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 पुस्तकों और ज्ञान के उत्सव में सराबोर हुआ महंत लक्ष्मीनारायण दास कॉलेज, मनाया गया लाइब्रेरियन डे

पुस्तकों और ज्ञान के उत्सव में सराबोर हुआ महंत लक्ष्मीनारायण दास कॉलेज, मनाया गया लाइब्रेरियन डे

रायपुर। महंत लक्ष्मीनारायण दास कॉलेज में लाइब्रेरियन डे के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने महाविद्यालय की लाइब्रेरी में उपलब्ध सुविधाओं एवं उसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकालय आने, उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने तथा अध्ययन-अनुसंधान के लिए लाइब्रेरी को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय की लाइब्रेरियन सुश्री निकिता प्रधान ने महान पुस्तकालय वैज्ञानिक डॉ. एस. आर. रंगनाथन के जीवन एवं योगदान की जानकारी देते हुए लाइब्रेरियन डे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकालय में उपलब्ध विभिन्न डिजिटल एवं शैक्षणिक संसाधनों की जानकारी दी तथा SOUL एवं INFLIBNET जैसी सुविधाओं के उपयोग के बारे में बताया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के ज्ञान एवं बौद्धिक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंटर-क्लास क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बी.बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की अफसा शेख, जसगुण कौर, सिमरन सिंह एवं शीतल साहू के समूह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन लाइब्रेरियन सुश्री निकिता प्रधान ने किया, जबकि हिन्दी विभाग के प्राध्यापक प्रो. प्रीतम दास ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में पुस्तकालय के प्रति रुचि एवं जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अध्ययन, पठन-पाठन एवं ज्ञानार्जन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

 
मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक संपन्न

मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक संपन्न

 रायपुर, 13 अगस्त 2026- मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 102वीं एवं 103वीं संयुक्त बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में मार्च 2026 और जून 2026 की तिमाहियों के दौरान राज्य में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा केंद्र व राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग नेटवर्क के विस्तार और सरकारी हितग्राही योजनाओं में वित्तीय सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

जनकल्याणकारी योजनाओं को दें प्राथमिकता

मुख्य सचिव ने पीएम सूर्यघर योजना, पीएम स्वनिधि योजना, पीएम आवास योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत प्राप्त ऋण आवेदनों का बिना किसी बाधा के त्वरित निपटारा करने के निर्देश दिए. उन्होंने बैंकर्स से कहा कि ऋण प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा की जाए.

किसानों को त्वरित केसीसी लोन

किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से शीघ्रता से लोन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया. इसके साथ ही पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्रों के लिए भी केसीसी वितरण की समीक्षा की गई. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना किसानों को खेती, पशुपालन और मछली पालन के लिए बेहद कम ब्याज (मात्र 4%) पर आसान लोन देती है. बिना किसी गारंटी के मिलने वाले इस लोन की सीमा को बढ़ाकर अब 2 लाख कर दिया गया है, जबकि कुल ऋण सीमा को 5 लाख तक किया गया है. 

बस्तर और सरगुजा संभाग पर विशेष ध्यान

राज्य के बस्तर और सरगुजा संभागों में बैंकिंग सेवाओं की सीमित पहुंच को देखते हुए, वहां नई बैंक शाखाएं खोलने और स्थानीय स्तर पर ऋण उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए. वित्तीय सेवा विभाग के मानकों के अनुसार, बिना बैंकिंग सुविधा वाले गांवों में 5 किलोमीटर के दायरे के भीतर बैंकिंग सेवाएं (शाखाएं या बीसी एजेंट) उपलब्ध कराने पर बल दिया गया.

वार्षिक ऋण योजना एवं सामाजिक सुरक्षा

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक ऋण योजना के तहत बैंकों के प्रदर्शन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (RSETI) की गतिविधियों, जिला परामर्शदात्री समिति की बैठकों और वित्तीय साक्षरता सलाहकारों की नियुक्ति से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई.

 इस बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नाबार्ड (NABARD) के प्रतिनिधियों सहित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के सदस्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी एवं राज्य शासन के विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे.

छत्तीसगढ़ में निवेश की बड़ी छलांग, ग्रीन स्टील और माइनिंग में ₹13,800 करोड़ से ज्यादा के MoU

छत्तीसगढ़ में निवेश की बड़ी छलांग, ग्रीन स्टील और माइनिंग में ₹13,800 करोड़ से ज्यादा के MoU

 रायपुर, 13 अगस्त. छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने के संकेत हैं. राजधानी रायपुर में आयोजित पांचवें दो दिवसीय ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट के समापन अवसर पर स्टील और एल्युमिनियम सेक्टर में ₹13,800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित इस समिट में देशभर से उद्योगपति, विशेषज्ञ और नीति-निर्माता शामिल हुए.

10 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर
नए निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. इससे राज्य के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत को दिया भरोसा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समिट के सफल आयोजन के लिए CII का आभार जताते हुए कहा कि स्टील और माइनिंग सेक्टर पर दो दिनों तक हुए विचार-विमर्श का देश और प्रदेश को दूरगामी लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने और पारदर्शी नीतियां लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है.

ग्रीन स्टील और आधुनिक तकनीक पर जोर
समिट में पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन स्टील उत्पादन, आधुनिक माइनिंग तकनीक और खनिज संसाधनों के टिकाऊ उपयोग पर विशेष चर्चा हुई. विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीकों को अपनाने तथा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की रणनीतियों पर विचार साझा किए.

औद्योगिक हब के रूप में मजबूत हो रही पहचान
दो दिनों तक चले सम्मेलन में छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन स्टील हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई. नए निवेश से राज्य में स्टील और एल्युमिनियम आधारित उद्योगों के विस्तार के साथ खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

समिट में हुए ₹13,800 करोड़ से अधिक के निवेश समझौतों को छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ राज्य की राष्ट्रीय औद्योगिक पहचान और मजबूत होने की संभावना है.

हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस में RPF और DRI की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 1.242 किग्रा विदेशी सोना बरामद, 2 संदिग्ध गिरफ्तार

हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस में RPF और DRI की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 1.242 किग्रा विदेशी सोना बरामद, 2 संदिग्ध गिरफ्तार

 रायपुर. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) क्राइम ब्रांच और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की एक संयुक्त और सटीक कार्रवाई में हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12262) से लगभग ₹1.96 करोड़ मूल्य का 1.242 किलोग्राम विदेशी सोना बरामद किया गया है. रायपुर-नागपुर रेलखंड पर चलाए गए इस विशेष जांच अभियान के दौरान ट्रेन के कोच B-12 में यात्रा कर रहे दो संदिग्ध यात्रियों को भंडारा और नागपुर स्टेशन के बीच हिरासत में लिया गया.

रायपुर से नागपुर तक गहन चेकिंग अभियान
RPF क्राइम ब्रांच नागपुर के वरिष्ठ अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि हावड़ा से मुंबई की ओर जा रही दुरंतो एक्सप्रेस में विदेशी सोने की एक बड़ी खेप ले जाई जा रही है. सूचना की गंभीरता को देखते हुए RPF क्राइम ब्रांच नागपुर, RPF रायपुर और DRI नागपुर की संयुक्त टीम का गठन किया गया.

ट्रेन के रायपुर स्टेशन पहुंचते ही टीम ने संदिग्ध डिब्बों की निगरानी शुरू कर दी. जांच करते हुए जब टीम कोच B-12 में पहुंची, तो वहां बैठे दो यात्रियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं. कड़ी पूछताछ और सामान की तलाशी लेने पर उनके पास से छिपाकर रखा गया विदेशी सोना बरामद हुआ.

बरामद सोने की सामग्री और अनुमानित मूल्य
तलाशी के दौरान संदिग्धों के कब्जे से निम्नलिखित कीमती सामान बरामद किया गया:

सोने के बिस्किट: 7 पीस (विदेशी मार्किंग के साथ)

सोने की छड़ (Gold Bar): 1 पीस

कुल वजन: लगभग 1.242 किलोग्राम

अनुमानित बाजार मूल्य: ₹1,96,34,307 (एक करोड़ छिानवे लाख चौंतीस हजार तीन सौ सात रुपये)

कस्टम्स एक्ट के तहत मामला दर्ज, बड़ा नेटवर्क होने की आशंका
RPF ने प्रारंभिक कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को जप्त सोने सहित DRI नागपुर के सुपुर्द कर दिया है. DRI ने सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 (Customs Act, 1962) की धारा 135 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है.

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि:

सोने की यह विदेशी खेप भारत में किस सीमा से अवैध रूप से दाखिल कराई गई थी.

इसे मुंबई या किसी अन्य महानगर में किस सरगना तक पहुंचाया जाना था.

इस पूरे तस्करी सिंडिकेट में कौन-कौन से स्थानीय और अंतरराज्यीय कूरियर शामिल हैं.

DRI अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांसक्रिप्शन और यात्रा इतिहास को खंगाला जा रहा है, ताकि सोने की इस अवैध तस्करी के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके.

ED RAID : छतीसगढ़ ED की बड़ी कार्रवाई, तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

ED RAID : छतीसगढ़ ED की बड़ी कार्रवाई, तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

 राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक बड़ी और अचानक हुई कार्रवाई से व्यापारिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ED की संयुक्त टीमों ने शहर और आसपास स्थित तीन प्रमुख ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है.

सुबह-सुबह तीन ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल और रायपुर ED की अलग-अलग संयुक्त टीमों ने तड़के लगभग 6:00 बजे एक साथ तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की. जांच के दायरे में शहर का चर्चित प्रतिष्ठान 'भंसाली किराया भंडार' और सत्यम विहार स्थित 'नाहटा ग्रुप' के ठिकाने शामिल हैं.

टीमों के अचानक पहुंचने से परिसरों में मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी संबंधित ठिकानों के बाहर सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है और बाहरी लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है.

वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की पड़ताल
ED के अधिकारी संबंधित ठिकानों पर मौजूद वित्तीय रिकॉर्ड, बही-खातों, बैंक खातों के विवरण और अन्य महत्वपूर्ण कागजात को गहनता से खंगाल रहे हैं. डिजिटल उपकरणों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है.

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
हालांकि, यह कार्रवाई किस विशिष्ट वित्तीय अनियमितता, धन शोधन (Money Laundering) या प्रकरण से जुड़ी है, इस संबंध में ED के अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. माना जा रहा है कि दस्तावेजों की प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.

जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड; युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार….

जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड; युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नवीन शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), जीजामगांव में सत्र 2026-27 से पहली बार मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड का प्रथम बैच प्रारंभ किया गया है। यह इस संस्था का भी पहला प्रशिक्षण सत्र होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों को देखते हुए यह ट्रेड युवाओं के लिए करियर की दृष्टि से बेहद अहम साबित होगा।

दो वर्षीय पाठ्यक्रम और आधुनिक प्रशिक्षण

मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल दो वर्षीय पाठ्यक्रम है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक के साथ-साथ बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS), मोटर कंट्रोल, चार्जिंग सिस्टम, वाहन सर्विसिंग और फॉल्ट डायग्नोसिस जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक एवं उद्योग-आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्तमान में यह ट्रेड छत्तीसगढ़ के चुनिंदा 5 शासकीय आईटीआई संस्थानों में ही संचालित है, जिससे जीजामगांव आईटीआई में इसकी शुरुआत जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड; युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार

रोजगार व स्वरोजगार के बेहतर अवसर

ई-व्हीकल के बढ़ते चलन से अधिकृत सर्विस सेंटरों, ई-व्हीकल निर्माण कंपनियों, चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी से संबंधित सेवा इकाइयों में प्रशिक्षित तकनीशियनों की मांग तेजी से बढ़ेगी। इसके अलावा, प्रशिक्षित युवा खुद का सर्विस सेंटर या तकनीकी सेवा शुरू कर स्वरोजगार भी स्थापित कर सकेंगे।

जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड; युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार

क्षेत्र का तेजी से हो रहा विकास

जीजामगांव क्षेत्र में फॉरेस्ट पार्क, फूड पार्क सहित विभिन्न विकास एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने नवीन आईटीआई भवन के लिए चिह्नित भूमि का निरीक्षण भी किया था। जिला धमतरी की नोडल संस्था शासकीय आईटीआई कुरूद के प्राचार्य श्री योगेश देवांगन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए इस नवीन ट्रेड में प्रवेश लें।

जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड; युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार

प्रवेश प्रक्रिया और अन्य सौगातें

आईटीआई में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन एवं चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए शासकीय आईटीआई कुरूद से संपर्क किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 23 सितंबर को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम करेली बड़ी में आयोजित समारोह में जिले के लिए 83 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा की थी, जिसमें जीजामगांव में नवीन आईटीआई की स्थापना भी शामिल थी।

CM साय आज लेंगे उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक,ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट में भी होंगे शामिल

CM साय आज लेंगे उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक,ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट में भी होंगे शामिल

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे एक निजी होटल में आयोजित ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे मंत्रालय पहुंचेंगे,जहां वे दोपहर 3 बजे तक कार्यालयीन कार्यों में व्यस्त रहेंगे। दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक लेंगे। इस दौरान विभागीय कामकाज, औद्योगिक गतिविधियों और प्रदेश में निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।

‘आजादी की धुन’ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

‘आजादी की धुन’ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 'आजादी की धुन' में इतिहास का गौरव, वर्तमान का कर्तव्य और भविष्य का संकल्प : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री  साय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में हुए शामिल

100 युवा कलाकारों की एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र, देशभक्ति के गीतों ने बांधा समां

रायपुर - राजधानी रायपुर की शाम  देशभक्ति के सुरों से गूंज उठी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से आए 100 युवा कलाकारों ने विभिन्न वाद्ययंत्रों के साथ एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति देकर देशभक्ति का अनुपम वातावरण निर्मित किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय समारोह में शामिल हुए और युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देशभक्ति के गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रप्रेम के भाव से सराबोर कर दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘आजादी की धुन’ देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या एवं बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर है। 'आजादी की धुन’ हमें इतिहास के गौरव का स्मरण, वर्तमान के कर्तव्यों का बोध और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प दिलाती है। छत्तीसगढ़ में पहली बार 100 युवा कलाकारों द्वारा एक साथ अलग-अलग वाद्ययंत्रों पर देशभक्ति की धुनों की प्रस्तुति अपने आप में अनूठा प्रयास है। उन्होंने इस अभिनव आयोजन के लिए संस्कृति विभाग और सभी कलाकारों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संगीत में भावनाओं को जागृत करने और लोगों को एक सूत्र में जोड़ने की अद्भुत शक्ति होती है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी गीतों, कविताओं और नारों ने देशवासियों के भीतर स्वाधीनता की चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देशभक्ति के गीतों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में हमारे क्रांतिकारियों और सेनानियों का मनोबल बढ़ाया तथा करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता के लक्ष्य के लिए एकजुट किया। आज भी जब देशभक्ति की धुनें सुनाई देती हैं, तो मन में राष्ट्र के प्रति गर्व और समर्पण का भाव स्वतः जागृत हो उठता है।

मुख्यमंत्री  साय ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों का स्मरण करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता हमें असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। अनेक क्रांतिकारियों ने मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, हजारों सेनानियों ने कारावास की कठोर यातनाएं सहीं और लाखों देशवासियों ने अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित असंख्य राष्ट्रनायकों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी। आज हम स्वतंत्र वातावरण में अपने सपनों को साकार कर पा रहे हैं, तो इसके पीछे हमारे पूर्वजों की तपस्या, संघर्ष और बलिदान है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमारे लिए केवल अधिकारों का उत्सव नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और दायित्वों को निभाने का संकल्प भी है। हमें यह सदैव स्मरण रखना चाहिए कि करोड़ों देशवासियों के संघर्ष से प्राप्त इस बहुमूल्य आजादी की रक्षा करना, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाना और राष्ट्र को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे ले जाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के गौरवशाली योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती ने भी अनेक वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने अन्याय और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। अमर शहीद वीर नारायण सिंह ने गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। बस्तर के जननायक वीर गुण्डाधुर ने भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व कर अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आदिवासी समाज की आवाज बुलंद की। ऐसे महान सेनानियों का शौर्य और बलिदान छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आजादी की धुन’ जैसे आयोजन विशेष रूप से युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता के संघर्ष और उसके मूल्यों से जोड़ते हैं। नई पीढ़ी को यह जानना आवश्यक है कि जिस स्वतंत्र भारत में वे आज अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं, उसके पीछे कितने ही ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष और त्याग है। स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। यह संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। इसे साकार करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं को अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य के साथ आगे आना होगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी ‘विकसित भारत’ के निर्माण में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि विकास की रोशनी प्रदेश के प्रत्येक गांव, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे तथा छत्तीसगढ़ अपनी सामर्थ्य और संभावनाओं के अनुरूप देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में शामिल कलाकारों एवं युवाओं को हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि आजादी का यह उत्सव हमें अपने गौरवशाली अतीत का स्मरण कराने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला, स्काउट-गाइड के चेयरमैन  इंद्रजीत सिंह खालसा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, कलाकार और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

CG : विजन 2047 की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ : उद्योगों से आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की नई पहल

CG : विजन 2047 की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ : उद्योगों से आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की नई पहल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ आज औद्योगिक विकास के ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां विकास का उद्देश्य केवल नए उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि रोजगार, निवेश, आधुनिक तकनीक और क्षेत्रीय संतुलन के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए पारदर्शी, निवेश-अनुकूल और रोजगारोन्मुख वातावरण तैयार किया है। वहीं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में नई औद्योगिक नीतियों ने निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है और छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की कतार में खड़ा करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं।

25 जून 2026 में टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का किया भूमिपूजन

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने 25 जून 2026 में टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड 235 करोड़ रुपए के निवेश से यहां गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही है। इस यूनिट से 4650 लोगों को रोजगार मिलेगा। टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने यह अहम कदम है।

प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार

बीते ढाई वर्षों में राज्य को 264 औद्योगिक परियोजनाओं से लगभग 8.22 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे 1.72 लाख से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है। इनमें से 154 परियोजनाएं निर्माण, भूमि आवंटन अथवा उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी हैं, जबकि कई इकाइयां पहले ही उत्पादन प्रारंभ कर चुकी हैं। इसी अवधि में प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला। यह दर्शाता है कि सरकार की औद्योगिक नीतियां केवल कागज़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर परिणाम दे रही हैं।

विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन

राज्य सरकार द्वारा लागू औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ने उद्योगों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन, एमएसएमई और सेवा उद्योगों को पहली बार विशेष लाभ, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फार्मा जैसे भविष्य के क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज तथा स्थानीय युवाओं के रोजगार को बढ़ावा देने वाले प्रावधान इस नीति की प्रमुख विशेषताएं हैं। यही कारण है कि नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर एसईजेड और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश जैसी बड़ी पहलें आकार ले रही हैं।

ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। 150 से अधिक सेवाओं वाला नया सिंगल विंडो सिस्टम, निवेशकों के लिए एआई आधारित वाणी प्रणाली, 500 से अधिक प्रशासनिक सुधार तथा प्रक्रियाओं का सरलीकरण निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रहा है। औद्योगिक विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचे, इसके लिए राज्य में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए तथा 15 जिलों में 26 नए औद्योगिक कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सरोरा में प्लास्टिक पार्क और नवा रायपुर में टेक्सटाइल, फार्मा एवं रेडीमेड गारमेंट पार्क जैसे प्रयास औद्योगिक आधार को और मजबूत बना रहे हैं।

सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना और निवेश को तेजी से धरातल पर उतारना

हाल ही में विजन 2047 औद्योगिक विकास की संभावनाएं विषयक चर्चा में उद्योगमंत्री लखन लाल देवांगन ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना और निवेश को तेजी से धरातल पर उतारना है, ताकि स्थानीय युवाओं को अधिकतम अवसर मिल सकें। आने वाले वर्षों के लिए सरकार निर्यात नीति, स्टार्टअप एवं नवाचार नीति, कौशल विकास, इंटर्नशिप, एमएसएमई सशक्तिकरण और बस्तर-सरगुजा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है, प्रदेश के युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है।

छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे

राज्य में नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश का वादा मिला है, जिससे अलग-अलग सेक्टर में 1.6 लाख से ज़्यादा रोज़गार के अवसर पैदा होने की संभावना है। टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा, राज्य ने डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। यह छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

 नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना

राज्य में वस्त्र एवं परिधान उद्योग को प्रोत्साहित करने नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इसके 81 एकड़ क्षेत्र में 2758 वर्गमीटर से लेकर 38 हजार 180 वर्गमीटर आकार के भूखंड उपलब्ध हैं। टेक्सटाइल, गारमेंट एवं परिधान उद्योग, तकनीकी वस्त्र (ज्मबीदपबंस ज्मगजपसमे) तथा इनके सहायक एवं पूरक उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को यहां सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रदेश आज उद्योगों की नई उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार

विजन 2047 की दिशा में छत्तीसगढ़ का यह औद्योगिक अभियान केवल आर्थिक विकास की कहानी नहीं, बल्कि एक ऐसे भविष्य का निर्माण है जहां निवेश, नवाचार, रोजगार और समावेशी विकास मिलकर आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव रख रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से प्रदेश आज उद्योगों की नई उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़क एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़क एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

वर्ष 2024-25 तक के सभी प्रगतिरत कार्यों को मार्च-2027 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश, काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने कहा

मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को हर महीने कार्यों की समीक्षा के निर्देश, कहा साइट देखने के बाद ही तैयार करें निर्माण कार्यों के प्राक्कलन

गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर, ठेकेदारों को नियमित भुगतान के निर्देश

रायपुर. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों से स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2024-25 तक के सभी प्रगतिरत कार्यों को 31 मार्च 2027 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश दिए।  बंसल ने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन कर हर महीने भुगतान के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को हर महीने कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता  पी.एम. कश्यप और टी.आर. कुंजाम भी बैठक में मौजूद थे।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने फील्ड का दौरा कर और साइट देखने के बाद ही निर्माण कार्यों के प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश विभागीय अभियंताओं को दिए। उन्होंने ठेकेदारों से नियमित संपर्क और समन्वय बनाकर निर्धारित टाइम-लाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने टाइम-लाइन के मुताबिक समय पर काम नहीं करने वाले, लापरवाही बरतने वाले और गुणवत्ताहीन कार्य करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने तथा आगामी निविदाओं के लिए अपात्र करने के निर्देश दिए।

विभागीय सचिव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और उन्हें समय-सीमा में पूरा करने सुव्यवस्थित तथा योजनाबद्ध ढंग से काम करने को कहा। उन्होंने रायपुर और नवा रायपुर में कार्यों की सहूलियत, बेहतर मॉनिटरिंग और प्रशासनिक कसावट के लिए रायपुर मंडल क्रमांक-1 के चारों संभागों को पुनर्गठित कर कार्यक्षेत्रों का नए सिरे से विभाजन करने को कहा। उन्होंने राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप एक ही टेबल पर तीन वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार कर 30 सितम्बर तक नई पदस्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में लोक निर्माण विभाग के रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में अनुकंपा नियुक्ति तथा न्यायालयीन प्रकरणों की भी समीक्षा की।

बंसल ने पीडब्लूडी-आईएमएस (PWD-IMS) में विभाग के सभी कार्यों की एंट्री 31 अगस्त तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 तथा 2026-27 के प्राथमिकता वाले नए कार्यों के प्राक्कलन भी 31 अगस्त तक जमा करने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु तथा लोक सेवा गांरटी के प्रकरणों को भी समय-सीमा में सक्रियता से निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनसुविधा और नागरिकों की आवश्यकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अगले पांच वर्षों में सड़कों की जरूरत का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद तत्काल अनुबंध कर कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निविदा में कार्यपूर्णता के लिए उपयुक्त समय-सीमा के निर्धारण के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश प्रमुख अभियंता को दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु, पोल शिफ्टिंग, पाइपलाइन शिफ्टिंग तथा अन्य यूटिलिटीज की शिफ्टिंग की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार्यपूर्णता के लिए समयावधि निर्धारित करने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों के पूर्ण होने के बाद तीन महीनों के भीतर फाइनल बिल तैयार करने तथा ठेकेदारों को भुगतान के लिए भी एसओपी बनाने के निर्देश प्रमुख अभियंता को दिए।

  1. बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं को विभिन्न आयोजनों के बिलों के भुगतान ठेकेदारों को तत्परता से एक महीने के भीतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने चालू मानसून सीजन में सड़कों की पेच रिपेयरिंग और गड्ढा भरने के काम तत्काल करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को नोटिस देकर परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों की भी मरम्मत तत्काल सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव  एस.एन. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक  शशांक पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता  वी.के. बेदिया और सुरेश भूपल तथा रायपुर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों के कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। 
किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : साय

किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : साय

 00 किसान प्रदेश की प्रगति की धुरी, उनकी आय बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर कर रही काम

00 हरेली के पावन अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के नवीन शासकीय आवास के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज हरेली तिहार के पावन अवसर पर नवा रायपुर में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा के नवीन शासकीय आवास में आयोजित गृह प्रवेश समारोह एवं हरेली उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने वर्मा एवं उनके परिजनों को नवीन आवास में गृह प्रवेश की बधाई देते हुए उनके सुखी, समृद्ध और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को भी छत्तीसगढ़ के प्रथम लोक पर्व हरेली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हरेली जैसे शुभ अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का नवीन शासकीय आवास में गृह प्रवेश इस अवसर को और भी विशेष बनाता है। हरेली हमारी कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा पर्व है। किसान इस दिन कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं तथा अच्छी वर्षा, भरपूर फसल और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। यह पर्व छत्तीसगढ़ की उस समृद्ध परंपरा का प्रतीक है, जिसमें प्रकृति, खेती और लोकजीवन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।

किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का मजबूत आधार खेती-किसानी है। किसान प्रदेश की प्रगति की धुरी हैं और उनकी समृद्धि में ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि निहित है। राज्य सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है। इससे किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेती की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई की सुविधा मिले, जिससे किसान वर्षा पर निर्भरता कम कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल परंपरागत खेती तक सीमित रहने के बजाय उन्हें कृषि से जुड़ी सहायक और आयमूलक गतिविधियों से जोडऩे पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण तथा अन्य आयवर्धक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा और गांव मजबूत होंगे तो विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की गति और तेज होगी। सरकार की नीतियों के केंद्र में अन्नदाता का हित है और खेती-किसानी को अधिक समृद्ध तथा लाभकारी बनाने के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
हरेली से शुरू होता है छत्तीसगढ़ के पर्वों का सिलसिला : डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और कृषि परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। हरेली के साथ ही प्रदेश में तीज-त्योहारों का उल्लासपूर्ण सिलसिला प्रारंभ हो जाता है। आज पूरा छत्तीसगढ़ हरेली के रंग में रंगा हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि इस वर्ष अच्छी बारिश से किसानों में उत्साह है और बेहतर फसल की उम्मीद जगी है। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि प्रदेश के खेत-खलिहान अच्छी फसल से लहलहाएं, किसानों के घरों में खुशहाली आए और छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति करे। उन्होंने राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा एवं उनके परिजनों को नवीन शासकीय आवास में गृह प्रवेश के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
राम भजन की प्रस्तुति ने बनाया भक्तिमय वातावरण
हरेली तिहार और गृह प्रवेश के उल्लास के बीच राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने राम भजन की सुंदर प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने समारोह में भक्तिमय वातावरण निर्मित कर दिया। उपस्थित अतिथियों और नागरिकों ने भजन का आनंद लिया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक  मोतीलाल साहू एवं  इंद्रकुमार साहू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा के परिजन उपस्थित थे।

नारायणपुर से शुरू हुई बस्तर तिरंगा यात्रा, उपमुख्यमंत्री शर्मा और वन मंत्री कश्यप ने बाइक चलाकर किया नेतृत्व

नारायणपुर से शुरू हुई बस्तर तिरंगा यात्रा, उपमुख्यमंत्री शर्मा और वन मंत्री कश्यप ने बाइक चलाकर किया नेतृत्व

 00 नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचेगा तिरंगा, फूंका विकास का बिगुल, किया विकास के आगाज का संदेश

रायपुर। बस्तर में शांति, एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश लेकर बुधवार को नारायणपुर जिला मुख्यालय के हायर सेकेंडरी स्कूल ग्राउंड से बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 का शुभारंभ हुआ। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप बाइक पर तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व करते हुए रवाना हुए, जिसे क्षेत्र के विभिन्न समाज प्रमुखों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बस्तर तिरंगा यात्रा के आयोजन में शामिल बच्चों से मंत्री द्वय ने उनके बीच पहुंच कर आत्मीयता के साथ मुलाकात की और सभी का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विकास का बिगुल फूंकते हुए सभी को शांति और विकास का संदेश दिया।

नारायणपुर से शुरू हुई बस्तर तिरंगा यात्रा


उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जहां पहले नक्सली घटनाओं ने लोगों को प्रभावित किया था। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से देश और दुनिया को यह संदेश दिया जाएगा कि इन क्षेत्रों में अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि नारायणपुर का चयन विशेष उद्देश्य के तहत किया गया है, क्योंकि यह जिला सबसे लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। यात्रा का समापन 14 अगस्त को बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में माओवाद के विरुद्ध नीति बनाकर नियत तिथि पर 31 मार्च 2026 में नक्सलवाद राज्य के साथ साथ देश से समाप्त किया गया है। आज के बाद हर राष्ट्रीय पर्व एवं स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के कोने-कोने तक भारत का तिरंगा पूरी आन, बान और शान से लहराएगा। उन्होंने कहा कि जनवरी 2024 से लेकर अब तक बस्तर के अनेक दुर्गम गाँवों में लगातार राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण किया गया है। इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर सम्भाग के 90 से अधिक ऐसे गाँव हैं, जहाँ आजादी के बाद पहली बार इस स्वाधीनता दिवस पर तिरंगा लहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा फहरने का मतलब बाबा साहब के द्वारा लिखा संविधान अब राज्य के कोने कोने पर लागू होगा।

नारायणपुर से शुरू हुई बस्तर तिरंगा यात्रा


शर्मा ने कहा कि आज जब मैं बस्तर के अलग अलग गांवों में जाता हूँ तो बस्तरवासी कहते हैं कि वे खुद को सही मायनों में स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और अब कोई ऐसी ताकत नहीं बची जो भारत के राष्ट्रीय ध्वज को नकार सके। पहले राष्ट्रीय पर्वों पर माओवादियों का फरमान होता था कि अपने घरों में काला झंडा लगाया जाए, आज हर घर में तिरंगा फहर रहा है। इसमें बस्तर के लोगों ने अपने मनोबल और जवानों का अदम्य साहस सहयोग रहा, जिससे नक्सलावाद से मुक्ति पाई है। अब समय आ गया है कि दुनिया के लोग बस्तर को जानें, अब बस्तर के लोग दुनिया में छाने वाले हैं। बस्तर के लोग आगे चलकर नया इतिहास लिखने वाले हैं। 
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब लोगों को मूलभूत सुविधाएं, विकास कार्य और सुरक्षा का वातावरण मिल रहा है। शासन बस्तर में सड़क, शिक्षा, कौशल विकास, लघु वनोपज के प्रसंस्करण और रोजगार के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। वहीं विकास कार्यों में गुणवत्ता को लेकर उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक श्री केदार कश्यप ने कहा कि कभी नक्सल गतिविधियों का केंद्र माने जाने वाले क्षेत्रों से आज तिरंगा यात्रा निकल रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा उन स्थानों की मिट्टी एकत्रित करेगी, जहां जवानों और नागरिकों ने शहादत दी है। इस मिट्टी का उपयोग भविष्य में बनने वाले स्मारक में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 12 अगस्त से प्रारंभ होकर 14 अगस्त तक बस्तर के अति-संवेदनशील और भीषण माओवाद प्रभावित रहे इलाकों से गुजरेगी।

 बस्तर तिरंगा यात्रा


आज पहले दिन यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर यात्रा मुंजमेटा, झारागांव, धौड़ाई, कन्हारगांव, कड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसुर होते हुए दंतेवाड़ा पहुंची। दूसरे दिन यात्रा दंतेवाड़ा से सुकमा और बीजापुर जिले के विभिन्न नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। तीसरे दिन बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी, ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर यात्रा का समापन होगा।
इस अवसर पर लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष  रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका के अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, जनप्रतिनिधि राहुल टिकरिया संध्या पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी  बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर नम्रता जैन, एसपी संदीप कुमार पटेल, जिला पंचायत सीईओ डीएफओ सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

शहादत को सलाम, हर घर तिरंगे के नाम: बीजापुर में गूंजा देशभक्ति का संदेश

शहादत को सलाम, हर घर तिरंगे के नाम: बीजापुर में गूंजा देशभक्ति का संदेश

 00 हर घर तिरंगा अभियान के तहत जिलेभर में तिरंगा रैली, शहीद जवानों के परिजनों को तिरंगा भेंट कर किया सम्मान

रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के तहत बीजापुर जिले में देशभक्ति से ओतप्रोत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला मुख्यालय और सभी ब्लॉक मुख्यालयों में भव्य तिरंगा रैली निकाली गई। रैली में स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। भारत माता की जय और देशभक्ति के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

शहादत को सलाम, हर घर तिरंगे के नाम: बीजापुर में गूंजा देशभक्ति का संदेश


बीजापुर जिला लंबे समय तक माओवाद से प्रभावित रहा है। 31 मार्च 2026 को जिले के नक्सल मुक्त होने के बाद यह पहला स्वतंत्रता दिवस है, इसलिए इस बार का उत्सव जिले के लिए विशेष महत्व रखता है। जिले को नक्सलवाद से मुक्त कराने के दौरान शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम और अन्य अधिकारी उनके घर पहुंचे। अधिकारियों ने शहीद जवानों के परिजनों से मुलाकात की, उन्हें तिरंगा भेंट किया और उनके साहस व बलिदान को नमन किया स अधिकारियों ने कहा कि देश की रक्षा के लिए जवानों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनका साहस और समर्पण आने वाली पीढिय़ों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।

शहादत को सलाम, हर घर तिरंगे के नाम: बीजापुर में गूंजा देशभक्ति का संदेश


जिलेभर में निकली तिरंगा रैली में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर हिस्सा लिया। रैली के दौरान बच्चों और नागरिकों ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गर्व की भावना व्यक्त की। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने जिलेवासियों से अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रीय एकता, गौरव और देशभक्ति की भावना के साथ मनाएं। हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रप्रेम का संदेश पहुंचाना है। बीजापुर में इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस केवल आजादी का उत्सव नहीं, बल्कि शांति की स्थापना और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।

हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी

हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी

 00 मुख्यमंत्री साय ने कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और भरपूर फसल की कामना की

00 हरेली प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, पशुधन के सम्मान और खेती-किसानी के गौरव का पर्व - साय

0 पारंपरिक वेशभूषा में पिंक ऑटो से कार्यक्रम स्थल पहुंचे मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
00 पौधरोपण से दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लगाया पारिजात का पौधा

00 लोकगीत-लोकनृत्य, गेड़ी-बिल्लस जैसे पारंपरिक खेल और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों से मुख्यमंत्री निवास में उतरा गांव का रंग
00 ड्रोन दीदी से किया संवाद: किसान को हार्वेस्टर सब्सिडी का 16 लाख रुपए का चेक सौंपा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सोंधी महक, खेत-खलिहानों की परंपराएं, लोकगीतों की स्वर लहरियां, मांदर की थाप, गेड़ी का उल्लास और पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू - प्रदेश के प्रथम लोक पर्व हरेली तिहार पर आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी में बदल गया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विधि-विधान से भगवान शिव, गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर प्रदेश में अच्छी वर्षा, भरपूर फसल, किसानों की समृद्धि और सभी परिवारों की सुख-खुशहाली की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारी, किसान और बड़ी संख्या में नागरिक इस उत्सव के साक्षी बने।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों, विशेषकर किसान भाई-बहनों को हरेली तिहार की गाड़ा-गाड़ा बधाई देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन के बीच आत्मीय रिश्ते का उत्सव है। यह पर्व हमें अपनी धरती, पशुधन, कृषि उपकरणों और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और प्रदेश की बड़ी आबादी की आजीविका खेती-किसानी से जुड़ी है। किसान की समृद्धि ही गांव और प्रदेश की खुशहाली का मजबूत आधार है।

हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी

पारंपरिक वेशभूषा में पिंक ऑटो से पहुंचे मुख्यमंत्री
हरेली के उत्सव में मुख्यमंत्री साय पूरी तरह छत्तीसगढ़ी रंग में रंगे नजर आए। पारंपरिक वेशभूषा धारण कर वे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ महिला ऑटो चालक श्रीमती संगीता यादव के पिंक ऑटो में मुख्यमंत्री निवास परिसर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इस अनूठे अंदाज ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उत्सव के माहौल में आत्मीयता का रंग घोल दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत गौरी-गणेश एवं नवग्रह पूजन के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग का अभिषेक किया और नांगर, रापा, कुदाल, फावड़ा सहित खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि औजारों की विधि-विधान से पूजा की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हरेली के समय तक खेती के अनेक प्रमुख कार्य पूरे हो चुके होते हैं और किसान प्रकृति एवं अपने कृषि साधनों की पूजा कर अच्छे कृषि वर्ष की कामना करते हैं। यह परंपरा हमारे पुरखों की प्रकृति के प्रति गहरी समझ और सम्मान को दर्शाती है।
गौमाता को खिलाई पारंपरिक लोंदी, पशुधन संरक्षण का दिया संदेश
मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में निर्मित गौशाला पहुंचकर गौमाता की आरती और पूजा-अर्चना की। उन्होंने गाय और बछड़े को हरा चारा, चना-गुड़ तथा पारंपरिक ‘लोंदी’ खिलाई। हरेली पर पशुधन को लोंदी खिलाने की लोक परंपरा पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और रोगों से बचाव की कामना से जुड़ी है।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन में पशुधन परिवार और कृषि व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। हमारी लोक संस्कृति हमें पशुओं के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और संरक्षण की सीख देती है। आधुनिकता के साथ अपनी ऐसी उपयोगी और प्रकृति-सम्मत परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी हमारी जिम्मेदारी है।

हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी

किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है सरकार
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न  अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में शुरू हुए किसान क्रेडिट कार्ड ने किसानों को खेती के लिए सहज रूप से पूंजी उपलब्ध कराने का रास्ता खोला। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने सहकारी कृषि ऋण की ब्याज दरों को चरणबद्ध ढंग से कम करते हुए अंततः शून्य प्रतिशत तक पहुंचाया। आज किसानों को सहकारी बैंकों से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि फसल बीमा को सरल बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीक को किसानों तक पहुंचाने की दिशा में भी निरंतर काम किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीद रही है। इससे प्रदेश के लाखों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।
पारिजात का पौधा लगाकर दिया हरियाली बढ़ाने का संदेश
हरेली के प्रकृति संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में पारिजात का पौधा लगाया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी पारिजात का पौधा रोपा। मंत्रीगण तथा विभिन्न निगम-मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हरेली हमें प्रकृति से केवल लेने की नहीं, उसे सहेजने और लौटाने की भी सीख देती है। पौधरोपण के साथ पौधों का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अधिक से अधिक पौधे लगाकर और उन्हें वृक्ष बनने तक सहेजकर आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और सुरक्षित भविष्य तैयार किया जा सकता है।

हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी

आधुनिक कृषि तकनीक से रू-ब-रू हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में लगाए गए कृषि एवं अन्य विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। कृषि अभियांत्रिकी विभाग के स्टॉल पर उन्होंने आधुनिक कृषि यंत्रों की उपयोगिता और विशेषताओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने रायपुर के किसान श्री इंद्र कुमार वर्मा को हार्वेस्टर पर मिलने वाली सब्सिडी के रूप में 16 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। उन्होंने कहा कि खेती में आधुनिक तकनीक और यंत्रीकरण से किसानों की लागत और श्रम कम करने के साथ उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
ड्रोन दीदी चंद्रकली की सफलता को मुख्यमंत्री ने सराहा
कृषि विभाग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदी श्रीमती चंद्रकली वर्मा से आत्मीय संवाद किया। श्रीमती वर्मा ने बताया कि वे ड्रोन के माध्यम से खेतों में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशकों का छिड़काव करती हैं तथा प्रति एकड़ 300 रुपए पारिश्रमिक प्राप्त करती हैं। वे अब तक ढाई हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में ड्रोन से छिड़काव कर चुकी हैं और पिछले दो वर्षों में लगभग 7 लाख रुपए की आय अर्जित की है। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि कृषि में तकनीक का उपयोग महिलाओं के लिए भी आय और आत्मनिर्भरता के नए अवसर पैदा कर रहा है। ड्रोन दीदियां आधुनिक कृषि और महिला सशक्तीकरण की एक प्रेरक कड़ी बन रही हैं।
नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने किसानों को अरहर और उड़द दाल के मिनी किट वितरित किए। उन्होंने कृषि मित्रों द्वारा तैयार ब्रह्मास्त्र, नीमास्त्र और मधुमक्खी के मोम से बने लिप बाम जैसे उत्पादों के बारे में जानकारी ली। उद्यानिकी विभाग के स्टॉल पर किसान रामविशाल निषाद ने मुख्यमंत्री को नीम का पौधा भेंट किया।
गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी ने ताजा की गांव की यादें
मुख्यमंत्री निवास को हरेली के अनुरूप नीम और आम के पत्तों, गेंदे के फूलों और पारंपरिक ग्रामीण अलंकरण से सजाया गया था। परिसर में कदम रखते ही छत्तीसगढ़ के गांवों और मेलों जैसा वातावरण महसूस हो रहा था। हरियाली और लोक सज्जा के बीच गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। गेड़ी पर चढ़े कलाकारों और प्रतिभागियों ने हरेली की पहचान को जीवंत किया, वहीं ग्रामीण खेलों ने बच्चों और युवाओं को अपनी परंपरागत खेल संस्कृति से परिचित कराया। रहचुली ने भी लोगों को खूब आकर्षित किया और पूरे आयोजन में गांव के मेले जैसा आनंद घोल दिया।
लोकधुनों पर कलाकारों के साथ झूमे मुख्यमंत्री साय
मांदर, ढोलक और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप के बीच लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी गीत और नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। हरेली के उल्लास में मुख्यमंत्री श्री साय भी कलाकारों के बीच पहुंचे और उनके साथ पारंपरिक लोकधुनों पर झूमे। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर कलाकारों का उत्साह दोगुना हो गया। ठेठरी, खुरमी, बड़ा सहित विभिन्न छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉलों ने आयोजन में पारंपरिक खानपान का रंग भरा। मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का अवलोकन करते हुए नागरिकों और कलाकारों से संवाद किया तथा हरेली की खुशियां साझा कीं।

हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी

किसान की खुशहाली से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि : डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि परंपरा, संस्कृति और प्रकृति से जुड़ा महत्वपूर्ण लोक पर्व है। कृषि औजारों, गौमाता और प्रकृति की पूजा हमारी कृतज्ञता की संस्कृति को अभिव्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर काम किया जा रहा है। किसानों को 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य मिल रहा है और महतारी वंदन योजना से माताओं-बहनों को आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है। किसान का घर खुशहाल और गांव मजबूत होगा, तभी छत्तीसगढ़ की समृद्धि का मार्ग और प्रशस्त होगा।
किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश और देश समृद्ध होंगे : कृषि मंत्री
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी, हरियाली और प्रकृति के प्रति आस्था का महापर्व है। हमारी संस्कृति प्रकृति के संरक्षण, पशुधन के सम्मान और अन्नदाता के श्रम के प्रति आदर का संदेश देती है। हरेली अपनी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और खेती को अधिक समृद्ध बनाने का संकल्प लेने का अवसर है। किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश और देश दोनों समृद्ध होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की लोक अस्मिता और हमारी जड़ों का उत्सव है। आधुनिक विकास की तेज यात्रा के बीच अपनी संस्कृति, परंपरागत ज्ञान, ग्रामीण खेल, लोककला और खानपान को सहेजकर रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बाबा भोलेनाथ, गौमाता और प्रकृति से प्रदेश पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के खेत लहलहाएं, किसानों के घर खुशहाली आए और प्रदेश निरंतर समृद्धि के पथ पर आगे बढ़े।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायकगण, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसान तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

बस्तर तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप

बस्तर तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप

 ०--13 अगस्त को सुकमा के दुर्गम इलाकों से गुजरेगी तिरंगा यात्रा

०--'हर घर तिरंगा अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश

रायपुर / स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर 'बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 का आयोजन किया जा रहा है। 13 अगस्त को सुकमा जिले में होने वाली इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप भी शामिल होंगे।

राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है

मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित यह यात्रा बस्तर के उन गांवों और क्षेत्रों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित थे और अब शांति, सुरक्षा और विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। 'हर घर तिरंगा अभियान के तहत इस यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।

सुकमा के दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचेगी यात्रा

13 अगस्त को तिरंगा यात्रा चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर और टेकलगुड़ेम होते हुए आवापल्ली और बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम किया जाएगा।

बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है

यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने लाना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोडऩा और नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों एवं नागरिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही तिरंगे और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश भी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा।

महिला बाइकर्स भी होंगी शामिल

बस्तर तिरंगा यात्रा में महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे। महिला बाइकर्स तिरंगा लेकर यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और जनप्रतिनिधि भी भाग लेंगे।

'एक पेड़ शहीदों के नाम अभियान के तहत होगा पौधरोपण

यात्रा के दौरान प्रत्येक शहीद स्थल पर 'एक पेड़ शहीदों के नाम अभियान के तहत जितने लोग शहीद हुए हैं, उतने ही पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के पहले पर्व हरेली पर मुख्यमंत्री निवास में सजी लोक संस्कृति की जीवंत झांकी

छत्तीसगढ़ के पहले पर्व हरेली पर मुख्यमंत्री निवास में सजी लोक संस्कृति की जीवंत झांकी

 00 गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेलों ने लौटाई गांव की यादें, लोकगीत-लोकनृत्य और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की महक से सराबोर हुआ नया रायपुर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मा माने जाने वाले प्रथम पर्व हरेली का भव्य और सांस्कृतिक गरिमा से भरपूर आयोजन नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में उत्साहपूर्वक किया गया। आयोजन ने राजधानी में छत्तीसगढ़ के गांवों की सोंधी खुशबू और पारंपरिक जीवन शैली को साकार कर दिया। मुख्यमंत्री निवास परिसर को नीम और आम के पत्तों, गेंदे के फूलों तथा पारंपरिक ग्रामीण सजावट से विशेष रूप से सजाया गया था। प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य परिसर तक छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक दिखाई दे रही थी। हरियाली, प्राकृतिक सजावट और लोक अलंकरण ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेलों ने लौटाई गांव की यादें, लोकगीत-लोकनृत्य और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की महक से सराबोर हुआ नया रायपुर


हरेली पर्व के अवसर पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों का विशेष आकर्षण देखने को मिला। गेड़ी दौड़ ने लोगों में रोमांच और उत्साह भर दिया, वहीं बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे ग्रामीण खेलों ने बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी को अपनी ओर आकर्षित किया। इन खेलों के माध्यम से नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल संस्कृति से परिचित कराने का संदेश भी दिया गया। आयोजन में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों की सुगंध चारों ओर फैल रही थी। ठेठरी, खुरमी, बड़ा सहित अनेक पारंपरिक पकवानों का स्वाद लोगों ने उत्साहपूर्वक लिया। ग्रामीण अंचलों में विशेष अवसरों पर बनाए जाने वाले इन व्यंजनों ने लोगों को अपने गांव और पारिवारिक उत्सवों की याद दिला दी।
लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत और लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया। मांदर, ढोलक और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर कलाकार झूमते नजर आए। लोकधुनों पर उपस्थित जनसमूह भी तालियां बजाते और उत्साह से सहभागी बनते दिखाई दिए। आयोजन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और लोक कला की समृद्ध परंपरा का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रहचुली रहा, जिसका आनंद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने लिया। ग्रामीण मेलों और पारंपरिक उत्सवों की पहचान मानी जाने वाली रहचुली ने आयोजन में गांव के मेले जैसा आनंदमय वातावरण बना दिया।

गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेलों ने लौटाई गांव की यादें, लोकगीत-लोकनृत्य और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की महक से सराबोर हुआ नया रायपुर


हरेली पर्व मूलत: कृषि और प्रकृति से जुड़ा उत्सव है। इस दिन किसान अपने कृषि औजारों की पूजा कर अच्छी फसल और समृद्धि की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस कार्यक्रम ने हरेली को केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक अस्मिता, कृषि परंपरा और सांस्कृतिक गौरव के उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया। नया रायपुर में आयोजित यह भव्य आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ अपनी आधुनिक विकास यात्रा के साथ-साथ अपनी लोक संस्कृति, पारंपरिक खेलों, खानपान और ग्रामीण विरासत को भी समान सम्मान और संरक्षण दे रहा है। हरेली महोत्सव ने राजधानी में उपस्थित लोगों को छत्तीसगढ़ की मिट्टी, हरियाली और लोक जीवन से गहराई से जोडऩे का कार्य किया।

गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेलों ने लौटाई गांव की यादें, लोकगीत-लोकनृत्य और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की महक से सराबोर हुआ नया रायपुर

नवा रायपुर मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार की धूम, देखें LIVE

नवा रायपुर मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार की धूम, देखें LIVE

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हरेली तिहार को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास भी आज हरेली के रंग में रंगा नजर आ रहा है। परिसर में की गई पारंपरिक सजावट लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। प्रवेश द्वार से लेकर परिसर के अलग-अलग हिस्सों तक हरेली पर्व की थीम के अनुरूप सजावट की गई है, जिसमें कृषि उपकरणों और ग्रामीण परिवेश की झलक देखने को मिल रही है।

मुख्यमंत्री निवास की यह सजावट छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और ग्रामीण जीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित कर रही है. ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे शहर के बीच मुख्यमंत्री निवास परिसर में छत्तीसगढ़ का एक छोटा-सा गांव जीवंत हो उठा हो. हरेली तिहार किसानों और खेती-किसानी से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन किसान कृषि उपकरणों की पूजा कर अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।

 
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मानसून, अगले 4 दिन बारिश के आसार

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मानसून, अगले 4 दिन बारिश के आसार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसूनी गतिविधियों के बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश का दौर तेज हो सकता है। खासकर उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले चार दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें बिलासपुर जिले के बोदरी में सबसे अधिक 7 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

मौसम के इस बदलाव के बीच प्रदेश में अब तक हुई मौसमी बारिश सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम बताई गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश किसानों और खरीफ फसलों के लिए राहत लेकर आ सकती है।

कई इलाकों में हुई बारिश

मंगलवार को छत्तीसगढ़ के अनेक हिस्सों में मौसम बदला रहा। कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर जिले के बोदरी में सर्वाधिक 7 सेमी पानी गिरा।

इसके अलावा बिलासपुर, सकरी और पथरिया में 5-5 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। कुमरदा, दुलदुला, मरीं बंगला देवरी, गोबरा नवापारा और तखतपुर में 4-4 सेमी वर्षा हुई।

बैकुंठपुर, डोंडीलोहारा, बिल्हा, लालपुर थाना, कोटा और मुंगेली में 3-3 सेमी बारिश दर्ज की गई। वहीं छिंदगढ़, भाटापारा, अर्जुन्दा, मस्तूरी, राजिम, छुरा, भाखरा, छुरिया, दाढ़ी, पचपेड़ी और अंबागढ़ चौकी में 2-2 सेमी वर्षा हुई।

नांदघाट, कुरूद, गुरूर, चिरमिरी, पाटन, रामचंद्रपुर, गुंडरदेही, धमतरी, बलरामपुर, डोंगरगांव, नवागढ़, बरमकेला और अभनपुर में भी बारिश हुई। इन क्षेत्रों में करीब 1-1 सेमी वर्षा दर्ज की गई।

जगदलपुर और दुर्ग में रहा सबसे ज्यादा तापमान

बारिश के बावजूद प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिन के तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को जगदलपुर और दुर्ग में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा में 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। बारिश और बादलों की मौजूदगी के कारण कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना रहा, जबकि कुछ इलाकों में उमस भी महसूस की गई।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार रायपुर में दिन का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश होने से तापमान में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि बादलों के बीच उमस का असर भी बना रह सकता है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधि बढ़ने की एक बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया मौसम सिस्टम हो सकता है।

फिलहाल उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास ऊपरी हवा में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से इसी क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है तो इसका असर मध्य भारत सहित छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी दिखाई दे सकता है।

इसके साथ ही मानसून द्रोणिका भी सक्रिय बनी हुई है। यह बीकानेर से लेकर उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र, सीधी, रांची और दीघा होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

मौसम प्रणालियों की इस सक्रियता के चलते छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश का सिलसिला बढ़ने की संभावना है।

उत्तर छत्तीसगढ़ में ज्यादा असर की संभावना

मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के दौरान प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में पहले से ही मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं। नए सिस्टम के प्रभाव से इन क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी।

किसानों के लिए बारिश हो सकती है राहत

छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन में मानसून की बारिश का सीधा असर पड़ता है। खरीफ सीजन में धान समेत कई फसलों के लिए पर्याप्त बारिश बेहद जरूरी होती है। इस बार मौसमी बारिश सामान्य से 7 प्रतिशत कम रहने के कारण किसानों की नजर अब आगामी बारिश पर टिकी हुई है।

यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खेतों में नमी बढ़ेगी और खरीफ फसलों को इसका फायदा मिल सकता है। हालांकि बहुत ज्यादा बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानियां भी सामने आ सकती हैं।

मौसम विभाग की नजर नए सिस्टम पर

बंगाल की खाड़ी में बनने वाले संभावित निम्न दबाव क्षेत्र को लेकर मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। सिस्टम के बनने और आगे बढ़ने के बाद ही इसके प्रभाव और बारिश की तीव्रता को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

फिलहाल छत्तीसगढ़ में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत हैं। अगले चार दिनों में विशेष रूप से उत्तरी जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, गरज-चमक और बारिश की स्थिति देखने को मिल सकती है।

स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर रायपुर पुलिस का विशेष अभियान, 130 असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई, 19 वारंट तामिल

स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर रायपुर पुलिस का विशेष अभियान, 130 असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई, 19 वारंट तामिल

 रायपुर। स्वतंत्रता दिवस को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर नॉर्थ जोन पुलिस ने अड्डेबाजों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन के मार्गदर्शन में 2 दिन चले इस अभियान में लगभग 300 निगरानी/गुंडा तत्वों की चेकिंग की गई, जिसमें 130 लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान आबकारी एक्ट में 100, आर्म्स एक्ट में 3 और प्रतिबंधात्मक धाराओं में 8 आरोपियों पर कार्रवाई हुई। साथ ही लंबे समय से फरार 6 स्थायी वारंटी सहित कुल 19 वारंट भी तामिल किए गए।

शराब, हथियार और असामाजिक तत्वों पर सख्ती
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर दिनांक 10 और 11 अगस्त को थाना खमतराई, उरला, गुढ़ियारी, पण्डरी एवं खम्हारडीह क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया।

इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करते 100 व्यक्तियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 36(च) के तहत गुढ़ियारी, खमतराई एवं खम्हारडीह थानों में कुल 63 प्रकरण दर्ज किए गए। अवैध रूप से धारदार हथियार लेकर घूमते 3 आरोपियों के खिलाफ खमतराई और पण्डरी थाने में आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। वहीं 8 गुंडा/निगरानी बदमाशों और संदिग्धों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा गया।

फरार वारंटी और चोरी के मामले में कार्रवाई
अभियान के दौरान पुलिस ने लंबे समय से फरार 6 स्थायी वारंटी, 11 गिरफ्तारी वारंटी और 3 जमानती वारंट सहित कुल 19 वारंट तामिल किए।

इसी क्रम में थाना उरला में दर्ज अपराध क्रमांक 278/26 धारा 303 बीएनएस के चोरी के प्रकरण में विधि के साथ संघर्षरत बालक और कबाड़ी मुकेश दास को पकड़ा गया। पूछताछ में बालक ने चोरी की बात स्वीकार कर चोरी का सामान उक्त कबाड़ी को बेचना बताया। दोनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई।

नॉर्थ जोन पुलिस ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस तक सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अवैध शराब, हथियार, चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

BREAKING : सीएम साय आज राजधानी में आयोजित कई कार्यक्रमो में होंगे शामिल, यहां देखें शेड्यूल

BREAKING : सीएम साय आज राजधानी में आयोजित कई कार्यक्रमो में होंगे शामिल, यहां देखें शेड्यूल

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री का दिनभर का कार्यक्रम निर्धारित है, जिसके तहत वे सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग आयोजनों में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे नया मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे। यहां वे ‘हरेली विहार’ कार्यक्रम में शामिल होंगे।

यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में हरेली का विशेष महत्व है। इसे प्रदेश के प्रमुख पारंपरिक त्योहारों में से एक माना जाता है। हरेली के अवसर पर कृषि उपकरणों की पूजा और प्रदेश की लोक परंपराओं से जुड़े आयोजन किए जाते हैं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2:25 बजे सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।

इसके बाद शाम को मुख्यमंत्री एक अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे शाम 6:45 बजे मुख्यमंत्री निवास से रवाना होकर 7 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पहुंचेंगे। ऑडिटोरियम में शाम 7 बजे से रात 8:30 बजे तक ‘आजादी की धुन’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।

गुरु खुशवंत साहेब ने दी हरेली की बधाई : कहा- यह पर्व हमारी कृषि संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और समृद्धि का पर्व

गुरु खुशवंत साहेब ने दी हरेली की बधाई : कहा- यह पर्व हमारी कृषि संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और समृद्धि का पर्व

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार व अनुसूचित जाति मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ के प्रथम लोकपर्व हरेली तिहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।मंत्री गुरु खुशवंत ने कहा कि, हरेली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी, किसान, प्रकृति और हमारी समृद्ध लोक परंपराओं से जुड़ी भावनाओं का उत्सव है।

छत्तीसगढ़ की पहचान कृषि प्रधान प्रदेश के रूप में रही है और हरेली तिहार इसी कृषि संस्कृति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि हरेली के दिन किसान भाई अपने नांगर (हल), कृषि औजारों एवं खेती-किसानी में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा करते हैं। यह परंपरा हमें याद दिलाती है कि अन्नदाता किसान और कृषि हमारे सामाजिक एवं आर्थिक जीवन की मजबूत नींव हैं। हरेली पर्व हमें प्रकृति के संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी देता है।

किसानों को सशक्त करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मंत्री श्री खुशवंत ने कहा कि, मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हित में निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, उनकी आय बढ़े और खेती-किसानी को अधिक लाभकारी बनाया जा सके, इस दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की किसान हितैषी नीतियों का सकारात्मक प्रभाव प्रदेश के ग्रामीण अर्थतंत्र पर दिखाई दे रहा है। किसान सशक्त होंगे तो गांव मजबूत होंगे और गांव मजबूत होंगे तो छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनेगा।

युवाओं के कौशल और रोजगार पर सरकार का विशेष फोकस
मंत्री श्री खुशवंत ने कहा कि, राज्य सरकार किसानों के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं को कौशल, तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है। आज के बदलते दौर में युवाओं को उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप आधुनिक कौशल से जोड़ना आवश्यक है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का युवा केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि कौशल के माध्यम से रोजगार देने वाला और आत्मनिर्भर युवा बने। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति प्रदेश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़कर उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील
मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की।उन्होंने कहा कि हरेली का संदेश ही हरियाली है। इसलिए इस हरेली पर हम सभी एक पौधा लगाएं, उसकी जिम्मेदारी लें और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरा-भरा छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लें।

छत्तीसगढ़ में हरेली की धूम : CM साय से लेकर पूर्व सीएम बघेल तक मनाएंगे पर्व, बस्तर में निकलेगी तिरंगा यात्रा

छत्तीसगढ़ में हरेली की धूम : CM साय से लेकर पूर्व सीएम बघेल तक मनाएंगे पर्व, बस्तर में निकलेगी तिरंगा यात्रा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज पारंपरिक पर्व हरेली तिहार की धूम देखने को मिलेगी। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक अपने-अपने स्तर पर हरेली तिहार के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वहीं, बस्तर संभाग में आज 12 अगस्त से तीन दिवसीय ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ की शुरुआत होने जा रही है, जिसके जरिए पूर्व में नक्सल प्रभाव वाले इलाकों में राष्ट्रीय ध्वज के साथ देशभक्ति का संदेश दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री निवास में मनाया जाएगा हरेली तिहार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज 12 अगस्त को राजधानी में ही रहेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री निवास, नया रायपुर में सुबह से हरेली तिहार का आयोजन किया जाएगा। पारंपरिक छत्तीसगढ़ी रंग में सजे मुख्यमंत्री निवास में खेती-किसानी और लोक परंपराओं से जुड़े आयोजन आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
मुख्यमंत्री साय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक मुख्यमंत्री निवास में आयोजित हरेली तिहार कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 7 बजे से 8:30 बजे तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘आजादी की धुन’ कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इसके बाद रात करीब 8:45 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।

पूर्व CM भूपेश बघेल के निवास पर भी हरेली का आयोजन
हरेली तिहार के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी रायपुर स्थित अपने निवास पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11:30 बजे से होगी। इस दौरान हरेली पर्व की पारंपरिक संस्कृति और छत्तीसगढ़ी लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।

बस्तर में आज से ‘तिरंगा यात्रा’, विजय शर्मा करेंगे नेतृत्व
इधर, बस्तर में तीन दिवसीय ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ की शुरुआत होगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा 12 से 14 अगस्त तक बस्तर के पूर्व नक्सल प्रभावित इलाकों में इस यात्रा का नेतृत्व करेंगे।

तिरंगा यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी तक पहुंचेगी। यात्रा के जरिए बस्तर के उन इलाकों में राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रभक्ति और लोकतांत्रिक विश्वास का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा, जो लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों के प्रभाव में रहे हैं।

एक ही दिन छत्तीसगढ़ में संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का संगम
एक ओर जहां प्रदेशभर में हरेली तिहार के जरिए छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और कृषि परंपराओं का उत्सव मनाया जाएगा, वहीं बस्तर में तिरंगा यात्रा के जरिए राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया जाएगा। ऐसे में आज का दिन प्रदेश में लोक संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रभावना के संगम के रूप में खास रहने वाला है।

राहुल गांधी युवाओं के मुद्दों की आड़ में अराजकता फैलाने का षड्यंत्र रच रहे : विजय शर्मा

राहुल गांधी युवाओं के मुद्दों की आड़ में अराजकता फैलाने का षड्यंत्र रच रहे : विजय शर्मा

 उप मुख्यमंत्री शर्मा की राहुल गांधी को खुली चुनौती : जब संसद/सदन में इस विषय पर विस्तृत चर्चा हो तो वह अपनी पुरानी आदत के अनुसार गायब न हों

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्ष की भूमिका पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी युवाओं के मुद्दों की आड़ में देश में अराजकता और भ्रम फैलाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार युवाओं और जनता के मुद्दों पर बेहद संवेदनशील है, जबकि राहुल गांधी सिर्फ राजनीतिक रोटियाँ सेंकने के लिए विरोध प्रदर्शनों का सहारा ले रहे हैं। शर्मा मंगलवार को यहाँ अपने नया रायपुर स्थित निवास पर आहूत महती पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे।

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि देश में लोकतंत्र के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार ऐसे प्रदर्शनों का स्वागत करती है। लेकिन जब प्रदर्शनों के नाम पर राष्ट्रीय सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाया जाता है या भारत के पड़ोसी देशों (जैसे नेपाल, बांग्लादेश या पाकिस्तान) जैसी अस्थिर परिस्थितियों को भारत में निर्मित करने का गर्हित एजेण्डा चलाने का प्रयास किया जाता है, तो यह अत्यन्त चिंताजनक और अस्वीकार्य हो जाता है। राहुल गांधी और उनका दल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से नरेंद्र मोदी सरकार को हरा नहीं पा रहे हैं, इसलिए वे देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

BREAKING : शराब घोटाला : रामगोपाल अग्रवाल को 5 दिन की ईडी रिमांड, 17 अगस्त को फिर होगी पेशी

BREAKING : शराब घोटाला : रामगोपाल अग्रवाल को 5 दिन की ईडी रिमांड, 17 अगस्त को फिर होगी पेशी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया। अदालत ने ईडी की मांग स्वीकार करते हुए रामगोपाल अग्रवाल को पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है। अब ईडी उनसे शराब घोटाले और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में पूछताछ करेगी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 17 अगस्त 2026 को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल की पेशी ईडी की विशेष अदालत में होनी थी, लेकिन विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई। ईडी ने अदालत में दलील दी कि कथित वित्तीय लेन-देन, शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के लिए अग्रवाल से विस्तृत पूछताछ जरूरी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पांच दिन की रिमांड मंजूर कर दी।

अनवर ढेबर के सामने बैठाकर भी हुई पूछताछ
बताया जा रहा है कि शराब घोटाला मामले में ईडी रामगोपाल अग्रवाल की कथित भूमिका, विभिन्न स्तरों पर हुए वित्तीय लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य लोगों के साथ उनके संपर्कों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि कथित तौर पर अवैध तरीके से अर्जित रकम का लेन-देन किस माध्यम से हुआ और उसका इस्तेमाल कहां किया गया।

इससे पहले रविवार को रामगोपाल अग्रवाल को सेंट्रल जेल में शराब घोटाले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अनवर ढेबर के सामने बैठाकर भी पूछताछ की गई थी। अब ईडी की पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड के दौरान जांच को आगे बढ़ाने की तैयारी है।

कोर्ट पहुंचे पूर्व सीएम भूपेश बघेल
रामगोपाल अग्रवाल की कोर्ट में पेशी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी जिला न्यायालय पहुंचे। उन्होंने रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बघेल ने कहा कि जांच एजेंसी के पास ठोस सबूत नहीं हैं और कार्रवाई परेशान करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कथित गवाहों को लेकर भी सवाल उठाए और कार्रवाई का विरोध किया।

3400 करोड़ के कथित शराब घोटाले की जांच
छत्तीसगढ़ के शराब कारोबार में कथित घोटाले को लेकर ईडी और राज्य की अन्य जांच एजेंसियां लंबे समय से जांच कर रही हैं। ईडी का दावा है कि शराब कारोबार में करीब 3,400 करोड़ रुपये का कथित घोटाला हुआ है। इस मामले में कई आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों से पूछताछ और कार्रवाई पहले भी हो चुकी है।

जानकारी के अनुसार, कोयला लेवी मामले में रिमांड अवधि पूरी होने के बाद ईओडबल्यू- एसीबी ने रामगोपाल अग्रवाल को शराब घोटाला मामले में भी गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया। अब ईडी की पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड के दौरान मामले में उनकी कथित भूमिका और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाज सेविका मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर किया नमन

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाज सेविका मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर किया नमन

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि मिनीमाता जी ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरोध में समाज से लेकर संसद तक अपनी आवाज उठाई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज एवं महिलाओं के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिनीमाता जी के नाम पर राज्य सरकार द्वारा राज्य अलंकरण पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी का सेवाभावी व्यक्तित्व हम सभी को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

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