नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
Previous123456789...479480Next
मां दुर्गा की भक्ति में डूबेगा देश, जानें नवरात्रि की सभी खास तिथियां और पूजा से जुड़ी जरूरी बातें

मां दुर्गा की भक्ति में डूबेगा देश, जानें नवरात्रि की सभी खास तिथियां और पूजा से जुड़ी जरूरी बातें

 Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। नवरात्रि के दौरान देशभर में मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना, व्रत, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। इस दौरान भक्त मां दुर्गा की आराधना कर सुख-समृद्धि, शांति, शक्ति और खुशहाली की कामना करते हैं।

इस बार भी नवरात्रि को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिलेगा। पितृ पक्ष के बाद मां दुर्गा की आराधना का सिलसिला शुरू होगा और नौ दिनों तक अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाएगी। नवरात्रि के अंतिम चरण में अष्टमी और नवमी के विशेष अनुष्ठान होंगे, जिसके बाद विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा।

घटस्थापना का क्या है महत्व?

नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना या कलश स्थापना से होती है। इसे नवरात्रि के सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कलश को देवी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के पहले दिन पूजा स्थल की साफ-सफाई करने के बाद विधि-विधान से कलश की स्थापना की जाती है।

कलश स्थापना के दौरान कलश में जल भरकर उसमें आवश्यक पूजन सामग्री रखी जाती है। इसके ऊपर आम या अशोक के पत्ते और नारियल रखने की परंपरा है। कई घरों में कलश के साथ जौ भी बोए जाते हैं। नवरात्रि के दौरान इन जौ की बढ़ती हरियाली को शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है।

घटस्थापना हमेशा शुभ मुहूर्त देखकर करने की परंपरा है। इसके लिए स्थानीय पंचांग को देखना जरूरी होता है, क्योंकि अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और स्थानीय समय के अनुसार मुहूर्त में कुछ अंतर हो सकता है।

नवरात्रि के नौ दिनों में किस देवी की पूजा होती है?

नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। प्रत्येक स्वरूप का अपना धार्मिक महत्व माना गया है।

पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री को शक्ति और स्थिरता का स्वरूप माना जाता है। नवरात्रि की शुरुआत भक्त मां शैलपुत्री की आराधना और घटस्थापना के साथ करते हैं।

दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। धार्मिक मान्यता में मां ब्रह्मचारिणी को तप, त्याग और संयम का स्वरूप माना गया है।

तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। मां चंद्रघंटा को साहस और शांति से जुड़ा स्वरूप माना जाता है।

चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है। मान्यता है कि मां कूष्मांडा की आराधना से भक्तों को सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति प्राप्त होती है।

पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां स्कंदमाता को ममता और वात्सल्य का स्वरूप माना जाता है।

छठे दिन मां कात्यायनी की आराधना होती है। भक्त मां कात्यायनी की पूजा कर सुख-शांति और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।

सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि को शक्ति का उग्र स्वरूप माना गया है और उनकी आराधना भय से मुक्ति की कामना के लिए की जाती है।

आठवें दिन मां महागौरी की पूजा होती है। मां महागौरी को शांति, पवित्रता और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना के साथ नवरात्रि के धार्मिक अनुष्ठानों का समापन माना जाता है।

अष्टमी और नवमी पर विशेष पूजा

नवरात्रि में अष्टमी और नवमी का विशेष महत्व माना जाता है। इन दिनों देवी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। कई स्थानों पर कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन भी किया जाता है।

कन्या पूजन के दौरान छोटी कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है। उन्हें भोजन कराया जाता है और अपनी श्रद्धा के अनुसार उपहार या दक्षिणा दी जाती है। कई परिवारों में अष्टमी या नवमी के दिन व्रत का पारण भी किया जाता है।

इस बार पंचांग के अनुसार अष्टमी और नवमी से जुड़े प्रमुख अनुष्ठानों को लेकर तिथियों का विशेष संयोग बन रहा है। इसलिए पूजा करने वाले श्रद्धालुओं को अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा का समय देखना चाहिए।

नवरात्रि में व्रत रखने की परंपरा

नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखते हैं। कुछ लोग पूरे नौ दिन उपवास करते हैं, जबकि कई लोग पहले और अंतिम दिन व्रत रखते हैं। व्रत के दौरान फलाहार और सात्विक भोजन करने की परंपरा है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि में व्रत और मां दुर्गा की पूजा करने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। हालांकि व्रत रखने वाले लोगों को अपनी शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।

नवरात्रि के दौरान क्या करें?

नवरात्रि में सुबह स्नान करने के बाद पूजा स्थल की साफ-सफाई करें। मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और विधि-विधान से पूजा करें। अपनी श्रद्धा के अनुसार दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा या देवी मंत्रों का पाठ कर सकते हैं।

नवरात्रि के दौरान घर में सात्विक वातावरण बनाए रखने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने की भी परंपरा है। मंदिर जाकर मां दुर्गा के दर्शन करना और अपनी श्रद्धा के अनुसार दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है।

नवरात्रि के बाद दशहरा क्यों मनाया जाता है?

नवरात्रि के नौ दिनों के बाद विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था। इसलिए दशहरे को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में दशहरे का पर्व अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। कई शहरों में बड़े मैदानों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। वहीं कई स्थानों पर धार्मिक शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

घटस्थापना करते समय इन बातों का रखें ध्यान

घटस्थापना के लिए पूजा स्थल को सबसे पहले अच्छी तरह साफ करें। कलश स्थापना के लिए साफ और पवित्र स्थान का चयन करें। पूजा के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

कलश में स्वच्छ जल भरकर उसके ऊपर पत्ते और नारियल रखने की परंपरा है। इसके साथ जौ बोने की परंपरा भी कई घरों में निभाई जाती है। घटस्थापना शुभ मुहूर्त में करने की सलाह दी जाती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घटस्थापना का समय शहर के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए इंटरनेट पर किसी दूसरे शहर का मुहूर्त देखने के बजाय अपने शहर के स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय ज्योतिषीय स्रोत से समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना का महत्व

नवरात्रि केवल पूजा और व्रत का पर्व नहीं है, बल्कि इसे शक्ति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का उत्सव भी माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना करते हैं और अपने परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां दुर्गा शक्ति का स्वरूप हैं। नवरात्रि के दौरान उनकी आराधना करने से भक्तों में आत्मविश्वास, साहस और सकारात्मक सोच बढ़ने की कामना की जाती है।

नवरात्रि के दौरान मंदिरों में विशेष सजावट की जाती है और कई स्थानों पर गरबा, डांडिया तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। शहरों और गांवों में नवरात्रि की रौनक अलग ही देखने को मिलती है।

 
 
 
बिहार में बाढ़ का रौद्र रूप, 6 जिलों में हालात भयावह; डूबने से 20 लोगों की मौत

बिहार में बाढ़ का रौद्र रूप, 6 जिलों में हालात भयावह; डूबने से 20 लोगों की मौत

 पटना :- बिहार में बाढ़ की स्थिति और भयानक होती जा रही है। गंडक, गंगा, बागमती और घाघरा समेत अन्य नदियों के रौद्र रूप से छह जिलों पूर्वी-पश्चिम चंपारण के अलावा सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है। विशेषकर गंडक अब भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस कारण तटबंधों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि नदियों के जलस्तर में कमी हो रही है, लेकिन इसकी रफ्तार इतनी धीमी है कि बाढ़ पीड़ितों को जल्द राहत मिलने की गुंजाइश कम है। उधर, राज्य में बाढ़ के पानी में डूबने से 20 लोगों की मौत हो गई। जल संसाधन विभाग के मुताबिक, सारण के पानापुर और मकेर प्रखंड में क्षतिग्रस्‍त तटबंधों से फैला हुआ पानी पानापुर, करचौलिया, अमनौर, जगदीशपुर, मकेर, परसा से होते हुए आगे बढ़ रहा है, जो दरियापुर प्रखंड के हरदिया चौर में जमा होगा।

⁠हरदिया चौर से अतिरिक्त जल मुगल कैनाल के रास्‍ते गंगा नदी तथा नेऊरा और काकरा नाले से गंडक नदी में प्रवाहित होगा। ⁠वर्तमान में संभावित अतिरिक्त जलप्‍लावन क्षेत्र 22617 हेक्‍टेयर है। प्रभावित तटबंधों की सुरक्षा के लिए विभाग की ओर से रात में विशेष पेट्रोलिंग शुरू की गई है। गोपालगंज को पूर्वी चंपारण, गोपालगंज एवं सारण जिलों को जोड़ने वाली राम-जानकी पथ पर शुक्रवार को तीन फीट से अधिक बाढ़ का पानी बह रहा है। फैजुल्लाहपुर से शीतलपुर जमींदारी बांध तक करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क डूबी हुई है।

इसी तरह, पश्चिम चंपारण के गोलाघाट में टूटे चंपारण तटबंध से गंडक का पानी हरपुरवा होकर चंद्रावत में गिरने से बेतिया, बैरिया और नौतन में पानी फैल रहा है। शुक्रवार को पइन काटने के बाद तेज बहाव में बघमम्बरपुर के नीमुईया कुंड के पास पुलिया ध्वस्त हो गई, जिससे पुजहा-बेतिया मार्ग और करीब 50 गांवों का संपर्क कट गया। बैरिया-नौतन में सैकड़ों एकड़ फसल डूबी है और फुलियाखांड़ के सामने करीब 20 हजार लोग प्रभावित हैं। पूर्वी चंपारण के नवादा में दो फीट तथा केसरिया के मझरिया, कढान समेत तीन गांवों में पांच फीट पानी है। मुजफ्फरपुर में गंडक रेवा घाट पर 56 सेमी ऊपर, जबकि बूढ़ी गंडक कांटी में खतरे के निशान से 1.05 मीटर ऊपर है। समस्तीपुर में गंगा सरारी में 45.50 मीटर के खतरे के निशान से 1.40 मीटर ऊपर है और मोहिउद्दीननगर के कई गांवों व विद्यालयों में पानी पहुंच गया है

सारण में एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की 19 टीमें तैनात
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित सारण जिले में अतिरिक्त एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें भेजी जा रही हैं। सारण में पहले से एनडीआरएफ की पांच तथा एसडीआरएफ की तीन टीम तैनात हैं। स्थिति की भयावहता को देखते हुए बेतिया से एनडीआरएफ की तीन, गोपालगंज से दो, भागलपुर से दो और सुपौल से एक अतिरिक्त टीम सारण भेजी जा रही है। मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण से एसडीआरएफ की चार टीमें सारण भेजी गई हैं। इस प्रकार सारण में एनडीआरएफ की कुल 12 तथा एसडीआरएफ की सात टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी है।

वायुसेना जवान पहुंचा रहे सूखा राशन
सारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वायुसेना के हेलिकॉप्टर से अब तक 3000 से अधिक राशन पैकेट गिराए जा चुके हैं। शाम तक 5000 और राशन पैकेट गिराए गए। पटना से 10 हजार, सीवान से 15 हजार, भोजपुर-बक्सर और वैशाली से पांच-पांच हजार पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस प्रकार विभिन्न जिलों से कुल 40000 राशन पैकेट सारण भेजे जा रहे हैं। विभिन्न जिलों से कुल 75000 पॉलिथीन शीट सारण भेजी जा रही हैं। विभाग ने आपातकालीन स्थिति मे राज्य के आपातकालीन संचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 पर सम्पर्क करने को कहा है।

बिहार में डूबने से दो सगी बहनों समेत 20 की मौत
बिहार के आठ जिलों में बाढ़ के पानी में डूबने से शुक्रवार को दो सगी बहनों समेत 20 लोगों की मौत हो गई। सबसे अधिक पूर्वी चंपारण जिले में आठ की जान चली गई। सारण में बाढ़ के पानी में डूबकर चार की मौत हो गई, जबकि सात लोग लापता हैं। सीतामढ़ी भी दो बच्चों ने जान गंवा दी। बक्सर के सिमरी प्रखंड में एक किशोर और एक किशोरी की गंगा में डूबने से मौत हो गई। वहीं, गोपालगंज के रामनगर में बाढ़ के पानी में डूबने से बच्चे की मौत हो गई। वहीं, इसी तरह नालंदा के मानपुर गांव में सकरी नदी में डूबने से बच्चे की मौत हो गई। इसके अलावा मधुबनी-समस्तीपुर में भी एक-एक की मौत हो गई।

गोपालगंज में शीतलपुर में बांध टूटने पर तीन अभियंता हटाए गए
गोपालगंज जिले में शीतलपुर तटबंध टूटने के बाद जल संसाधन विभाग ने कार्यपालक अभियंता समेत तीन अभियंताओं को हटा दिया है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल गोपालगंज के कार्यपालक अभियंता मो. साजिद इकबाल और सहायक अभियंता जावेद अंसारी को पटना मुख्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया है। उनकी जगह नए अभियंताओं की तैनाती की गई है। विभाग के अनुसार प्रमोद कुमार को नया कार्यपालक अभियंता और रमण रणधीर वर्मा को सहायक अभियंता बनाया गया है।

PM Kisan 24वीं किस्त से पहले बड़ा अपडेट, किसानों के लिए बदले 4 अहम नियम

PM Kisan 24वीं किस्त से पहले बड़ा अपडेट, किसानों के लिए बदले 4 अहम नियम

  नई दिल्ली - प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 24वीं किस्त की डेट अभी तय नहीं है। यह 30 नवंबर से पहले कभी मिल सकती है। पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर आज की सबसे बड़ी खबर करोड़ों किसानों के लिए है। पीएम किसान पोर्टल पर 4 नए बदलाव हुए हैं।

क्या-क्या बदलाव हुए हैं, यह जानने से पहले बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मोदी सरकार किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता 2000-2000 रुपये के 3 किस्तों में देती है। अब तक 23 किस्तों में 4.47 लाख करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफार (DBT) के माध्यम से पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।

ये हैं पीएम किसान पोर्टल पर 4 जरूरी बदलाव

    कुछ छूट गया हो तो यहां ठीक करें
पीएम किसान पोर्टल पर दाएं तरफ ढेर सारे चौकोर खाने बने हुए हैं। इनमें पहली लाइन में चौथे नंबर पर लिखा होगा Update Missing Information, यह सुविधा उन किसानों के लिए है, जिन्होंने पोर्टल पर अपनी जानकारी अधूरी छोड़ी है। इसके लिए इस चौकोर खाने को टैप करें।

एक नया पेज खुलेगा। इसमें दो खाने दिए होंगे। पहले में आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालें। दूसरे में कैप्चा कोड भरें और सर्च पर टैप करें। आपको मिसिंग इन्फार्मेशन पता चल जाएगा और इसे आप यहीं से अपडेट करके सबमिट कर दें।

2. पीएम किसान पोर्टल पर अपडेट करें मोबाइल नंबर
अगर आपने हाल फिलहाल अपना मोबाइल नंबर बदला है या फिर आधार में नया नंबर जुड़वाया है तो इस बदलाव के बारे में आपको जानना बेहद जरूरी है। आप दूसरी लाइन में दूसरे चौकोर खाने पर टैप करें। यहां भी आप रजिस्ट्रेशन या आधार नंबर भरें। कैप्चा डालें और सर्च पर टैप करें। इसके बाद अपना आधार से लिंक्ड नंबर को डालकर अपडेट करें।

3. अगर अपात्र हैं तो ऑन लाइन रिफंड करें
अगर आप अपात्र होते हुए भी पीएम किसान की किस्त उठा रहे हैं तो आप ऑनलाइन रिफंड वाले खाने पर क्लिक करें । यहां भी रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर डालें। कैप्चा कोड डालकर Get OTP पर क्लिक करें। इसके बाद दिए गए निर्देशों को पूरा करें और अब तक गलत तरीके से मिले पीएम किसान के पैसे को रिफंड कर दें।

4. अपनी समस्यों के समाधान के लिए अधिकारियों का नंबर यहां पाएं
आप पीएम किसान पोर्टल के होम पेज पर जाएं और दाएं साइड बने बॉक्स में से Search your Point of Contact (POC) पर क्लिक करें। यहां एक पेज खुलेगा, जिसमें लिखा होगा State Nodal Contact Detail, अगर स्टेट नोडल का का नाम पता और नंबर चाहिए तो सर्च स्टेट नोडल पर क्लिक करें और जिले के अधिकारियों से संपर्क करना हो तो Search district Nodal पर।

इस टैब में आप अपना स्टेट सलेक्ट करें और इसके बाद डिस्ट्रिक्ट। सबमिट करें और आपके सामने नोडल अधिकारियों का नंबर और मेल आईडी होगी। उनसे संपर्क कर आप हेल्प ले सकते हैं।

रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी, दलहन-तिलहन पर सरकार का खास जोर

रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी, दलहन-तिलहन पर सरकार का खास जोर

 बांदा :- केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार ने इस बार गेहूं की तुलना में दलहन-तिलहन पर ज्यादा मेहरबानी दिखाई है।

गेहूं का एमएसपी 2585 से बढ़ाकर 2610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, यानी सिर्फ 25 रुपये की वृद्धि। जबकि चने में 83 रुपये, मसूर में 390 रुपये, रेपसीड-सरसों में 413 रुपये, जौ में 136 रुपये, कुसुम (तिलहन) में सबसे ज्यादा 675 रुपये बढ़ाया है। हालांकि जिले में कुसुम का उत्पादन किया ही नहीं जाता है।

दलहन और खाद्य तेलों के आयात को कम करने पर फोकस
सरकार की मंशा स्पष्ट है कि देश में गेहूं का बफर स्टाक पहले से ही पर्याप्त है। 2014-15 से 2025-26 के बीच 3715 लाख टन गेहूं की खरीद एमएसपी पर हुई है, जो 2004-05 से 2013-14 के 2254 लाख टन से काफी अधिक है। इसलिए अब फोकस दलहन और खाद्य तेलों के आयात को कम करने पर है। जिले के किसानों के लिए यह फैसला सीधे जेब से जुड़ा है। लेकिन गेहूं के दाम में कम बढ़ोतरी पर किसान मायूस हैं।

जिले में 3.39 लाख किसान हैं, जो करीब 3.77 लाख हेक्टेयर खेती में रबी फसलों की पैदावार करते हैंं। इसमें से 1.94 लाख खेती में किसान गेहूं की उपज पैदा करते हैं। जिले में रबी की मुख्य फसलें गेहूं, चना, मसूर और सरसों हैं।

अतिरिक्त लाभ का हिसाब
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते वर्ष 2026-27 में जिले की मंडियों और सरकारी क्रय केंद्रों पर कुल 6,00,120 क्विंटल गेहूं, 1,52,051 क्विंटल चना, 41,444 क्विंटल मसूर और 23,526 क्विंटल सरसों की खरीद/उत्पादन दर्ज किया गया था।

यदि इसी उत्पादन को आधार मानें तो नए बढ़े हुए एमएसपी से किसानों को होने वाले अतिरिक्त फायदे में गेहूं बीते वर्ष 6,00,120 क्विंटल हुआ, इसमें बढ़ोतरी धनराशि यदि 25 रुपये बढ़ा दिया जाए तो करीब 1.50 करोड़ रुपये की होगी। वहीं यदि चने की बात करें तो बीते वर्ष 1,52,051 क्विंटल का उत्पादन हुआ तो बढ़ोतरी 83 रुपये होने पर अतिरिक्त लाभ में करीब 1.26 करोड़ रुपये का सीधे लाभ होगा।

मसूर में भी बीते वर्ष 41,444 क्विंटल का उत्पादन हुआ, यदि बढ़ोतरी 390 रुपये होने पर किसानों को होने वाले फायदे की बात करें तो करीब 1.61 करोड़ रुपये का लाभ होगा। सरसों बीते वर्ष 23,526 क्विंटल हुई, बढ़ोतरी 413 रुपये की सरकार ने की तो इस हिसाब से करीब 97 लाख रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा।

यानी यदि आने वाले रबी सीजन में इतना ही उत्पादन हुआ तो बांदा के किसानों की जेब में पिछले साल के मुकाबले कुल पांच करोड़ 35 लाख दो हजार 631 रुपये अतिरिक्त आएंगे। इसमें सबसे ज्यादा फायदा मसूर और सरसों के किसानों को होगा। गेहूं सबसे ज्यादा पैदा होने के बावजूद सबसे कम लाभ देगा।

    पानी की कमी के कारण दलहन-तिलहन की खेती ज्यादा फायदेमंद है। एमएसपी बढ़ने से किसान को चना-मसूर-सरसों में ज्यादा फायदा होगा, किसानों को चाहिए चना, मसूर, सरसों जैसी खेती की ओर लौटें, जिससे भूजल बचेगा और फायदा भी अधिक होगा।

    -संजय कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बांदा

बढ़ोतरी एक नजर में

फसल 2026-27 2027-28 बढ़ोतरी
गेहूं 2,585 2,610 25
जौ 2,150 2,286 136
चना 5,875 5,958 83
मसूर 7,000 7,390 390
रेपसीड-सरसों 6,200 6,613 413
कुसुम (तिलहन) 6,540 7,215 675
EPFO का बड़ा अपडेट! नौकरी बदलते ही अपने आप ट्रांसफर होगा PF का पैसा

EPFO का बड़ा अपडेट! नौकरी बदलते ही अपने आप ट्रांसफर होगा PF का पैसा

 नई दिल्ली :- नौकरी बदलने पर पुरानी कंपनी के प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा नए खाते में ट्रांसफर कराने के लिए अब आपको अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने आधार से जुड़े यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) वाले पात्र सदस्यों के लिए पीएफ बैलेंस अपने आप ट्रांसफर करने की सुविधा शुरू की है. यानी नई कंपनी में नौकरी शुरू होने और जरूरी जानकारी दर्ज होने के बाद पुराने पीएफ खाते का पैसा अपने आप नए खाते में ट्रांसफर हो सकेगा। 

इस बदलाव का सीधा फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो समय-समय पर नौकरी बदलते रहते हैं. पहले पीएफ ट्रांसफर कराने के लिए अलग से रिक्वेस्ट डालनी पड़ती थी और कई बार प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता था. अब EPFO का मकसद इस काम को आसान बनाना और कर्मचारियों की रिटायरमेंट बचत को एक जगह बनाए रखना है. आइए, समझते हैं कि नया नियम कैसे काम करेगा और आपको क्या करना होगा। 

पहले नौकरी बदलने पर क्या होता था?

पुरानी व्यवस्था में नौकरी बदलने के बाद कर्मचारी को अपनी नई कंपनी में UAN की जानकारी देनी पड़ती थी. इसके बाद नए पीएफ खाते को पुराने खाते से जोड़ने और पैसा ट्रांसफर कराने के लिए अलग से रिक्वेस्ट डालनी पड़ती थी. यह ट्रांसफर रिक्वेस्ट EPFO के पोर्टल के जरिए ऑनलाइन की जा सकती थी. कुछ मामलों में ऑफलाइन प्रोसेस का विकल्प भी उपलब्ध था। 

इसके बाद नियोक्ता (Employer) और EPFO की ओर से जरूरी जांच पूरी की जाती थी. प्रक्रिया पूरी होने पर पुराने खाते का पैसा नए खाते में ट्रांसफर होता था. इस दौरान जानकारी में गड़बड़ी या दूसरी वजहों से देरी भी हो सकती थी. बार-बार नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए अलग-अलग पीएफ खातों का रिकॉर्ड संभालना भी मुश्किल हो जाता था। 

नए सिस्टम में कैसे होगा PF ट्रांसफर?
EPFO ने अपने सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज (CITES) प्लेटफॉर्म के जरिए पीएफ ट्रांसफर की प्रक्रिया को आसान बनाया है. इसके तहत आधार से जुड़े UAN वाले पात्र सदस्यों का पीएफ बैलेंस अपने आप ट्रांसफर किया जा सकेगा. इसे तीन चरणों में समझिए…

स्टेप 1: नई कंपनी में जॉइनिंग के समय अपना मौजूदा UAN दें. नौकरी बदलने पर नया UAN बनवाने के बजाय उसी UAN का इस्तेमाल करना जरूरी है.

स्टेप 2: नई कंपनी की ओर से आपकी जॉइनिंग और पीएफ से जुड़ी जरूरी जानकारी EPFO के रिकॉर्ड में दर्ज की जाएगी.

स्टेप 3: पात्रता की शर्तें पूरी होने पर पुराने पीएफ खाते का बैलेंस नए खाते में अपने आप ट्रांसफर हो सकेगा. इसके लिए अलग से ऑनलाइन या ऑफलाइन ट्रांसफर रिक्वेस्ट डालने की जरूरत नहीं होगी.

ध्यान रखें कि यह सुविधा आधार से जुड़े UAN और संबंधित पात्रता शर्तों पर लागू होती है. इसलिए यह सुनिश्चित कर लें कि आपका UAN आधार से जुड़ा है और आपकी जानकारी सही है.

एक UAN रखने से क्या फायदा होगा?
नौकरी बदलने पर कर्मचारी का UAN वही रहेगा, जबकि नई कंपनी के साथ नया पीएफ खाता जुड़ सकता है. ऑटोमैटिक ट्रांसफर की सुविधा से पुराने खाते में जमा रकम को नए खाते में लाना आसान होगा. इससे कर्मचारियों को कई फायदे मिल सकते हैं.

कम कागजी कार्रवाई: पीएफ ट्रांसफर के लिए बार-बार अलग आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

बचत का बेहतर हिसाब: पुरानी नौकरी में जमा पीएफ की रकम नए खाते में आने से कुल बचत को समझना आसान होगा.

सर्विस रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद: अलग-अलग नौकरियों का रोजगार रिकॉर्ड एक ही UAN के तहत देखा जा सकेगा.

समय की बचत: ट्रांसफर के लिए अलग से अनुरोध करने और उसकी स्थिति का इंतजार करने की जरूरत कम होगी.

हालांकि, पीएफ ट्रांसफर और अंतिम निकासी यानी फाइनल सेटलमेंट अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं. ऑटोमैटिक ट्रांसफर की सुविधा का मतलब यह नहीं है कि हर तरह का क्लेम भी अपने आप मंजूर हो जाएगा.

अपना PF और सर्विस रिकॉर्ड कैसे चेक करें?
अगर आपने हाल में नौकरी बदली है, तो यह देखना जरूरी है कि आपकी नई नौकरी और पीएफ खाते की जानकारी EPFO के रिकॉर्ड में सही दर्ज है या नहीं. इसके लिए इन चरणों का पालन करें…

    EPFO के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर जाएं.
    अपने UAN और पासवर्ड की मदद से लॉग इन करें.
    जरूरत पड़ने पर OTP के जरिए सत्यापन पूरा करें.
    पोर्टल पर उपलब्ध सर्विस हिस्ट्री सेक्शन में जाएं.
    यहां अपनी पिछली और मौजूदा नौकरी से जुड़ा रिकॉर्ड जांचें.

अगर नई कंपनी की जानकारी दिखाई नहीं दे रही है या रिकॉर्ड में कोई गलती है, तो पहले अपनी कंपनी के ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट (HRD) से संपर्क करें. UAN, आधार और दूसरी जरूरी जानकारी में अंतर होने पर उसे ठीक करवाएं.

EPFO के डिजिटल सिस्टम में कई बदलाव
EPFO अपने मेंबर सर्विस प्लेटफॉर्म को आसान बनाने के लिए कई बदलाव कर रहा है. इनमें पीएफ क्लेम की प्रक्रिया को तेज करना, भुगतान व्यवस्था में सुधार और अलग-अलग कार्यालयों पर निर्भरता कम करने जैसे प्रयास शामिल हैं. ऑटोमैटिक पीएफ ट्रांसफर भी इसी दिशा में एक कदम है. अगर आप नई कंपनी में शामिल हुए हैं, तो सबसे पहले अपना पुराना UAN इस्तेमाल करें और आधार लिंक होने के साथ अपनी जानकारी भी जांच लें. इससे पीएफ ट्रांसफर की प्रक्रिया आसान बनाने वाली इस सुविधा का लाभ लेने में मदद मिलेगी। 

जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

 जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
 
लोकभवन में ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ पर आधारित नाट्य श्रृंखला मंचन कार्यक्रम को किया संबोधित
 
मुख्यमंत्री बोले- जनधन खाते खोलने पर विपक्ष उड़ाता था खिल्ली, अब गरीब के खाते में सीधे पहुंच रहा उसका पैसा
 
2004 से 2014 के बीच भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में था अविश्वास: मुख्यमंत्री योगी
 
प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्ष की यात्रा बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके सेवा की यात्रा
 
प्रदेशभर में होगा नाट्य श्रृंखला का मंचन, स्थानीय बोलियों और लोकगीतों को भी जोड़ने के निर्देश
 
 लखनऊ :-
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनधन खाते खोले जा रहे थे तो विपक्ष खिल्ली उड़ाता था कि खाली खाते खोलकर क्या होगा। आज पता चल गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें खाली कराईं और गरीब का पैसा सीधे उसके खाते तक पहुंचाया। जिनकी जेबों तक जनता का पैसा पहुंचता था, उन्हें बुरा लगना और विरोध करना स्वाभाविक है।
 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकभवन सभागार में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ पर आधारित नाट्य श्रृंखला मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से चल रहे सेवा संकल्प अभियान के क्रम में संस्कृति विभाग के तहत भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
 
बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके 25 वर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात अक्टूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे करेंगे। यह बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके सेवा की यात्रा है। इसमें विरासत और विकास के समन्वय के साथ बिना भेदभाव योजनाओं को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाया गया।
 
उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने ऐसे समय गुजरात की जिम्मेदारी संभाली, जब राज्य भूकंप की त्रासदी से जूझ रहा था। इसके बाद दंगों की चुनौती भी आई। इन परिस्थितियों के बीच गुजरात तेजी से उभरते राज्य और विकास के मॉडल के रूप में सामने आया।
 
यूपीए सरकार के दस वर्षों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में अविश्वास था। आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के साथ अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी चुनौतियां थीं। वर्ष 2014 में गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताया।
 
उन्होंने कहा कि इसके बाद किसी जाति, मत, मजहब, क्षेत्र या भाषा के बजाय 140 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर योजनाएं आगे बढ़ाई गईं। पहले योजनाएं बनती थीं, लेकिन प्रभावी ढंग से जमीन तक नहीं पहुंचती थीं। आज गरीबों तक आवास, रसोई गैस, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
 
हवाई चप्पल वाला भी कर रहा हवाई यात्रा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं के लिए स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर बने हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट का विस्तार हुआ है। पहले कोई प्रधानमंत्री यह दावा नहीं कर पाया कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज की यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे केवल कहा नहीं, करके दिखाया।
 
उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर हर भारतीय के लिए प्रेरणा का दिन होना चाहिए। यह यात्रा 15 अगस्त 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने से जुड़ी है।
 
प्रदेशभर में होगा नाट्य श्रृंखला का मंचन
नाट्य प्रस्तुति में वर्ष 2001 के गुजरात भूकंप की तबाही से लेकर कच्छ के पुनर्निर्माण और नरेंद्र मोदी की जनसेवा की यात्रा को मंच पर उतारा गया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे पूरे प्रदेश में ले जाने के निर्देश दिए।
 
उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में भोजपुरी, मध्य क्षेत्र में अवधी, ब्रज में ब्रज भाषा और बुंदेलखंड में बुंदेलखंडी के शब्दों के साथ स्थानीय लोकगीत भी प्रस्तुति में जोड़े जाएं। मुख्यमंत्री ने बाल कलाकारों और भारतेंदु नाट्य अकादमी की टीम की सराहना की और कार्यक्रम के बाद कलाकारों के साथ तस्वीर खिंचवाई।
 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर नमन करते हुए श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
 
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में भाजपा अवध क्षेत्र के अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, लखनऊ जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, भाजपा के प्रदेश मंत्री अंकुर शर्मा व योगेंद्र पटेल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, पवन सिंह चौहान और प्रदेश सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

केन्द्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री शाह उज्जैन को देंगे 255 करोड़ रूपये के अत्याधुनिक डेयरी प्लांट की सौगात

केन्द्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री शाह उज्जैन को देंगे 255 करोड़ रूपये के अत्याधुनिक डेयरी प्लांट की सौगात

  केन्द्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री शाह उज्जैन को देंगे 255 करोड़ रूपये के अत्याधुनिक डेयरी प्लांट की सौगात

केंद्रीय सहकारिता मंत्री 3 अक्टूबर को करेंगे डेयरी प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन

प्लांट की शुरूआत 3 लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता से होगी, भविष्य में 5 लाख लीटर तक होगा विस्तार

उज्जैन - प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता के विस्तार और डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता के विस्तार और डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ द्वारा 255 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक डेयरी प्लांट स्थापित किया जा रहा है। केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर 2026 को भोपाल से इस प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन करेंगे।

उज्जैन में स्थापित होने वाला यह अत्याधुनिक डेयरी प्लांट क्षेत्र में दुग्ध प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और विभिन्न डेयरी उत्पादों के उत्पादन को नई गति देगा। परियोजना की कुल लागत में से 170 करोड़ रुपये राज्य शासन द्वारा अनुदान के रूप में प्रदान किए जाएंगे, जबकि शेष 85 करोड़ रुपये दुग्ध संघ द्वारा ऋण के माध्यम से जुटाए जाएंगे।परियोजना को अगले दो वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य है।

प्रस्तावित प्लांट की शुरुआत 3 लाख लीटर प्रतिदिन दूध प्रसंस्करण क्षमता के साथ होगी। भविष्य में इसकी क्षमता को बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक किया जा सकेगा। इससे उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती दुग्ध उपलब्धता के साथ प्रसंस्करण क्षमता का विस्तार भी संभव होगा।

पैक्ड मिल्क से लेकर घी तक का होगा उत्पादन

प्लांट में आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाओं के साथ विभिन्न प्रकार के डेयरी उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा। इसमें 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन पैक्ड मिल्क, 25 हजार लीटर प्रतिदिन दही तथा 10 हजार लीटर प्रतिदिन लस्सी/छाछ के उत्पादन की क्षमता होगी। इसके अलावा 10 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता का घी प्लांट भी स्थापित किया जाएगा।

मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के प्रबंध संचालक जयदेव बिस्वास ने कहा, “उज्जैन में आधुनिक डेयरी प्लांट की स्थापना मध्यप्रदेश के डेयरी क्षेत्र के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह द्वारा भोपाल से इस परियोजना का डिजिटल भूमि-पूजन किया जाएगा। इस परियोजना से दुग्ध उत्पादकों से प्राप्त दूध का बेहतर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन सुनिश्चित होगा तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ेगी।” उन्होंने कहा, “प्लांट को भविष्य में 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक विस्तारित करने का प्रबंध किया गया है। इससे उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन, संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की पूरी श्रृंखला को मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।”

यह परियोजना आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाओं के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों से प्राप्त दूध के बेहतर उपयोग और मूल्यवर्धन को बढ़ावा देगी। साथ ही क्षेत्र में डेयरी गतिविधियों के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने तथा उपभोक्ताओं तक उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद पहुंचाने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

WhatsApp Business यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से सर्विस मैसेज पर लगेगा चार्ज; पेमेंट मेथड जरूरी

WhatsApp Business यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से सर्विस मैसेज पर लगेगा चार्ज; पेमेंट मेथड जरूरी

 वॉट्सऐप बिजनेस इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से बड़ा बदलाव लागू हो गया है. Meta ने सर्विस मैसेज के लिए अब चार्ज लेना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही जिन बिजनेस अकाउंट में पेमेंट मेथड जुड़ा नहीं है, उनके सर्विस मैसेज की डिलीवरी रुक सकती है.

मेटा ने वॉट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले सॉल्यूशन प्रोवाइडर और सीधे इंटीग्रेशन वाले बिजनेस को पहले ही पेमेंट मेथड जोड़ने के लिए कहा था. कंपनी के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक पेमेंट मेथड ऐड नहीं करने वाले अकाउंट्स के सर्विस मैसेज 1 अक्टूबर से डिलीवर नहीं किए जाएंगे.

वॉट्सऐप बिजनेस में क्या बदला?
पहले वॉट्सऐप बिजनेस पर कुछ सर्विस मैसेज के लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाता था. अब 1 अक्टूबर से इन मैसेज पर प्रति मैसेज के हिसाब से शुल्क लगेगा.

यह बदलाव खास तौर पर उन गैर-टेम्पलेट मैसेज पर लागू होता है, जो किसी ग्राहक के मैसेज करने के बाद खुले 24 घंटे के कस्टमर सर्विस विंडो में भेजे जाते हैं. सर्विस मैसेज में कस्टमर सर्विस एजेंट या किसी थर्ड-पार्टी AI सिस्टम की तरफ से भेजे गए मैसेज शामिल हो सकते हैं.

किन वॉट्सऐप बिजनेस अकाउंट पर असर होगा?
यह बदलाव वॉट्सऐप बिजनेस प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले सॉल्यूशन प्रोवाइडर और सीधे इंटीग्रेशन वाले बिजनेस पर लागू होगा. अगर ऐसे बिजनेस अपने मैसेजिंग अकाउंट में पेमेंट मेथड नहीं जोड़ते हैं, तो नए चार्ज शुरू होने के बाद उनके सर्विस मैसेज की डिलीवरी रुक सकती है. इसलिए कंपनियों को अपने वॉट्सऐप बिजनेस अकाउंट की पेमेंट सेटिंग चेक करने की जरूरत है.

हर मैसेज पर लगेगा चार्ज
मेटा अब सर्विस मैसेज भेजने के बजाय डिलीवर होने वाले मैसेज के आधार पर चार्ज करेगा. इसकी कीमत अलग-अलग मार्केट के हिसाब से बदल सकती है. मेटा के मुताबिक, सर्विस मैसेज की कीमत उस मार्केट में यूटिलिटी और ऑथेंटिकेशन मैसेज की दरों के बराबर होगी.

इसके लिए कोई वॉल्यूम टियर भी नहीं होगा. बिजनेस इन गैर-टेम्पलेट मैसेज को तभी भेज सकते हैं जब 24 घंटे का कस्टमर सर्विस विंडो खुला हो. यह विंडो ग्राहक के मैसेज करने पर शुरू या रीसेट होती है.

वॉट्सऐप बिजनेस एजेंट का चार्ज अलग
सर्विस मैसेज का यह चार्ज Meta Business Agent की कीमत से अलग है. मेटा बिजनेस एजेंटके मैसेज के लिए कंपनी पहले से अलग टोकन-बेस्ड प्राइसिंग लागू कर चुकी है. मेटा के मुताबिक, एक ही मैसेज पर सर्विस और बिजनेस एजेंट दोनों तरह का चार्ज नहीं लगेगा.

विज्ञापन से वॉट्सऐप आने पर राहत
वॉट्सऐप का फ्री एंट्री पॉइंट विंडो अभी भी जारी है. अगर कोई ग्राहक ऐसे विज्ञापन के जरिए वॉट्सऐप पर आता है जिसमें क्लिक करके वॉट्सऐप चैट खुलती है, तो उस विंडो में मैसेज डिलीवरी पर चार्ज नहीं लगेगा.

मेटा बिजनेस एजेंट के इस्तेमाल पर टोकन चार्ज लग सकता है. इस बदलाव के बाद वॉट्सऐप बिजनेस इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों के लिए अपने पेमेंट मेथड और मैसेजिंग सेटिंग को चेक करना जरूरी हो गया है.

राफेल में लगेंगे भारतीय हथियार! फ्रांस बोला- निकालेंगे रास्ता, 114 जेट पर बातचीत जारी

राफेल में लगेंगे भारतीय हथियार! फ्रांस बोला- निकालेंगे रास्ता, 114 जेट पर बातचीत जारी

 नई दिल्ली- भारत और फ्रांस के बीच राफेल लड़ाकू विमानों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा चल रही है. भारत 114 अतिरिक्त राफेल फाइटर जेट खरीदने की योजना पर बात कर रहा है. इस सौदे में सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि भारत अपने स्वदेशी हथियार और सिस्टम इन विमानों में आसानी से लगा सके। 

फ्रांस ने अब साफ संकेत दिया है कि सोर्स कोड की पूरी पहुंच दिए बिना भी कोई तरीका निकाला जा सकता है. फ्रांसीसी वायु और अंतरिक्ष बल के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डोमिनिक टार्डिफ ने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता की इच्छा को वे समझते हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय वायुसेना को ज्यादा स्वतंत्रता और क्षमता देने का रास्ता खोजा जा सकता है. यह बयान तब आया जब दोनों देश तरंग शक्ति अभ्यास में शामिल हैं। 

आधुनिक लड़ाकू विमानों का सोर्स कोड बहुत संवेदनशील होता है. इसमें मिशन सिस्टम, सेंसर, रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और हथियार से जुड़े सॉफ्टवेयर निर्देश होते हैं. पूरा सोर्स कोड देने का मतलब है विमान की अंदरूनी तकनीक को पूरी तरह खोल देना। 

फ्रांस जैसे देश इसे आसानी से नहीं देते क्योंकि इससे सुरक्षा और व्यावसायिक हित जुड़े होते हैं. भारत चाहता है कि वह अपने बनाए हथियार जैसे ब्रह्मोस मिसाइल, अस्त्र मिसाइल या अन्य स्वदेशी सिस्टम राफेल पर आसानी से लगा सके. बिना सोर्स कोड के यह काम मुश्किल लगता था. लेकिन अब फ्रांस ने वैकल्पिक तरीका सुझाया है। 

आईसीडी से कैसे होगा एकीकरण
एक महत्वपूर्ण विकल्प इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट यानी आईसीडी है. यह दस्तावेज बताता है कि विमान के सिस्टम बाहरी हथियार या सेंसर से कैसे बात करेंगे. भारतीय रक्षा सूत्रों के अनुसार इस इंटरफेस स्तर की जानकारी से स्वदेशी हथियार जोड़े जा सकते हैं। 

पूरा सोर्स कोड लिए बिना भी संचार स्थापित किया जा सकता है. इससे भारत को ज्यादा स्वायत्तता मिलेगी. फ्रांसीसी अधिकारी ने कहा कि फ्रांसीसी कंपनियां, भारतीय उद्योग और दोनों सरकारें मिलकर इस पर चर्चा कर सकती हैं. भारत पहले 36 राफेल विमान खरीद चुका है। 

अब 114 और विमानों का प्रस्ताव है जिसमें मेक इन इंडिया का बड़ा हिस्सा होगा. इससे घरेलू विमान निर्माण क्षमता मजबूत होगी. हथियार एकीकरण की मांग इसी बड़े समझौते का हिस्सा है. प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, निर्माण और भारतीय उद्योग की भागीदारी भी चर्चा में है। 
फ्रांस राफेल के अपग्रेडेड वर्जन F4 पर काम कर रहा है. 2030 के दशक में F5 वर्जन लाने की योजना है. F5 में सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और इंजन में सुधार होंगे. भारत अगर अपने हथियार आसानी से लगा सके तो भविष्य में विमान को अपनी जरूरतों के अनुसार अपग्रेड करना आसान होगा। 

आत्मनिर्भरता और रणनीतिक स्वतंत्रता
यह चर्चा सिर्फ तकनीकी नहीं बल्कि रणनीतिक भी है. भारत चाहता है कि आयातित प्लेटफॉर्म पर भी उसकी अपनी क्षमता बनी रहे. स्वदेशी हथियार लगाने से निर्भरता कम होती है और ऑपरेशनल स्वतंत्रता बढ़ती है. फ्रांस ने संप्रभुता और घरेलू उद्योग के महत्व को स्वीकार किया है। 

लेफ्टिनेंट जनरल टार्डिफ ने कहा कि फ्रांस भी स्वतंत्र फैसले लेने की क्षमता को महत्वपूर्ण मानता है. दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पहले से मजबूत है. तरंग शक्ति जैसे अभ्यास इसे और गहरा बनाते हैं. अगर आईसीडी जैसे तंत्र से समझौता हो जाता है तो 114 विमानों का सौदा आगे बढ़ सकता है. इससे भारतीय वायुसेना को आधुनिक विमान मिलेंगे और घरेलू रक्षा उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। 

कुल मिलाकर फ्रांस का यह रुख सकारात्मक है. सोर्स कोड की बाधा को पार करने का विकल्प निकलने से दोनों देशों के रक्षा संबंध और मजबूत हो सकते हैं. भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है. आगे की बातचीत में तकनीकी विवरण और व्यावसायिक शर्तें तय होंगी। 

UP में खुली मिठाइयों पर लिखनी होगी एक्सपायरी डेट, 15 अक्टूबर से नया नियम

UP में खुली मिठाइयों पर लिखनी होगी एक्सपायरी डेट, 15 अक्टूबर से नया नियम

 सहारनपुर - पितृ पक्ष समाप्त होते ही त्योहारी सीजन शुरू होने जा रहा है। नवरात्र के बाद करवाचौथ, अहोई अष्टमी, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाएंगे।

त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में मिठाइयों की गुणवत्ता और उनकी सुरक्षित उपयोग अवधि को लेकर अब व्यवस्था और सख्त की जा रही है।

15 अक्तूबर से खुली मिठाइयों पर भी निर्माण तिथि (मैन्युफैक्चरिंग डेट) और उपयोग की अंतिम तिथि (यूज बाय डेट) अंकित करना अनिवार्य होगा।

खुली मिठाइयों पर भी लिखनी होगी एक्सपायरी डेट
अभी तक शहर की बड़ी से लेकर छोटी मिठाई की दुकानों पर अधिकांश मिठाइयां खुले में रखकर बेची जाती हैं। ग्राहक जिस मिठाई की जितनी मात्रा मांगता है, उसे उसी समय तौलकर डिब्बे में पैक कर दिया जाता है।

इस तरह की मिठाइयों के पैकेट या डिब्बे पर आमतौर पर निर्माण और उपयोग की तारीख दर्ज नहीं होती। इसके कारण ग्राहक को यह जानकारी नहीं मिल पाती कि मिठाई कब तैयार की गई थी और उसे कितने समय तक सुरक्षित रूप से खाया जा सकता है।

त्योहारी सीजन में यह व्यवस्था और महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि इस दौरान दुकानों पर मिठाइयों की बिक्री बढ़ने के साथ बड़ी मात्रा में मिठाइयों का उत्पादन भी होता है। नई व्यवस्था के तहत दुकानदारों को खुली मिठाइयों के संबंध में भी निर्माण और उपयोग की तिथि की जानकारी प्रदर्शित करनी होगी।

इससे ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय उसकी ताजगी और उपयोग की अवधि के बारे में जानकारी मिल सकेगी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि त्योहारी सीजन में मिठाई की दुकानों पर निगरानी बढ़ाई जाती है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद दुकानदारों के लिए तारीख संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा। इसका उद्देश्य मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर पारदर्शिता बढ़ाना और ग्राहकों को जागरूक करना है।

उन्होंने बताया कि नवरात्र के बाद लगातार त्योहार होने के कारण मिठाई कारोबारियों ने भी तैयारी शुरू कर दी है। दीपावली और भाईदूज के आसपास मिठाइयों की बिक्री सबसे अधिक बढ़ने की उम्मीद रहती है। ऐसे में दुकानदारों को नई व्यवस्था के अनुरूप तैयारी करनी होगी। वहीं ग्राहकों को भी मिठाई खरीदते समय निर्माण और उपयोग की तिथि की जानकारी अवश्य देखनी चाहिए।

MP BJP का नया हाईटेक मुख्यालय लगभग तैयार, फरवरी 2027 में गृह प्रवेश की तैयारी

MP BJP का नया हाईटेक मुख्यालय लगभग तैयार, फरवरी 2027 में गृह प्रवेश की तैयारी

 भोपाल  - मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जल्द ही अपना नया और अत्याधुनिक प्रदेश मुख्यालय मिलने वाला है। भोपाल के दीनदयाल परिसर में बन रही इस बहुमंजिला इमारत का काम अब अपने अंतिम चरण में है।

इंटीरियर और फिनिशिंग का काम पूरा होने में करीब चार महीने का समय और लगेगा। माना जा रहा है कि पार्टी फरवरी 2027 में इस भव्य भवन में आधिकारिक रूप से गृह प्रवेश कर लेगी। इसके साथ ही, नए संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी के रहने के लिए दीपावली तक एक फ्लोर पूरी तरह से तैयार कर लिया जाएगा।

समर्पण दिवस पर हो सकता है गृह प्रवेश
    पुराने दफ्तर की तरह ही यह नया कार्यालय भी जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय को समर्पित होगा। सूत्रों की मानें तो 11 फरवरी को पंडित जी की पुण्यतिथि होती है, जिसे भाजपा 'समर्पण दिवस' के रूप में मनाती है (इस दिन कार्यकर्ता पार्टी फंड में अपना योगदान देते हैं)।

पूरी संभावना है कि इसी दिन या इसके एक-दो दिन पहले नए दफ्तर का लोकार्पण किया जाए। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कुछ दिन पहले हुई एक समीक्षा बैठक में दीपावली तक कम से कम दो फ्लोर रहने और काम करने लायक तैयार करने के निर्देश दिए हैं। 

तीन खास हिस्सों में बंटा होगा पूरा परिसर
यह विशाल कार्यालय मुख्य रूप से तीन अलग-अलग ब्लॉकों में विभाजित किया गया है, जिनके नाम 'संकल्प', 'समर्पण' और 'सहयोग' रखे गए हैं…

    संकल्प (मुख्य कार्यालय): यह 11 से 12 मंजिला मुख्य प्रशासनिक इमारत होगी, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष का कक्ष होगा। इसके अलावा यहां मीडिया और सोशल मीडिया का वार रूम तथा उच्च स्तरीय बैठकों के लिए कक्ष बनाए जा रहे हैं।

    समर्पण (पदाधिकारी निवास): चार मंजिला यह ब्लॉक प्रदेश और केंद्रीय नेताओं के ठहरने के लिए होगा। इसमें अतिथियों के लिए योग और अध्ययन कक्ष की भी सुविधा होगी।

    सहयोग (प्रशासनिक ब्लॉक): सात मंजिला इस हिस्से का उपयोग कर्मचारियों के कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था के संचालन के लिए किया जाएगा।

हाई-टेक सुविधाओं और ग्रीन एनर्जी से लैस होगा नया दफ्तर
    लगभग 1.5 एकड़ (65,000 वर्ग फुट) जमीन पर बन रहे इस नए प्रदेश मुख्यालय का कुल बिल्ट-अप एरिया 1.15 लाख से 1.25 लाख वर्ग फुट के बीच होगा। इसे पूरी तरह से भारतीय वास्तु शास्त्र और 'ग्रीन एनर्जी' के कॉन्सेप्ट को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।

भारत में Apple Pay की एंट्री! अब iPhone और Apple Watch से होगी सीधी पेमेंट, क्रेडिट कार्ड रखने की जरूरत नहीं

भारत में Apple Pay की एंट्री! अब iPhone और Apple Watch से होगी सीधी पेमेंट, क्रेडिट कार्ड रखने की जरूरत नहीं

 Apple Pay India: भारत में Apple Pay का इंतजार अब खत्म हो गया है। Apple ने अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस को भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। शुरुआत में कंपनी ने Axis Bank के साथ साझेदारी की है। फिलहाल Axis Bank के Visa और Mastercard क्रेडिट कार्ड को Apple Pay में जोड़ा जा सकता है। हालांकि, Axis Bank के RuPay क्रेडिट कार्ड को अभी इसका सपोर्ट नहीं मिला है।

Apple Pay की मदद से यूजर्स अपने iPhone, iPad और Apple Watch के जरिए कॉन्टैक्टलेस पेमेंट कर सकेंगे। इसके लिए अलग से कोई पेमेंट ऐप खोलने की जरूरत नहीं होगी। NFC सपोर्ट वाले PoS टर्मिनल पर डिवाइस को टैप करके भुगतान किया जा सकेगा।

iPhone से कैसे होगा पेमेंट?

स्टोर पर पेमेंट करने के लिए iPhone के साइड बटन को दो बार दबाना होगा। इसके बाद Face ID, Touch ID या डिवाइस पासकोड से ऑथेंटिकेशन करना होगा। ऑथेंटिकेशन पूरा होने के बाद iPhone को NFC वाले PoS टर्मिनल के पास ले जाते ही पेमेंट हो जाएगा।

Apple के अनुसार, इस प्रक्रिया में अलग से PIN या OTP दर्ज करने की जरूरत नहीं होगी।

इन ऐप्स और वेबसाइट्स पर भी मिलेगा Apple Pay का विकल्प

Apple Pay का इस्तेमाल उन ऐप्स और वेबसाइट्स पर भी किया जा सकेगा, जहां यह पेमेंट विकल्प उपलब्ध है। लॉन्च के समय Blinkit, Zomato, Zepto, MakeMyTrip और Ixigo जैसे प्लेटफॉर्म के साथ-साथ Tata और Reliance Brands जैसे मर्चेंट्स के सपोर्ट की जानकारी सामने आई है।

Wallet में ऐसे जोड़ें Axis Bank क्रेडिट कार्ड

योग्य Axis Bank Visa या Mastercard क्रेडिट कार्ड को Apple Pay में जोड़ने के लिए iPhone में Apple Wallet ऐप खोलना होगा। इसके बाद ‘+’ आइकन पर टैप करके स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा।

Axis Bank की लेटेस्ट मोबाइल ऐप के जरिए भी योग्य कार्ड को सीधे Apple Wallet में जोड़ा जा सकता है।

कार्ड की जानकारी रहेगी सुरक्षित

Apple के मुताबिक, यूजर का वास्तविक कार्ड नंबर Apple के सर्वर या मर्चेंट के साथ शेयर नहीं किया जाता। इसके बजाय एक अलग Device Account Number का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे डिवाइस के Secure Element में सुरक्षित रखा जाता है।

हर पेमेंट को Face ID, Touch ID या पासकोड के जरिए ऑथेंटिकेट किया जाता है, जिससे भुगतान प्रक्रिया में सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जुड़ती है।

फिलहाल भारत में Apple Pay iPhone, iPad और Apple Watch पर उपलब्ध है। Mac के लिए Apple Pay का सपोर्ट बाद में उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी आने वाले समय में भारत में अन्य बैंकों और कार्ड नेटवर्क के लिए भी सपोर्ट बढ़ा सकती है।

बिहार के 483 कॉलेजों में पढ़ाया जाएगा AI, नए सिलेबस की तैयारी शुरू

बिहार के 483 कॉलेजों में पढ़ाया जाएगा AI, नए सिलेबस की तैयारी शुरू

 पटना- AI Syllabus in Universities: राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पाठ्यक्रम को लागू कराने की तैयारी शुरू हो गई है।

इसके मद्देनजर राज्यपाल और कुलाधिपति सैयद अता हसनैन द्वारा पाठ्यक्रम के प्रारूप को तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की कमेटी बनाने का निर्देश दिया गया है।

बिहार लोक भवन के एक अधिकारी के मुताबिक आने वाले समय में सभी 483 अंगीभूत कालेजों में एआई एंड डाटा साइंस, रोबोटिक्स एंड आईओटी तथा बीएससी-एआई या बीसीए-एआई जैसे विषय पाठ्यक्रम के हिस्से होंगे।

पाठ्यक्रम के प्रारूप के ल‍िए विशेषज्ञों की कमेटी बनाने का निर्देश
इसके अलावा विशेषज्ञों की कमेटी कई नए विषयों को पढ़ाने के लिए सुझाव देगी। राज्यपाल सचिवालय के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि देश के नामचीन प्रोफेशनल यूनिवर्सिटीज के सिलेबस के आधार पर जो पाठ्यक्रम का प्रारुप तय होगा।

उसी के आधार पर विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग समेत अन्य एआई डिग्री पाठ्यक्रम को लागू किया जाएगा।

स्‍नातक स्‍तर पर एआई पर विशेष फोकस
स्नातक स्तर पर बीटेक, बीसीए, बीएससी और स्नातकोत्तर संकाय में एमटेक का सिलेबस एआई पर फोकस होगा। इसमें क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा माइनिंग और विजुअलाइजेन, बिग डेटा एनालिटिक्स, इंटेलिजेंट रोबोटिक्स, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, डीप लर्निंग और न्यूरल नेटवर्क और इंट्रोडक्शन टू एआई जैसे विषय एआइ पाठ्यक्रम में शामिल किए जाएंगे।

इसके अलावा भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नवीन विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। ताक‍ि यहां के छात्र बाजार की आधु‍निक स्‍थ‍िति‍यों के लिए तैयार हो सकें और उन्‍हें रोजगार म‍िल सके।

Weather Alert: यूपी-बिहार समेत 22 राज्यों में भारी बारिश-तूफान का अलर्ट, 70 KM की रफ्तार से चलेगी हवा

Weather Alert: यूपी-बिहार समेत 22 राज्यों में भारी बारिश-तूफान का अलर्ट, 70 KM की रफ्तार से चलेगी हवा

नई दिल्ली- देश में एक बार फिर से बारिश-तूफान लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान मुताबिक आज  यानी 30 सितंबर को यूपी, बिहार समेत 22 राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी है। आम लोगों और किसानों को बहुत अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। इस तेज रफ्तार आंधी की वजह से कुछ राज्यों में बड़े-बड़े वृक्ष जड़ से उखड़ सकते हैं। वहीं, पूर्वी राज्यों में बिजली और वज्रपात का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। जबकि पहाड़ी राज्यों में कुछ जगहों पर लैंडस्लाइड की चेतावनी है।

निचले क्षोभमंडल स्तर पर उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आस-पास के इलाकों के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। वहीं, बंगाल की खाड़ी में आज भी तेज हवा चलने की चेतावनी है। वहीं 3 से अधिक राज्यों में ओले गिर सकते हैं। तो चलिए आपलोगों को बताते हैं आज  30 सितंबर को देश के अन्य राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहेगा। हम आपलोगों को जिलावार भी बारिश का हाल बताएंगे…

देश के 22 राज्यों में भारी बारिश-तूफान की चेतावनी
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक आज  यानी 30 सितंबर को 22 राज्यों यूपी, बिहार, दिल्ली, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, केरल, असम, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, सिक्किम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलेगी। पूर्वी राज्यों में आंधी के चलते फसलों को नुकसान हो सकता है।

दिल्ली में आज  मौसम कैसा रहेगा
दिल्ली(30 सितंबर-2 अक्टूबर-बारिश-तेज हवा का अलर्ट): मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक दिल्ली में 30 सितंबर की सुबह से लेकर 2 अक्टूबर के बीच कभी भी बारिश हो सकती है। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा के झोंके चलने की संभावना है। वहीं, दिल्ली में आज  यानी 30 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रहने की चेतावनी है। इस बारिश की वजह से तापमान में 2 से 3 डिग्री की कमी देखने को मिल सकती है।

यूपी में आज  मौसम कैसा रहेगा
यूपी(30 सितंबर-बारिश-सतही हवा की चेतावनी): बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, पीलीभीत, लखीमपुर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और गोरखपुर में कुछ-कुछ जगहों पर हल्की बारिश और सतही हवा चलने की चेतावनी है। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलेगी। वहीं, लखनऊ में आज  यानी 30 सितंबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा।

बिहार में आज  मौसम कैसा रहेगा
बिहार(30 सितंबर-बारिश और आंधी का अलर्ट): गया, जहानाबाद, बक्सर, भोजपुर, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, खगड़िया और भागलपुर में कुछ-कुछ जगहों पर मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लोगों को इस दौरान बेवजह बाहर निआज ने से बचने के लिए कहा गया है। वहीं, पटना में आज  यानी 30 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

झारखंड में आज  मौसम कैसा रहेगा
झारखंड(30 सितंबर-भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर, दुमका, पलामू, रांची और सरायकेला में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी है। वहीं, रांची में आज  यानी 30 सितंबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा तो न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा।

उत्तराखंड में आज  मौसम कैसा रहेगा
उत्तराखंड(30 सितंबर-2 अक्टूबर-भारी बारिश-आंधी की संभावना): देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल, पिथौरागढ़, चमोली, चपावत, बागेश्वर, पौड़ी गढ़वाल और ऋषिकेश में 30 सितंबर की रात से लेकर 2 अक्टूबर के बीच कभी भी भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। वहीं, देहरादून में आज  यानी 30 सितंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा तो न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा।

हिमाचल में आज  मौसम कैसा रहेगा
हिमाचल(30 सितंबर-2 अक्टूबर-भारी बारिश-आंधी का अलर्ट): मंडी, चंबा, किन्नौर, कुल्लू, सोलन, हमीरपुर, कांगड़ा और बिलासपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, इस दौरान 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तूफान चलेग। वहीं, मनाली में आज  यानी 30 सितंबर को अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा।

जम्मू-कश्मीर में आज  मौसम कैसा रहेगा
जम्मू-कश्मीर(30 सितंबर- 1 अक्टूबर-तेज बारिश-हवा की चेतावनी): उधमपुर, पुलवामा, अनंतनाग, किश्तवाड़, बडगाम, गांदरबलऔर बारामूला में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, श्रीनगर में आज  यानी 30 सितंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा।

पश्चिम बंगाल में आज  का मौसम कैसा रहेगा
    पश्चिम बंगाल (30 सितंबर-भारी बारिश-आंधी का अलर्ट): नादिया, दुर्गापुर, झारग्राम, हावड़ा, हुगली, पश्चिम मेदिनीपुर, मुर्शिदाबाद, अलीपुरद्वार और कोलकाता में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अलर्ट है। वहीं, आज  यानी 30 सितंबर को कोलकाता में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा।

पंजाब में आज  मौसम कैसा रहेगा
    पंजाब (30 सितंबर- बारिश-आंधी की चेतावनी): संगरूर, होशियारपुर, कपूरथला, संगरूर, लुधियाना, अमृतसर, बरनाला और फरीदकोट में मध्यम बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चलेंगे।

राजस्थान में आज  मौसम कैसा रहेगा
    राजस्थान (30 सितंबर-2 अक्टूबर -भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): जयपुर, सवाई माधोपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, बीकानेर, अजमेर, सीकर, पाली और उदयपुर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है। वहीं, जयपुर में आज  यानी 30 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

मध्य प्रदेश में आज  मौसम कैसा रहेगा
    मध्य प्रदेश (30 सितंबर- बारिश-आंधी की संभावना): इंदौर, भोपाल, धार, विदिशा, कटनी, होशंगाबाद, मुरैना, श्योपुर, उज्जैन, मंदसौर, अशोक नगर, नीमच, आगर-मालवा और विदिशा में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के झोंके चलेंगे। वहीं, भोपाल में 30 सितंबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा।

छत्तीसगढ़ में आज  मौसम कैसा रहेगा
    छत्तीसगढ़(30 सितंबर-भारी बारिश-आंधी का अलर्ट): मनेंद्रगढ़, सूरजपुर, बिलासपुर, धमतरी, जांजगीर, कोरबा, रायपुर और महासमुंद में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चल सकते हैं।

ओडिशा में आज  मौसम कैसा रहेगा
    ओडिशा(30 सितंबर-भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): बलांगिर, भुवनेश्वर, सुंदरगढ़, भद्रक, मयूरभंज, बालासोर, पुरी और जाजपुर में भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट है।

1 अक्टूबर से WhatsApp Business के नियम बदलेंगे, ऑर्डर अपडेट पर लगेगा चार्ज

1 अक्टूबर से WhatsApp Business के नियम बदलेंगे, ऑर्डर अपडेट पर लगेगा चार्ज

 नई दिल्ली -  Meta भारत में 1 अक्टूबर 2026 से अपने WhatsApp Business Platform की प्राइसिंग में बदलाव कर रहा है, जिसका मतलब है कि बिजनेसेज को अब उन मैसेजेस के लिए भी पेमेंट करना होगा जो पहले फ्री थे। उदाहरण के लिए, अभी बिजनेसेज 24 घंटे की विंडो के भीतर कस्टमर्स के मैसेजेस का जवाब और ऑर्डर अपडेट्स बिल्कुल मुफ्त में भेज सकते हैं। लेकिन 1 अक्टूबर से ये बदल जाएगा। हालांकि, कुछ सीमित संख्या में मैसेजेस फ्री बने रहेंगे, लेकिन Meta यूटिलिटी मैसेजेस (जैसे ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट्स) के लिए चार्ज लेगा, भले ही वे उसी 24 घंटे की विंडो के भीतर क्यों न भेजे गए हों।

ध्यान दें कि ये बदलाव केवल WhatsApp Business Platform पर लागू होते हैं, रेगुलर WhatsApp या WhatsApp Business एप पर नहीं।

तो आखिर 1 अक्टूबर से क्या बदल रहा है, क्या अब भी मुफ्त रहेगा और बिजनेसेज को कितना ज्यादा पेमेंट करना होगा? आइए समझते हैं।

1 अक्टूबर से क्या बदल रहा है?
अब तक, WhatsApp Business Platform का इस्तेमाल करने वाले बिजनेसेज किसी कस्टमर का मैसेज आने के 24 घंटे के भीतर उसे फ्री में जवाब दे सकते थे। इसमें प्रोडक्ट्स या ऑर्डर्स से जुड़े सवालों के जवाब देने के साथ-साथ ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट्स भेजना शामिल था।

1 अक्टूबर से Meta इस 24 घंटे की विंडो के भीतर भेजे गए ऑर्डर अपडेट्स और दूसरे यूटिलिटी मैसेजेस के लिए बिजनेसेज से चार्ज लेना शुरू कर देगा। कस्टमर्स के सवालों के जवाब हर बिजनेस फोन नंबर पर प्रति माह पहले 1,000 सर्विस मैसेजेस के लिए फ्री रहेंगे। इसके बाद बिजनेसेज को एडिशनल रिप्लाई के लिए पैसे देने होंगे।

24 घंटे की विंडो के बाद भेजे जाने वाले यूटिलिटी मैसेजेस पर पहले से ही चार्ज लगता था, इसलिए वह नियम वैसा ही रहेगा।

WhatsApp Business मैसेजेस का कितना खर्च आएगा?
भारत में Meta ने ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट्स जैसे यूटिलिटी मैसेजेस के लिए जीएसटी (GST) से पहले स्टैंडर्ड रेट 0.115 रुपये प्रति डिलीवर्ड मैसेज तय किया है। 18 परसेंट GST जोड़ने के बाद ये लगभग 0.136 रुपये प्रति मैसेज बैठता है।

30 सितंबर तक बिजनेसेज किसी कस्टमर के मैसेज करने के 24 घंटे के भीतर यूटिलिटी मैसेजेस फ्री में भेज सकते हैं। 1 अक्टूबर से उन्हें बिना GST के 0.115 रुपये प्रति डिलीवर्ड यूटिलिटी मैसेज देना होगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई बिजनेस 1,000 ऑर्डर अपडेट्स भेजता है, तो उसे GST से पहले 115 रुपये या 18 परसेंट GST मिलाकर करीब 135.70 रुपये चुकाने होंगे।

मैसेज की रेट इस बात पर निर्भर करती है कि मैसेज किस तरह का है। मेटा मार्केटिंग मैसेज (जैसे प्रमोशनल ऑफर और सेल अनाउंसमेंट्स) के लिए 0.8631 रुपये प्रति मैसेज की दर तय करता है, जबकि ऑथेंटिकेशन मैसेज (जैसे वन-टाइम पासवर्ड या OTP) की कीमत GST से पहले 0.115 रुपये प्रति मैसेज होती है।

1 अक्टूबर 2026 से Meta हर बिजनेस फोन नंबर के लिए प्रति माह पहले 1,000 सर्विस रिप्लाई फ्री देगा। इसके बाद, सर्विस मैसेजेस की दर संबंधित मार्केट में यूटिलिटी और ऑथेंटिकेशन दरों के बराबर होगी।

उदाहरण के तौर पर, अगर भारत में कोई बिजनेस एक महीने में 1,500 सर्विस रिप्लाई भेजता है, तो पहले 1,000 फ्री होंगे और बाकी बचे 500 मैसेजेस के लिए उसे पेमेंट करना होगा। 0.115 रुपये प्रति मैसेज के हिसाब से ये GST से पहले 57.50 रुपये या GST मिलाकर करीब 67.85 रुपये होगा।

क्या-क्या फ्री रहेगा?
इन बदलावों के बावजूद WhatsApp Business के सभी मैसेजेस चार्जेबल नहीं होंगे।
जैसा कि पहले बताया गया है, बिजनेसेज को हर बिजनेस फोन नंबर पर हर महीने 1,000 सर्विस मैसेजेस फ्री मिलेंगे। इसके अलावा कस्टमर्स हमेशा की तरह बिजनेसेज को फ्री में मैसेज भेज सकते हैं और उन्हें इन मैसेजेस को भेजने या रिसीव करने के लिए कोई पैसे नहीं देने होंगे।

Meta उन बिजनेसेज के लिए मौजूदा 72 घंटे की फ्री विंडो को भी जारी रख रहा है, जिन्हें 'Click-to-WhatsApp' विज्ञापनों या Facebook पेजेस पर मौजूद कॉल-टू-एक्शन बटन्स के जरिए मैसेजेस मिलते हैं। इन तीन दिनों के दौरान बिजनेसेज बिना कोई Meta मैसेजिंग चार्ज दिए कस्टमर्स को मैसेज भेज सकते हैं।

इस फ्री विंडो की पेशकश करके Meta का मकसद ज्यादा से ज्यादा बिजनेसेज को अपने एडवरटाइजिंग टूल्स का इस्तेमाल करने के लिए बढ़ावा देना है, ताकि वे संभावित कस्टमर्स तक पहुंच सकें और उनसे WhatsApp पर जुड़ सकें।

कुल मिलाकर, 1 अक्टूबर से जो बिजनेसेज कस्टमर्स को जवाब देने, ऑर्डर अपडेट्स भेजने और डिलीवरी नोटिफिकेशन शेयर करने के लिए WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इन मैसेजेस के लिए Meta को ज्यादा पेमेंट करना पड़ सकता है।

हालांकि, आम कस्टमर्स के लिए कुछ भी नहीं बदलेगा। उन्हें बिजनेसेज को मैसेज भेजने या WhatsApp पर रिप्लाई और अपडेट्स पाने के लिए कोई पैसे नहीं देने होंगे।

1 अक्टूबर से FD के नियम बदलेंगे, बैंक हर दिन बताएंगे बल्क FD की ब्याज दर

1 अक्टूबर से FD के नियम बदलेंगे, बैंक हर दिन बताएंगे बल्क FD की ब्याज दर

 नई दिल्ली- अगर आप बैंक में एफडी कराने की तैयारी कर रहे हैं, तो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाला नया नियम आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ी रकम वाली एफडी (FD) यानी बल्क एफडी के लिए ब्याज दर बताने और लागू करने के नियम बदल दिए हैं। अब बैंक को हर वर्किंग डे पर अपनी बल्क जमा पर लागू ब्याज दर वेबसाइट पर बतानी होगी। इतना ही नहीं एक ही बैंक की अलग-अलग शाखाओं में एक जैसी जमा के लिए अलग-अलग ब्याज दर देने पर भी रोक रहेगी।

हर वर्किंग डे वेबसाइट पर बतानी होगी ब्याज दर
1 अक्टूबर से बैंक को हर वर्किंग डे सुबह 10 बजे तक अपनी बल्क जमा पर लागू ब्याज दर अपनी वेबसाइट पर जारी करना होगा। इसके लिए 10 मिनट की अतिरिक्त मोहलत होगी, यानी दर सुबह 10:10 बजे तक अपडेट की जा सकती है। खास बात यह है कि वेबसाइट पर जो ब्याज दर बताई गई होगी, बैंक को पात्र जमा पर ब्याज देते समय उसी दर का पालन करना होगा। इससे बड़ी रकम जमा करने वाले ग्राहकों के लिए बैंक की लागू ब्याज दर जानना आसान होगा।

कौनसी एफडी पर लागू होंगे नियम?
सामान्य तौर पर कमर्शियल बैंकों में 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की एफडी को बल्क जमा माना जाता है। हालांकि, अलग-अलग केटेगरी के बैंकों के लिए इसकी लिमिट अलग हो सकती है।

अलग-अलग शाखाओं में नहीं मिलेगी अलग दर
नए नियम का एक बड़ा बदलाव यह है कि एक ही तरह की बल्क जमा के लिए बैंक अपनी अलग-अलग शाखाओं में मनमाने तरीके से अलग ब्याज दर नहीं दे सकेंगे। एक ही दिन समान अमाउंट की जमा स्वीकार किए जाने पर सामान्य तौर पर उस पर एक जैसी ब्याज दर लागू होगी। हालांकि, इसमें एक और नियम भी महत्वपूर्ण अपवाद है। बैंक जमा पर लागू लिक्विडिटी कवरेज रेशो (LCR) के नियमों के आधार पर कुछ मामलों में अलग ब्याज दर रख सकते हैं।

आम एफडी कराने वालों पर क्या असर होगा?
अगर आपने बैंक में सामान्य रकम की एफडी करा रखी है, तो इन नए नियमों का मतलब यह नहीं है कि 1 अक्टूबर से आपकी मौजूदा एफडी की ब्याज दर अपने आप बदल जाएगी। ये नियम बड़ी रकम वाली जमा यानी एक बार में 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की एफडी पर यह नियम लागू होंगे।

प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का होगा निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का होगा निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का होगा निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

यात्रियों के लिए जिलों में सुविधायुक्त बस स्टैंड और अन्य प्रबंध किए जाएं
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश

भोपाल- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों के हित में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरूआत की गई है। प्रदेश में वर्ष 2005 में राज्य परिवहन निगम बंद किया गया था। राष्ट्रवादी विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती, 25 सितम्बर से प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन की शुरूआत हुई है, जिसका निरंतर विस्तार किया जाएगा। अगले पांच वर्ष में 14 हजार 981 बसों के संचालन का लक्ष्य है। इस सेवा में पूर्व से संचालित फिट बसों का उपयोग भी किया जा रहा है, अत: नागरिकों सहित किसी को भी भ्रमपूर्ण जानकारी पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंर्तगत नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास के संबंध में जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षक को वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा निर्देशित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सेवा संकल्प माह के अंतर्गत प्रारंभ इस सुविधा से स्थानीय प्रशासन द्वारा यात्रियों को व्यवस्थित बस संचालन का लाभ दिलवाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। संबंधित जिलों में प्रशासन के स्तर पर नागरिकों और बस आपरेटर्स को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। सेवा के प्रदेशव्यापी विस्तार के साथ सभी जिलों में प्रशासनिक अमला नागरिकों की सुविधा के लिए सजग भूमिका का निर्वहन करेगा। वर्तमान में जिन रूट्स पर बसों का संचालन किया जा रहा है वहां मैदानी अमले द्वारा सहयोगी रवैया अपनाया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर बस डिपो या टर्मिनल बंद स्थिति में हो तो उन्हें स्वच्छता अभियान चलाकर और बैठक एवं अन्य सुविधाओं का विकास कर उपयोगी बनाया जाए। जहां स्टाप या बस स्टैंड खत्म हो चुके हैं वहां भूमि उपलब्ध करवाकर यह सुविधा विकसित की जाए। परमिट के अलावा जो बसें चल रही हैं उनके व्यवस्थित और अनुशासित संचालन को प्राथमिकता दी जाए। निजी बस ऑपरेटरों के फिटनेस, परमिट की शर्तें, ड्राइवर का बस संचालन और व्यवहार के लिए मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी से नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। क्षेत्रीय कंपनियों के साथ शहरों में आवश्यक अधोसंरचना विकास के लिए स्थानीय प्रशासन सहयोग करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसों के बाधारहित संचालन के लिए थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का सहयोग दिलवाया जाए। इसके साथ ही जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समिति की नियमित बैठकें की जाएं। जिला कलेक्टर टीएल बैठक में क्षेत्रीय कंपनी के ईडी से भी प्रत्येक सप्ताह चर्चा करें।राज्य परिवहन उपक्रम की ओर से सभी जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समितियों के समक्ष रूट प्रस्तुतिकरण और सुझाव प्राप्त करने की काईवाई भी सुनिश्चित की जाए। आम जनता के हित में सभी एजेंसियों के बीच परस्पर आवश्यक संवाद रहे।

परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ दिलवाने के लिए निजी बस ऑपरेटरों को आवश्यक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यात्रियों से प्राप्त सुझावों पर भी प्रशासन की ओर से जरूरी प्रबंध किए जाएं।

मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। परिवहन क्षेत्र में यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले इसलिए बस ऑपरेटर्स से प्रशासन का नियमित संवाद हो। विभिन्न तरह की भ्रांतियां को समाप्त किया जाए। जो पूर्व से संचालित फिट बसें हैं, उनका संचालन किया जा रहा है। अनेक आधुनिक तकनीक भी अपनाई गई हैं, जिसमें यात्री एप के माध्यम से यात्रा के संबंध में बेहतर प्लान कर यात्रा कर सकता है।

परिवहन सचिव मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन में बताया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तीन प्रमुख स्तंभ हैं- बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर। वर्तमान में प्रारंभ की गई बसों की संख्या निरंतर बढ़ाई जाएगी। यात्रियों को लाभान्वित करने के साथ निजी ऑपरेटर को उसके कार्य और व्यवसाय का जायज लाभ हो, इसका ध्यान रखा गया है। राज्य परिवहन उपक्रम के लिए भोपाल में कार्यालय की व्यवस्था की गई है। आने वाले तीन माह में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सागर में क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए शत-प्रतिशत कार्यालय भवन उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में भी क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए कार्यालय भवन की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए आवश्यक कुल 1190 में से 400 पदों के लिए नियुक्ति की कार्रवाई भी पूर्ण की जाएगी। विशेषज्ञ पद भी भरे जाएंगे। प्रदेश में गत 10 माह में यात्री संख्या और रूट सर्वे के माध्यम से जो आकलन किया गया और आवश्यक बसों की संख्या का अनुमान लगाया गया उसके अनुसार प्रदेश में सात क्षेत्र में 3636 मार्गो पर 13006 बसों की व्यवस्था की जाना है। चरणबद्ध विस्तार भी किया जाएगा। वर्ष 2031 तक प्रदेश में 14981 बसों के संचालन में सफलता मिलेगी। राज्य स्तरीय आईटीएमएस प्लेटफार्म एक विशेष सुविधा है। चलो मोबिलिटी के अंतर्गत आईटीएमएस का अंतरिम रूप से प्रयोग करते हुए आवश्यक माड्यूल निर्धारित किए गए हैं। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने सुगम बस संचालन के लिए अधोसंरचना विकास के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं की भी जानकारी दी।

₹3 हजार की दवा ₹27 हजार में क्यों? MRP-रिटेल कीमत के अंतर पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

₹3 हजार की दवा ₹27 हजार में क्यों? MRP-रिटेल कीमत के अंतर पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

नई दिल्ली- दवाओं की बढ़ती और मनमानी कीमतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने दवाओं की मैक्सिमम रिटेल प्राइस (MRP) और रिटेलर को मिलने वाली कीमत (PTR) के बीच भारी अंतर पर गंभीर सवाल उठाए हैं. सुनवाई के दौरान एक इंजेक्शन का उदाहरण दिया गया, जिसकी रिटेलर कीमत करीब 3,520 रुपये है, लेकिन उसकी MRP 22,437 रुपये तय है. इसी तरह करीब 3 हजार रुपये की कैंसर दवा की MRP 27 हजार रुपये बताई गई। 

बेंच ने हैरानी जताते हुए पूछा कि आखिर इस भारी अंतर का पैसा किसकी जेब में जा रहा है? इसके साथ ही, कोर्ट ने प्राइवेट अस्पतालों में इन-हाउस केमिस्ट से ही दवा खरीदने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए और ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO) के तहत मार्जिन की 16 फीसदी सीमा तय करने का सुझाव दिया। 

पीठ के सामने उदाहरण रखा गया कि 22,437 रुपये MRP वाली एक इंजेक्शन की कीमत रिटेलर के लिए करीब 3,520 रुपये है। इसी तरह करीब 27,000 रुपये MRP वाली कैंसर की दवा का प्राइस-टू-रिटेलर लगभग 3,000 रुपये बताया गया। इस पर जस्टिस संदीप मेहता ने सवाल किया कि कीमतों के बीच इतना बड़ा अंतर आखिर किसकी जेब में जा रहा है।

अस्पताल की फार्मेसी पर भी सवाल
कोर्ट ने अस्पतालों की इन-हाउस फार्मेसी को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। पीठ ने कहा कि मरीजों को अक्सर अस्पताल की अपनी केमिस्ट से ही दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यदि कोई मरीज बाहर से वही दवा कम कीमत पर खरीदकर लाता है तो उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाने या अस्पताल की ओर से इलाज को लेकर दबाव बनाए जाने की स्थिति पैदा हो सकती है। जस्टिस मेहता ने कहा कि ऐसी स्थिति में मरीज आखिर क्या करे। सुनवाई के दौरान उन्होंने अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी तीखी टिप्पणी की।

सबके लिए एक जैसे नियम क्यों नहीं
जस्टिस मेहता ने आगे कहा कि सरकार को इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि कई कॉर्पोरेट अस्पताल यह जरूरी कर देते हैं कि दवाइयां उन्हीं के केमिस्ट या किसी खास फ़ार्मेसी से खरीदी जाएं, और अगर मरीज़ उन्हें बाहर से खरीदता है, तो वे इलाज की गारंटी नहीं देते। 

"अगर कोई मरीज सरकारी स्कीम के तहत इलाज करवा रहा है, तो उसका खर्च कौन उठाता है? टैक्स देने वाला. तो फिर सबके लिए एक जैसे नियम क्यों नहीं?"

16 परसेंट मार्जिन क्यों नहीं
उन्होंने कहा, "DPCO के मुताबिक मार्जिन 16 परसेंट होना चाहिए. हर दवा 'ज़रूरी चीज़ों के कानून' (Essential Commodities Act) के दायरे में आती है. हमें समझ नहीं आता कि उनसे कीमतें इस तरह तय करने के लिए क्यों कहा जाता है। 

जस्टिस मेहता ने सॉलिसिटर जनरल से यह भी कहा कि अगर कोई ऐसा फ़ार्मासिस्ट मिल जाए जो बहुत दयालु हो और जरूरतमंद को 2,700 रुपये में दवा देने को तैयार हो, तो मरीज़ सोचने लगेगा कि दवा असली है या नकली। 

पैसा कहां जाता है
"सवाल यह है कि कीमत में 10 गुना बढ़ोतरी क्यों? इतना सारा पैसा कहां जाता है? इससे किसे फ़ायदा हो रहा है?"

"आखिरकार नुकसान ईमानदार टैक्सपेयर का ही होता है. हम इस मामले की अच्छी तरह से जांच करेंगे. इसका असर समाज के एक बड़े हिस्से पर पड़ता है," बेंच ने कहा. उन्होंने आगे कहा कि पहले तो दवाओं की कीमत का मामला है और फिर मेडिकल प्रैक्टिशनर्स के नैतिक तौर-तरीकों का। 

मेहता ने आगे कहा कि फार्मा कंपनियों को इससे कोई फायदा नहीं हो रहा है और ऐसा लगता है कि फायदा प्राइवेट अस्पतालों को हो रहा है। 

जस्टिस मेहता ने कहा कि बिना किसी कॉम्बिनेशन वाली साधारण स्टेटिन की कीमत 40 रुपये है और एस्पिरिन के साथ कॉम्बिनेशन होने पर इसकी कीमत 70 रुपये हो जाती है। 

"ऐसा कैसे हो रहा है? कॉर्पोरेट अस्पताल तो इंडस्ट्री हैं. यह कोई सेवा नहीं है. आम आदमी को यह सब क्यों भुगतना पड़े?" बेंच ने सॉलिसिटर जनरल से कहा। 

सॉलिसिटर जनरल ने कहा, "मैं यह नहीं कह रहा कि याचिकाकर्ता गलत हैं, लेकिन कोई ऐसा तरीका निकालना होगा जिससे सभी पक्षों के हितों में संतुलन बना रहे. जैसा कि मैं समझता हूं, फार्मा कंपनियों को इससे कोई फायदा नहीं हो रहा है। 

2 याचिकाओं पर सुनवाई
बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर के लिए तय की और कहा कि वह इस मुद्दे पर केंद्र का जवाब सुनेगी। 

सुप्रीम कोर्ट दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था. जिसमें एक याचिका किशनचंद जैन की थी. ये याचिका इस बात पर ज़ोर देती हैं कि जहां 'शेड्यूल्ड' दवाओं की कीमतें तय (सीलिंग) होती हैं, वहीं 'नॉन-शेड्यूल्ड' दवाओं (जो बाज़ार में संख्या और मूल्य के हिसाब से लगभग 80% या उससे ज़्यादा हैं) के मामले में निर्माताओं को MRP तय करने की ज़्यादा आज़ादी होती है, बस उन्हें सालाना 10% तक की बढ़ोतरी की सीमा का पालन करना होता है। 

22 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर की ज़रूरी दवाओं की ज़्यादा कीमतों पर हैरानी जताई और इसे मरीज़ों के साथ "दिन-दहाड़े डकैती" करार दिया था.  कोर्ट ने गौर किया कि एक दवा की MRP 27,000 रुपये थी, जबकि वह खुदरा विक्रेताओं को 2,700 रुपये में सप्लाई की जा रही थी। 

कोर्ट ने सवाल किया कि मरीजों को इस तरह कैसे ठगा जा सकता है और कहा, "यह बहुत हैरानी की बात है कि जिन अधिकारियों को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए, वे चुप हैं। 

एक याचिका में अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई थी कि वे फार्मा कंपनियों और खुदरा विक्रेताओं द्वारा ज़रूरी दवाओं की कथित अनैतिक रूप से ज़्यादा कीमतें वसूलने पर रोक लगाकर दवाओं को सस्ता बनाएं। 

दूसरी याचिका में उन डॉक्टरों के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है जो मरीज़ों को जेनेरिक दवाएं नहीं लिखते हैं।  

हर दवा पर 16% मार्जिन का सुझाव
पीठ ने यह भी सवाल उठाया कि आवश्यक और गैर-आवश्यक दवाओं के बीच अंतर क्यों रखा जाए और कई दवाओं को Drugs (Prices Control) Order (DPCO) के दायरे से बाहर क्यों रखा गया है। कोर्ट ने सुझाव दिया कि सभी दवाओं पर MRP के स्तर पर 16 प्रतिशत मार्जिन तय करने की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकती।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार संतुलित समाधान पर विचार करेगी और 16 प्रतिशत की समान सीमा का सुझाव उन्हें तार्किक प्रतीत होता है। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने मौजूदा नियामक व्यवस्था अदालत के सामने रखी।

कोर्ट ने कहा कि सरकारी योजनाओं के जरिए भुगतान हो या मरीज खुद खर्च करे, अंततः बोझ आम जनता और करदाताओं पर पड़ता है। मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में होगी। इससे पहले भी इसी मामले में कोर्ट दवाओं की कीमतों को लेकर स्थिति को “broad daylight dacoity” और मरीजों के खिलाफ “absolute rampage” जैसी कड़ी टिप्पणियों से संबोधित कर चुका है।

दिल्ली को आज मिलेंगी 4 बड़ी ट्रैफिक परियोजनाओं की सौगात, अमित शाह करेंगे शुभारंभ

दिल्ली को आज मिलेंगी 4 बड़ी ट्रैफिक परियोजनाओं की सौगात, अमित शाह करेंगे शुभारंभ

 दिल्ली।  दिल्ली की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में आज चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर और मुकरबा चौक अंडरपास का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वह मोदी मिल फ्लाईओवर और लोनी रोड गोल चक्कर अंडरपास की आधारशिला भी रखेंगे।

लोक निर्माण विभाग (PWD) की इन परियोजनाओं का दिल्लीवासियों को लंबे समय से इंतजार था। इनका उद्देश्य राजधानी के प्रमुख इलाकों में यातायात दबाव कम करना और लोगों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाना है। परियोजनाओं के शुरू होने के बाद संबंधित मार्गों पर जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और PWD मंत्री प्रवेश वर्मा भी मौजूद रहेंगे।

10 किलोमीटर का सिग्नल फ्री कॉरिडोर, सफर में 20-25 मिनट की बचत

बारापुला फेज-3 कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्लीवासियों को यातायात के लिहाज से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 तक तैयार किए गए इस कॉरिडोर की मुख्य लंबाई 3.5 किलोमीटर है। रैंप और लूप को शामिल करने पर इसकी कुल लंबाई करीब 4.9 किलोमीटर हो जाती है। छह लेन वाले इस एलिवेटेड कॉरिडोर में दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन बनाई गई हैं। इसके अलावा साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। कॉरिडोर के शुरू होने के बाद मयूर विहार फेज-1 और नोएडा से एम्स तक करीब 10 किलोमीटर लंबा सिग्नल फ्री मार्ग उपलब्ध होगा।

उद्घाटन समारोह के चलते सराय काले खां, महारानी बाग और आश्रम चौक पर यातायात प्रभावित

नई दिल्ली। बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के चलते मंगलवार को दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में यातायात प्रभावित रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक सराय काले खां, महारानी बाग और आश्रम चौक के आसपास ट्रैफिक पर असर पड़ सकता है। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के बसों और कारों से पहुंचने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है।

बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के तहत कॉरिडोर के दोनों रैंप के साथ यमुना नदी पर एक्स्ट्रा-डोज्ड ब्रिज का निर्माण किया गया है। परियोजना को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और इसका निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था। इसे शुरुआती तौर पर वर्ष 2017 तक पूरा किया जाना था, लेकिन विभिन्न कारणों से परियोजना में देरी हुई। देरी के साथ इसकी लागत में भी बढ़ोतरी हुई और संशोधित लागत करीब 1,635 करोड़ रुपये हो गई। यह कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ेगा। इसके शुरू होने के बाद मयूर विहार से एम्स और दक्षिण दिल्ली की ओर सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।

वाहनों के साथ पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों को भी मिलेगी बेहतर सुविधा

बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना में वाहनों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी के साथ साइकिल सवारों और पैदल यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। परियोजना के तहत समर्पित साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए अनुकूल सुविधाएं विकसित की गई हैं। सरकार के अनुसार, कॉरिडोर के शुरू होने से मयूर विहार और सराय काले खां के बीच लंबे समय से लंबित सड़क संपर्क स्थापित होगा। इससे पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच आने-जाने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

1 अक्टूबर से बदलेंगे ये 6 नियम, LPG सब्सिडी से SBI कैश निकासी तक पड़ेगा सीधा असर

1 अक्टूबर से बदलेंगे ये 6 नियम, LPG सब्सिडी से SBI कैश निकासी तक पड़ेगा सीधा असर

  New rules October 2026: बिहार में 1 अक्टूबर से बड़े बदलाव होने जा रहे हैं, जिसका असर सीधा आम आदमी पर पड़ने वाला है। इस स्टोरी में हम कुछ प्रमुख बदलावों के बारे में बता रहे हैं, जिसके बारे में जानना आपके लिए बहुत जरूरी है। बिना जानकारी के आपको नुकसान हो सकता है, तो आइए एक-एक कर इन बदलावों के बारे में जानते हैं…

LPG सिलिंडर के लिए BAA अनिवार्य
बिहार समेत पूरे देश के घरेलू एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार के नए नियमों के तहत एलपीजी सिलिंडरों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) कराना अनिवार्य हो गया है।

अगर कोई उपभोक्ता तय समय सीमा तक इस प्रक्रिया को पूरा नहीं करता है, तो उसके गैसे सिलिंडरों की बुकिंग या आपूर्ति तो बंद नहीं होगी, लेकिन उसे सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ मिलना बंद हो जाएगा।

अगर आपने BAA पहले ही पूरा कर लिया है तो दोबारा कुछ करने की जरूरत नहीं है। आपका रिफिल पहले की तरह जारी रहेगा।

जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र में बदलाव
जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन अधिनियम के नए प्रावधान लागू होंगे। नए नियमों के तहत, जन्म या मृत्यु के 21 दिनों के अंदर भीतर रजिस्ट्रेशन फ्री और सरल रहेगा।

वहीं, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र पंजीकरण में देरी होने पर अब नए प्रावधानों के तहत जुर्माने और कड़ी अनुमति का प्रवाधान है।

एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष के भीतर जन्म प्रमाण पत्र के रजिस्ट्रेशन के लिए उपजिलाधिकारी या जिलाधिकारी के कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी होगी

ऐसे में अब किसी की मौत होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र और जन्म होने पर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में बिल्कुल भी देरी न करें।

SBI का कैश विदड्रॉल पर नया नियम
अगर आपका भी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में अकाउंट है, तो नया नियम जानना बहुत जरूरी है। स्टेट बैंक ब्रांच के जरिए खोले गए 'बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट' से कैश निकालने के चार्ज में बदलाव कर रहा है।

इसके तहत, 1 अक्टूबर से महीने में चार बार कैश निकालना फ्री रहेगा। इसके बाद आपको हर बार कैश निकालने पर 15 रुपये और उस पर लागू GST देना होगा।

बल्क FD पर समान दरें
बैंक अब एक ही शहर/क्षेत्र की अलग-अलग शाखाओं में बल्क एफडी पर अलग-अलग ब्याज दरें ऑफर नहीं कर सकेंगे। दरें सभी जगह समान और पारदर्शी होंगी।

अब 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की FD बल्क डिपॉजिट मानी जाएगी। पहले यह सीमा 2 करोड़ रुपये थी। बल्क FD पर बैंक अपनी जरूरत के हिसाब से अलग ब्याज दर तय कर सकेंगे।

बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट की फ्री सुविधा खत्म
आधार कार्ड में  बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट की फ्री सुविधा 30 सितंबर को खत्म हो रही है। 1 अक्टूबर से फिंगरप्रिंट, फोटो आदि के अपडेट करने के लिए 125 रुपये फीस देनी होगी। अगर फीस से बचना है, तो 30 से पहले अपडेट करा डालें।

प्रॉपर्टी टैक्स पर जुर्माना
पटना नगर निगम क्षेत्र के संपत्तिधारकों के लिए संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है। इसके बाद एक अक्टूबर से बकाया कर की मूल राशि पर हर माह 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा। बकाया जितने समय तक रहेगा, देनदारी उतनी ही बढ़ती जाएगी।

Previous123456789...479480Next