवता का परिचय देते हुए बच्चे, रोहित दुग्गा व रोशन दुगा को रक्तदान करने COB नेलवाड़ से लगभग 10 किलोमीटर दौड़ते हुए जिला अस्पताल नारायणपुर पहुंचे, और बच्चों को रक्तदान किया। रक्तदान पश्चात बच्चों के माता-पिता ने जवानों की ऐसी जन सेवा और मानवता को दिल से नमन करते हुए आभार व्यक्त किया। वहीं जवान निलेश कुमार व सुवेन्द्र घोष ने बच्चों से मिलकर बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य व उनके उज्जवल भविष्य की कामना किया।
नारायणपुर : राज्य में एक ओर जहां नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी है, वहीं दूसरी ओर सरकार की पुनर्वास नीति भी असर दिखा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को नारायणपुर में 22 नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जिनमें 8 महिला नक्सली भी शामिल हैं।
ये सभी नक्सली अबूझमाड़ क्षेत्र में सक्रिय थे और आमदई, नेलनार तथा कुतुल एरिया कमेटी से जुड़े हुए थे। जानकारी के अनुसार, पुलिस के लगातार दबाव, मुठभेड़ों में वरिष्ठ नक्सली नेताओं के मारे जाने और मुख्यधारा से जुड़ने की इच्छा के चलते इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया।
सुरक्षा बलों के अनुसार, ये नक्सली लंबे समय से संगठन में रहकर आईईडी प्लांट करने, पुलिस मूवमेंट ट्रेस करने और जनताना सरकार के विस्तार जैसी गतिविधियों में संलिप्त थे।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में अब तक कुल 110 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। आत्मसमर्पण करने वाले इन 22 नक्सलियों पर कुल मिलाकर 37.50 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
नारायणपुर : छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दो महिला नक्सलियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान पारो हप्का और सुनीता उर्फ संगीता मंडावी के रूप में हुई है। दोनों नक्सली माड़ डिवीजन के कुतुल एलओएस (लोकल ऑपरेटिंग स्क्वाड) में सक्रिय थीं।
गिरफ्तारी कोहकामेटा थाना क्षेत्र में की गई, जहां ये दोनों लंबे समय से जनताना सरकार के विस्तार, युवाओं की भर्ती, माओवादी विचारधारा के प्रचार और पुलिस पर हमले की साजिशों में शामिल थीं।
मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की है। जब्त सामानों में 12 बोर बीजीएल लॉचर बंदूक, 2 बीजीएल बम, 1 टिफिन बम, 1 डेटोनेटर, 24 पेंसिल सेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
नारायणपुर : छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह मुठभेड़ अबूझमाड़ के जंगल में हुई।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ उस समय हुई जब सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम माओवादी कैडरों की मौजूदगी की सूचना पर नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी।
मारी गई दो महिला नक्सली
पुलिस अधिकारी ने बताया की नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बीच-बीच में गोलीबारी हो रही थी। इस मुठभेड़ के दौरान दो महिला नक्सलियों को सुरक्षाकर्मियों ने ढेर कर दिया है।
बस्तर आईजी ने दी जानकारी
आईजी बस्तर पी सुंदरराज ने बताया कि 25 जून की शाम नारायणपुर के अबूझमाड़ के जंगल में नक्सलियों और DRG-STF के संयुक्त बलों के बीच मुठभेड़ में दो महिला नक्सलियों के शव बरामद किए गे।
उन्होंने बताया कि सर्चिंग के दौरान एक इंसास राइफल, एक .315 हथियार, मेडिकल सामान और अन्य नकली सामग्री बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ अभी भी जारी है।
नारायणपुर । पुलिसकर्मी के घर में घुसकर पहले तो बाइक में आग लगा दी और फिर पास में नक्सली पर्चा फेंक दिया। मामला नारायणपुर के करलाखा के डिबरी पारा का है। अब पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि ये नक्सलियों की करतूत है या फिर नक्सलियों की आड़ लेकर कोई और गेम खेल रहा है।
जानकारी के मुताबिक मोटर सायकल को आग के हवाले कर नक्सली पर्चा फेंका गया है। जिस घर में घटना को अंजाम दिया गया उस घर लोग पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। जानकारी के मुताबिक ये पूरी घटना बीती रात की है। जहां, पुलिस जवान के घर में घुसकर बाहर खड़ी बाइक को आग के हवाले कर पास में नक्सली पर्चा फेंका।
हालांकि परिवारजनों की आशंका है कि यह कृत्य नक्सली संगठन का नहीं, बल्कि आपसी दुश्मनी का हो सकता है। मामला नारायणपुर जिले के थाना भरंडा के ग्राम करलखा का बताया जा रहा है। अब पुलिस इस मामले में हर एंगल पर जांच कर रही है।आपको बता दें कि हाल के दिनों नारायणपुर के अबूझमाड़ में कई बड़े नक्सल आपरेशंस लांच हुए हैं। नक्सल चीफ बसवराजू भी अबूझमाड़ में ढेर हुआ है। ऐसे में नारायणपुर में नक्सली छिटपुट वारदातों को अंजाम देंगे, इसकी गुंजाइस ना के बराबर है। लिहाजा पुलिस इस मामले की बारीकी से जांच में जुटी है, ताकि घटना की वजह के तह तक पहुंच सके।
नारायणपुर : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र नारायणपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां दंतेवाड़ा और बीजापुर की सीमावर्ती इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जवानों ने इस मुठभेड़ में करीब 27 नक्सलियों का एनकाउंटर कर दिया हैं। फिलहाल अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार ही।
बताया जा रहा है कि इस नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ अभी भी जारी है, जिनमें बड़े कैडर के नक्सली भी शामिल बताए जा रहे हैं। यह ऑपरेशन दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर जिलों की सरहद पर चल रहा है।
इस मुठभेड़ में DRG, STF और BSF के जवान शामिल हैं। खबर है कि ऑपरेशन को गुप्त इनपुट के आधार पर अंजाम दिया गया है, और सुरक्षाबलों को इस अभियान में बड़ी सफलता मिली है।
नारायणपुर : जिले की लोक संस्कृति, देव मान्यता और परंपरा का जीवंत प्रतीक बड़ बुन्दीन माता मेला ग्राम पंचायत बिंजली में 25 अप्रैल को बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ आरंभ हुआ। मेले की शुरुआत बड़ बुन्दीन माता मंदिर में पारंपरिक पूजा-अर्चना और परघाव के साथ विधिवत रूप से हुई।
मेले के शुभारंभ पर आस-पास के गांवों से बड़ी संख्या में स्थानीय देवी-देवताओं के प्रतीक स्वरूप डंगई, लाठ, डोली और छत्र के साथ देव परिक्रमा की रस्म संपन्न की गई। इस दौरान तीन परिक्रमा की परंपरा का पालन करते हुए श्रद्धालुओं ने रास्ते में पूजा-अर्चना की। समागम स्थल पर शीतला माता, कोकोड़ी करीन, कंकालीन माता, कोट गुड़ीन सहित अनेकों ग्राम देवी-देवताओं का आगमन हुआ। इनके साथ सिरहा, पुजारी और गायता भी पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित रहे।
पारंपरिक वाद्य यंत्रों जैसे मांदर, ढोलक और मोहरी की मधुर धुनों पर देवी-देवताओं की झूमती टोलियों ने समां बांध दिया। कार्यक्रम को देखने के लिए आसपास के गांवों की महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सैकड़ों की संख्या में उपस्थित होकर आनंदित हुए।
बड़ बुन्दीन माता मेला क्षेत्र का एक प्रमुख लोकोत्सव माना जाता है। इस वर्ष भी मेले की रौनक देखते ही बन रही है। मेले में दैनिक उपयोग की वस्तुओं, फैंसी आइटम्स और मिष्ठान की दुकानों से माहौल और भी रंगीन हो गया है।
ग्राम पंचायत बिंजली द्वारा मेला आयोजन के लिए पार्किंग, पेयजल, विद्युत और सुरक्षा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्रीय लोक परंपरा और संस्कृति की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करता है।
नारायणपुर । जिले में बीजेपी नेता रतन दुबे हत्याकांड मामले में एनआईए को बड़ी सफलता मिली है। दरअसल एनआईए की टीम ने कांग्रेस नेता शिवानंद नाग को गिरफ्तार किया है। टीम ने उसे रायपुर के मौहदापारा इलाके से पकड़ा है। NIA की टीम इस मामले की लंबे समय से जांच कर रही थी।
नारायणपुर :- जिला नारायणपुर थाना कोहकामेटा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम कसोड़, कुमुरादी व आसपास के क्षेत्रों में नक्सल संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए कैम्प पदमकोट से दिनांक 14.04.2025 को डीआरजी नारायणपुर एवं आईटीबीपी 41वीं वाहिनी की संयुक्त बल नक्सल विरोधी अभियान पर रवाना हुई थी।
सर्चिंग गश्त के दौरान दिनांक 15.04.2025 को ग्राम कसोड़-कुमुरादी के बीच जंगल पहाड़ी में सुरक्षा बलों का हथियारबंद सीनियर माओवादी कैडरों के साथ 2 से 3 घंटे भीषण मुठभेड़ हुई जिसमें हथियारबंद सीनियर माओवादी कैडर सुरक्षा बलों को भारी पड़ता देख एवं अपने आपको घिरता देख भारी मात्रा में नगदी रकम सहित विस्फोटक सामग्री एवं दैनिक उपयोगी सामग्री छोड़कर जान बचाकर भागे।
फायरिंग बंद होने के पश्चात सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र का सघन सर्चिंग किया गया जिसमें घटना स्थल से नगद राशि 6,00000/- (शब्दो में छः लाख रूपये), लेपटॉप 11 नग, 50 किग्रा बारूद, 30 किग्रा शोरा नामक पदार्थ, 20-20 लीटर पेट्रोल-डीजल, 2 कुकर बम, एसएलआर का जिंदा कारतूस 130 नग, 12बोर का जिंदा कारतूस 25 नग, .303 का जिंदा कारतूस 18 नग, कार्डेक्स वायर 2 बंडल, बिजली वायर 10 बंडल, 1 नग नक्सली वर्दी, विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रानिक डिवाईस, दवाईयॉं, टिफिन, नक्सल साहित्य, जूते सहित अन्य दैनिक उपयोगी सामान मिला।
बरामद नक्सल सामग्री में से विस्फोटक सामग्री बारूद, शोरा नामक पदार्थ, पट्रोल-डीजल, कुकर बम, इलेक्ट्रीक वायर एवं विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रानिक डिवाईस, दवाईयॉं, टिफिन, नक्सल साहित्य, जूते सहित अन्य दैनिक उपयोगी सामान को मौके पर सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सुरक्षात्मक तरीके से नष्ट किया गया। उक्त सफलतापूर्ण नक्सल विरोधी अभियान में नारायणपुर डीआरजी एवं आईटीबीपी 41वीं वाहिनी की विशेष भूमिका रही है।
सुरक्षा बलों की इस कार्यवाही से नक्सलियों को भारी आर्थिक तथा रणनीतिक क्षति होने के साथ-साथ उन्हें यह साफ संदेश गया है कि अब वे माड़ के किसी क्षेत्र में सुरक्षित नहीं है, उनके आश्रय स्थल सिमटते जा रहे है। अब नक्सल मुुक्त बस्तर की परिकल्पना साकार रूप ले रही है।
एसपी नारायणपुर प्रभात कुमार (भा.पु.से.) ने कहा कि अबूझमाड़ दुर्गम जंगल एवं विकट भौगोलिक परिस्थतियों में रहने वाले मूल निवासियों को नक्सलवादी विचारधारा से बचाना और उन्हें माओवादी सिद्धांतो के आकर्षण से बाहर निकालना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है, ताकि क्षेत्र में विकास एवं शांति कायम हो सके। हम सभी नक्सली भाई-बहनों से अपील करते हैं कि उनका बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा को त्याग कर शासन की आत्म समर्पण पुर्नवास नीति को अपनाकर समाज की मुख्यधारा से जुड़कर हथियार एवं नक्सलवाद विचारधारा का पूर्णतः त्याग एवं विरोध करें। अब समय माड़ को वापस उसके मूलवासियों को सौंप देने का है जहाँ वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सके।
पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी. (भा.पु.से.) ने कहा कि वर्ष 2025 के शुरूवात में ही माआवेादी संगठनों के शीर्ष नेत्त्व को सुरक्षा बलोें द्वारा भारी क्षति पहुंचाई गई है। जिसमें डीकेएसजेडसी, डीव्हीसी, एसीएम एवं अन्य छोटे कैडरों के माओवादियों का भारी संख्या में मारे जाने से काफी क्षति हुई है। प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादियों संगठन के पास अब हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा और कोई विकल्प नही बचा है इसलिए माओवादी संगठन से अपील है कि वे तत्काल हिंसात्मक गतिविधियों को छोड़कर समाज की मुख्य धारा में जुडे़ अन्यथा परिणाम भुगतने को तैयार रहे।





























