BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, मुठभेड़ में 14 नक्सली ढेर

Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, मुठभेड़ में 14 नक्सली ढेर

 14 Naxalites killed in Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के बस्तर रेंज में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। बीजापुर और सुकमा जिलों में हुई मुठभेड़ों में कुल 14 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इनमें बीजापुर जिले से 2 और सुकमा जिले से 12 माओवादी शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, बीजापुर और सुकमा के दक्षिणी इलाकों में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। इसके बाद डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की टीमें सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना की गईं।

14 नक्सलियों के शव बरामद 

बीजापुर जिले में सुबह करीब 5 बजे से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ हुई। वहीं सुकमा जिले में सुबह लगभग 8 बजे से फायरिंग की स्थिति बनी रही। सर्च ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग मुठभेड़ स्थलों से 14 नक्सलियों के शव बरामद किए गए।

हथियार जब्त

मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने बड़ी मात्रा में हथियार इनमें AK-47, INSAS और SLR राइफलें जब्त किया गया हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान अभी जारी है, ऑपरेशन पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी अलग से दी जाएगी।

 
जहाँ बंदूकें खामोश हुईं, वहाँ रखी जा रही भविष्य की नींव, 35 आत्मसमर्पित नक्सली बने राजमिस्त्री

जहाँ बंदूकें खामोश हुईं, वहाँ रखी जा रही भविष्य की नींव, 35 आत्मसमर्पित नक्सली बने राजमिस्त्री

 सुकमा।  कभी जिन हाथों में बंदूकें थीं, आज उन्हीं हाथों में औज़ार हैं। कभी जिन रास्तों पर हिंसा और डर का साया था, आज वहीं विकास और भरोसे की नींव रखी जा रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच और स्पष्ट मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की एक नई और सकारात्मक तस्वीर उभरकर सामने आई है। वहाँ पुनर्वास केंद्र में रह रहे 35 आत्मसमर्पित नक्सलियों को राजमिस्त्री (मेसन) का व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है।

यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन और एसबीआई आरसेटी के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 15 महिलाएं और 20 पुरुष शामिल हैं। इन्हें भवन निर्माण से जुड़े सभी आवश्यक तकनीकी और व्यावहारिक कौशल—जैसे नींव निर्माण, ईंट चिनाई, प्लास्टर कार्य, छत ढलाई, गुणवत्ता मानक का व्यवस्थित और चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ये किसी भी निर्माण कार्य में दक्षता के साथ काम कर सकें।

यह पहल केवल रोजगार प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसमर्पित युवाओं के जीवन को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये युवा प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण )के तहत जिले में अधूरे और नए आवासों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इससे एक ओर उन्हें स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही कुशल राजमिस्त्रियों की कमी भी दूर होगी।

कलेक्टर देवेश ध्रुव ने इस पहल को सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि आत्मसमर्पण का वास्तविक अर्थ केवल हथियार छोड़ना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ लौटना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे युवाओं को कौशल, रोजगार और सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण सहित विभिन्न शासकीय निर्माण कार्यों के सफल क्रियान्वयन के लिए कुशल मानव संसाधन अत्यंत आवश्यक है। यह प्रशिक्षण आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार और सामाजिक सरोकार से जोड़ेगा।

पोलमपल्ली निवासी पुनर्वासित पोड़ियम भीमा बताते हैं कि वे लगभग 30 वर्षों तक संगठन से जुड़े रहे, लेकिन आत्मसमर्पण के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। “यहाँ रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था है। हमें राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले इलेक्ट्रीशियन मैकेनिक का प्रशिक्षण भी मिला। अब मैं सम्मान के साथ काम कर सकूंगा।

पुवर्ती निवासी मुचाकी रनवती बताती हैं कि वे 24 वर्षों तक संगठन से जुड़ी रहीं। पुनर्वास के बाद मुझे सिलाई का प्रशिक्षण मिला। अब राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हम अपने परिवार से मिल पाए, बस्तर ओलंपिक में भाग लिया और प्रथम पुरस्कार भी जीता। शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है।

डब्बमरका निवासी गंगा वेट्टी ने कहा कि पुनर्वास के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। जिला प्रशासन ने मोबाइल और राजमिस्त्री किट दी है। शिविर लगाकर आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और जॉब कार्ड बनाए गए हैं। कोई समस्या होती है तो कलेक्टर और एसपी तुरंत सुनवाई करते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संवाद, संवेदना और विकास के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आत्मसमर्पित युवाओं को हुनर, रोजगार और सम्मान देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य की पुनर्वास नीति का मूल उद्देश्य है।

सुकमा जिले में चल रहा आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार मूलक कार्यों से जोड़ने का यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील प्रशासन, भरोसे और विकासपरक योजनाओं के जरिए हिंसा के रास्ते पर भटके युवाओं को नई पहचान और बेहतर भविष्य दिया जा सकता है। यही पुनर्वास की असली सफलता है और यही स्थायी शांति की मजबूत नींव।

 
CG Breaking : सुकमा में सुरक्षाबलों को कामयाबी; मुठभेड़ में एक महिला समेत 3 माओवादी ढेर

CG Breaking : सुकमा में सुरक्षाबलों को कामयाबी; मुठभेड़ में एक महिला समेत 3 माओवादी ढेर

 सुकमा।  छत्तीसगढ़ के नक्सल क्षेत्र सुकमा जिले में गुरूवार को सुरक्षाबल के जवानों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में एक महिला माओवादी समेत तीन माओवादी मारे जाने की खबर सामने आ रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के गोलापल्ली थाना क्षेत्र के जंगल और पहाड़ी में माओवादियों की मौजूदगी पाकर सुकमा जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की टीम सर्चिंग अभियान में निकली थी।

दरअसल, सुबह गोलापल्ली क्षेत्र के जंगल-पहाड़ी में माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने पर DRG के जवान सर्च ऑपरेशन के लिए निकले थे। इसी दौरान माओवादियों से आमना-सामना होने पर मुठभेड़ शुरू हुई।

पूरे अभियान की मॉनिटरिंग स्वयं सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण कर रहे हैं। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

 
CG : सुकमा के नक्सल प्रभावित ग्राम पेदाबोड़केल में नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना

CG : सुकमा के नक्सल प्रभावित ग्राम पेदाबोड़केल में नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना

 सुकमा।  नक्सल प्रभावित अति संवेदनशील क्षेत्र ग्राम पेदाबोड़केल में जिला सुकमा पुलिस प्रशासन द्वारा एक नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना की गई है। यह कैंप छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना “नियद नेल्ला नार” के अंतर्गत क्षेत्र के ग्रामीणों को सुरक्षा, विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना से चिंतलनार–रायगुडेम मार्ग का सीधा कनेक्शन सुलभ हुआ है, जिससे क्षेत्र की दूरी में उल्लेखनीय कमी आएगी और आवागमन आसान होगा। इससे न केवल सुरक्षा बलों की त्वरित आवाजाही संभव होगी, बल्कि ग्रामीणों को भी बेहतर संपर्क सुविधा प्राप्त होगी।

कैंप स्थापित होने से क्षेत्र में सुरक्षा वातावरण सुदृढ़ होगा तथा ग्रामीणों को सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, पीडीएस दुकानें, शिक्षा और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में तेजी आएगी। यह पहल माओवादियों के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सफलता मानी जा रही है, जो क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास की नई दिशा प्रदान करेगी।

Breaking : 1 करोड़ के इनामी रामधेन सहित 12 नक्सलियों ने छोड़ा हथियार, किया सरेंडर

Breaking : 1 करोड़ के इनामी रामधेन सहित 12 नक्सलियों ने छोड़ा हथियार, किया सरेंडर

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में लाल आतंक को करारा झटका लगा है, शासन की पुनर्वास नीति के तहत 1 करोड़ के इनामी रामधेन सहित 12 नक्सलियों ने हथियार सहित डीजीपी के सामने सरेंडर किया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 1 सेंट्रल कमेटी मेम्बर, 4 डीवीसीएम और अन्य 7 बड़े कैडर के नक्सली शामिल।

Breaking : 48 लाख के इनामी 15 नक्सलियों ने छोड़ा लाल आतंक का साथ, किया सरेंडर

Breaking : 48 लाख के इनामी 15 नक्सलियों ने छोड़ा लाल आतंक का साथ, किया सरेंडर

 सुकमा : छत्तीसगढ़ के सुकमा में 48 लाख के इनामी 15 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों में चार नक्सलियों पर आठ आठ लाख का इनाम घोषित था। वहीं दो नक्सलियों पर पांच लाख का इनाम था। आत्मसमर्पितों में पांच महिला नक्सली भी शामिल है।

सरेंडर करने वाले 5 महिला सहित 15 पुरूष माओवादियों पर कुल 47 लाख रूपये ईनाम घोषित था। सभी सुकमा एसपी किरण चव्हाण के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।

एसपी ने बताया कि आत्मसमर्पित में से 04 माओवादी पर 08-08 लाख, 02 पर 05-05 लाख, 01 पर 03, 01 माओवादी पर 02 लाख एवं 01 पर 01 लाख कुल 48 लाख रूपये के ईनाम घोषित है।

BREAKING : मारा गया देश का सबसे बड़ा नक्सली माडवी हिड़मा, एक करोड़ का था इनाम, पत्नी भी ढेर

BREAKING : मारा गया देश का सबसे बड़ा नक्सली माडवी हिड़मा, एक करोड़ का था इनाम, पत्नी भी ढेर

 BIG BREAKING: खूंखार नक्सली माडवी हिड़मा मारा गया. हिड़मा नक्सली एनकाउंटर में आंध्र प्रदेश में मारा गया है. इसपर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. हिड़मा के अलावा उसकी पत्नी राजे सहित कुल 6 नक्सलियों के शव सुरक्षाबलों ने बरामद किए है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कुख्यात माओवादी कमांडर माडवी हिड़मा के एनकाउंटर की पुष्टि की है।

बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने की पुष्टि मुठभेड़ में मारा गया मोस्ट वांटेड नक्सली हिडमा

माडवी हिड़मा के बारे में

माडवी हिड़मा साल 1996 में नक्सल संगठन से जुड़ा था. तब उसकी उम्र महज 17 साल थी. हिड़मा को हिदमाल्लु और संतोष नाम से भी जाना जाता है. उसने अब तक कई निर्दोष ग्रामीण और पुलिस जवानों को मार चुका. उसके सिर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. हिड़मा संगठन संगठनों का टॉप लीडर माना जाता है.

माडवी हिड़मा साल 1996 में नक्सल संगठन से जुड़ा था. तब उसकी उम्र महज 17 साल थी. हिड़मा को हिदमाल्लु और संतोष नाम से भी जाना जाता है. उसने अब तक कई निर्दोष ग्रामीण और पुलिस जवानों को मार चुका. उसके सिर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. हिड़मा संगठन संगठनों का टॉप लीडर माना जाता है.

माडवी हिड़मा साल 2004 से अब तक 27 से अधिक हमलों में शामिल था. इन हमलों में 2013 का झीरम अटैक और 2021 का बीजापुर अटैक शामिल है.

150 से अधिक जवानों का हत्यारा था माडवी हिड़मा

बता दें कि कुख्यात हिड़मा को सुरक्षा बलों के खिलाफ उसके अभियानों के लिए जाना जाता है. 3 अप्रैल 2021 को सुरक्षाबल पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी की बटालियन नंबर-1 के कमांडर माड़वी हिड़मा को पकड़ने निकले थे, लेकिन मौके पर नक्सलियों ने जवानों पर हमला बोल दिया और इस मुठभेड़ में 22 जवानों की मौत हो गई थी.

वहीं अप्रैल 2017 के बुर्कापाल हमले में सीआरपीएफ के 24 जवान शहीद हो गए थे. दंतेवाड़ा हमले में सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हो गए थे. राज्य पुलिस के मुताबिक, दंतेवाड़ा हमले में भी हिड़मा ने सामने से नेतृत्व किया था.

सुकमा में हुआ था हिड़मा का जन्म

हिड़मा का जन्म दक्षिण सुकमा के पुवार्ती गांव में हुआ था और वो बीजापुर में एक स्थानीय जनजाति से संबंध रखता था. वो माओवादियों की पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PGLA) बटालियन-1 का हेड था. इसके अलावा माओवादी स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZ) का भी सदस्य था. इतनी ही नहीं सीपीआई की 21 सदस्यीय सेंट्रल कमेटी का सदस्य था.

Naxal Breaking : सुकमा एनकाउंटर में 6 माओवादी ढेर

Naxal Breaking : सुकमा एनकाउंटर में 6 माओवादी ढेर

 सुकमा। छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल क्षेत्र सुकमा जिले के एर्राबोर में आज सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुठभेड़ में 6 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है, जबकि कुछ अन्य के घायल होने की भी संभावना जताई जा रही है। घटनास्थल पर अभी भी जवानों का कम्बिंग व सर्च ऑपरेशन जारी है।

सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर मारे गए नक्सलियों की संख्या व बरामद सामग्री के बारे में अभी जानकारी जारी नहीं की गई है।

आपको बता दें नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, जिसके दौरान जंगलों में छिपे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और एक मामाओवादी को ढेर कर दिया।

 
 
CG NEWS : ACB की बड़ी कार्रवाई, 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ सब इंजीनियर गिरफ्तार

CG NEWS : ACB की बड़ी कार्रवाई, 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ सब इंजीनियर गिरफ्तार

सुकमा।  जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने शनिवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सब इंजीनियर को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लंबे समय से चल रही शिकायतों की पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता द्वारा रकम सौंपते ही अधिकारी ने मौके पर सब इंजीनियर को दबोच लिया।

जानकारी के यह कार्रवाई जिले के छिंदगढ़ ब्लॉक में स्थित सरकारी आवास में की गई। जैसे ही टीम ने कमरे में प्रवेश किया, वहां रिश्वत की रकम टेबल पर रखी मिली जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया। इसके साथ ही एसीबी अधिकारियों ने सब इंजीनियर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह रकम किसी निर्माण कार्य की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में मांगी गई थी।

छापेमारी के बाद एसीबी की टीम अब सब इंजीनियर के आवास और कार्यालय से जुड़े दस्तावेज़ों की विस्तृत जांच कर रही है। टीम ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, रजिस्टर और कई संदिग्ध फाइलें कब्जे में लेकर उनकी पड़ताल शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी और वित्तीय अनियमितताओं के खुलासे की संभावना है।

घटना की पुष्टि होते ही विभागीय स्टाफ में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई है कि एसीबी जल्द ही जिले के अन्य संदिग्ध मामलों पर भी कार्रवाई कर सकती है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जिले में यह ताजा कार्रवाई प्रशासन के लिए एक सख्त संदेश मानी जा रही है।

 
 
CG : स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही से 6 वर्षीय मासूम की मौत, पिता ने कलेक्टर से की जांच की मांग

CG : स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही से 6 वर्षीय मासूम की मौत, पिता ने कलेक्टर से की जांच की मांग

 सुकमा।  जिले के तिंतलागुड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार में हुई कथित लापरवाही के कारण एक 6 वर्षीय बच्ची की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पिता ने कलेक्टर सुकमा को आवेदन देकर संबंधित चिकित्सक तथा स्टाफ नर्स पर कार्रवाई की मांग की है और साथ ही उचित मुआवजे की भी मांग की है।

 
पीड़ित ग्रामीण ने आवेदन में बताया कि उसकी 6 वर्षीय बेटी कुछ दिनों से बीमार थी, जिसका उपचार तिंतलागुड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर द्वारा किया जा रहा था। लेकिन 4 नवंबर को अचानक बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां कथित तौर पर समय पर इंजेक्शन, दवा और उचित प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाया।
 
परिजन के अनुसार, स्टाफ की लापरवाही के चलते बच्ची की हालत और बिगड़ती गई तथा कुछ देर बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया। पिता का आरोप है कि बीमारी और गंभीर स्थिति की जानकारी होने के बावजूद डॉक्टर व स्टाफ नर्स ने उसे उच्च केंद्र रेफर नहीं किया, न ही समय पर उपचार दिया।
 
पीड़ित पिता ने कलेक्टर से मांग की है कि-
1.डॉ. गुरुराज साहू एवं ड्यूटी नर्स के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।
2.लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर नियमानुसार प्रशासनिक व दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
3.मासूम की मौत को ध्यान में रखते हुए परिवार को उचित मुआवजा राशि प्रदान की जाए।
 
अंत में पीड़ित ने चेतावनी दी है कि अगर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो वे मामला उच्च कार्यालय में ले जाने बाध्य होंगे।
सुकमा में पुलिस-नक्सली मुठभेड़, दोनों ओर से फायरिंग जारी, 3 नक्सलियों के मारे जाने की खबर

सुकमा में पुलिस-नक्सली मुठभेड़, दोनों ओर से फायरिंग जारी, 3 नक्सलियों के मारे जाने की खबर

 Police Naxalite Encounter In Sukma: छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले के भेज्जी और चिंतागुफ़ा के बीच के जंगलों में डीआरजी जवानों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ चल रही है. यह इलाका नक्सलियों का गढ़ माना जाता है, जहां जंगलों की दुर्गमता के कारण सुरक्षा बलों को अक्सर भारी जोखिम का सामना करना पड़ता है. सूत्रों के अनुसार इस ताज़ा मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है. सुकमा की पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने इसकी पुष्टि की है.

CG Breaking : नक्सलियों के हथियार फैक्ट्री पर छापा, BGL समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद

CG Breaking : नक्सलियों के हथियार फैक्ट्री पर छापा, BGL समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद

 सुकमा :  एसपी किरण चव्हाण एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जिला पुलिस व विशेष टीमों द्वारा चलाये जा रहे समन्वित एंटी-नक्सल अभियानों के क्रम में जिला सुकमा DRG टीम ने प्राप्त सटीक खुफिया सूचना के आधार पर गोमगुड़ा इलाके के घने जंगल क्षेत्र में स्थित एक अवैध हथियार-निर्माण (ऑर्डिनेंस) फैक्ट्री का सफलतापूर्वक पता लगा कर उसे ध्वस्त किया।

 
मौके से बरामद सामान व निष्कर्ष:17 न सरकारी/चल रही हालत में राइफलें। हथियार बनाने के उपकरण, मशीनें, गन-पार्ट्स और भारी मात्रा में निर्माण सामग्री बरामद।
प्रारम्भिक जांच से प्रतीत होता है कि यह फैक्ट्री क्षेत्र में सशस्त्र गतिविधियों व हथियारों के निर्माण के लिए संचालित की जा रही थी, जिससे सुरक्षा बलों को गंभीर क्षति पहुंचाने का प्रयास किया जा सकता था।
 
जिला पुलिस की नयी रणनीति व प्रभाव
निरन्तर चलाये जा रहे समन्वित एंटी-नक्सल ऑपरेशन और ताज़ा खुफिया प्रवाह के कारण माओवादी नेटवर्क पर प्रतिशोधी कार्रवाईयां सफल रही हैं।
पिछले वर्ष के आँकड़ों के अनुसार 545 माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं, 454 गिरफ्तार किए गए और 64 माओवादी मारे गए — शेष सक्रिय घटकों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
 
पुलिस का आह्वान और पुनर्वास नीति
सुकमा पुलिस सभी भटके हुए नक्सलियों व उनके समर्थकों से पुनः अपील करती है — हिंसा छोड़कर शांति व विकास के मार्ग को अपनाएँ। आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षित वापसी, सम्मान और छत्तीसगढ़ शासन की नक्सलवादी आत्मसमर्पण / पीड़ित राहत पुनर्वास नीति 2025 के तहत रोज़गार व आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
 
पुलिस अधीक्षक, सुकमा के शब्दों में
“सुरक्षाबलों का लक्ष्य केवल नक्सलवाद का दमन नहीं, बल्कि क्षेत्र में स्थायी शांति और समावेशी विकास स्थापित करना है। जो भी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहता है, उसके लिए शासन की नीति के अंतर्गत सम्मानजनक जीवन की गारंटी है।”
 
घटनास्थल से बरामद विस्तृत सूची:
1.BGL रॉकेट लॉन्चर — 01 नग
2.BGL लॉन्चर — 06 नग
3.12 बोर राइफल — 06 नग
4.सिंगल-शॉट राइफल — 03 नग
5.देशी कट्टा — 01 नग
6.12 बोर राइफल का बैरल — 02 नग
7.सिंगल-शॉट का बैरल — 02 नग
8.हैण्ड-ड्रिल मशीन (बड़ा) — 01 सेट
9.टेबल वाइस — 17 नग
10.BGL बैरल — 03 नग
11.BGL बॉडी कवर — 02 नग
12.लैंप — 01 नग
13.हैण्ड-ड्रिल मशीन (छोटा) — 01 सेट
14.कुल्हाड़ी — 01 नग
15.बंसुला — 01 नग
16.बिजली-वायर — 20 मीटर
17.लोहे का पाइप — 05 नग
18.गिरमिट — 02 नग
19.हथौड़ा — 02 नग
20.ग्राइंडर प्लेट — 04 नग
21.वेल्डिंग हैंड शील्ड — 02 नग
Breaking : नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम; जवानों ने 40 किलो IED किया निष्क्रिय

Breaking : नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम; जवानों ने 40 किलो IED किया निष्क्रिय

 सुकमा। जिला सुकमा में नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को सुरक्षाबलों ने नाकाम किया है। थाना फूलबगड़ी क्षेत्रांतर्गत फूलबगड़ी–बड़ेशेट्टी मार्ग पर सर्चिंग के दौरान सड़क किनारे लगाए गए लगभग 40 किलोग्राम वजनी IED बम को सुरक्षाबलों ने बरामद कर मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्प्रभावी (डिस्पोज़) कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने इस IED को सुरक्षाबलों को नुकसान पहुँचाने के इरादे से मार्ग पर प्लांट किया था। सर्चिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर बम डिस्पोज़ल टीम को सूचना दी गई। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए IED को नियंत्रित तरीके से नष्ट कर दिया। घटनास्थल पर किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति की क्षति नहीं हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने इस IED को सुरक्षाबलों को नुकसान पहुँचाने के इरादे से मार्ग पर प्लांट किया था। सर्चिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर बम डिस्पोज़ल टीम को सूचना दी गई। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए IED को नियंत्रित तरीके से नष्ट कर दिया। घटनास्थल पर किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति की क्षति नहीं हुई है।

 
CG : नवाखाई उत्सव के दौरान आपसी विवाद में दो युवकों की मौत

CG : नवाखाई उत्सव के दौरान आपसी विवाद में दो युवकों की मौत

सुकमा। जिले के पोलमपल्ली थाना क्षेत्र के ग्राम तोयपारा में नवाखाई के दौरान विवाद में दो युवकों की मौत हो गई। आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि यह मारपीट में बदल गया, जिसके परिणामस्वरूप दोनों युवकों को अपनी जान गंवानी पड़ी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को तोयनार गांव में नवाखाई का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा था। इसी दौरान, ग्राम तोयपारा में दो परिवारों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। यह कहासुनी धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुँच गया। इस मारपीट में दोनों पक्षों के युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी ने बताया कि विवाद पोडियम देवा (45 वर्ष) और पोडियम पोड़िया के बीच शुरू हुआ था, जो बाद में मारपीट में बदल गया। मारपीट के दौरान दोनों युवकों की मृत्यु हो गई। पुलिस ने गांव वालों से पूछताछ शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।

इस दुखद घटना के बाद से तोयपारा गांव में मातम का माहौल है। जहां एक ओर नवाखाई जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार के अवसर पर ऐसी घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस की जांच पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

 

 

नक्सली क्षेत्र “वंजलवाही” में स्थापित हुआ नवीन सुरक्षा कैंप, “नियद नेल्ला नार” योजना से सुकमा पुलिस की बड़ी उपलब्धि

नक्सली क्षेत्र “वंजलवाही” में स्थापित हुआ नवीन सुरक्षा कैंप, “नियद नेल्ला नार” योजना से सुकमा पुलिस की बड़ी उपलब्धि

 सुकमा। नक्सल प्रभावित ग्राम वंजलवाही में जिला सुकमा पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना की गई है। यह स्थापना छत्तीसगढ़ शासन की “नियद नेल्ला नार” (नई दिशा – नया रास्ता) योजना के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य सुदूरवर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा, विकास और जनकल्याण को सुदृढ़ बनाना है।

इस कैंप की स्थापना से कोंटा–गोलापल्ली–किस्ताराम मार्ग अब सीधे जुड़ गया है, जिससे यात्रा दूरी लगभग आधी हो जाएगी। भारी बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने सभी चुनौतियों का डटकर सामना करते हुए माओवादियों के कोर ज़ोन क्षेत्र में लगातार दो स्थानों पर एक साथ कैंप स्थापित करने में सफलता प्राप्त की।

सुरक्षा कैंप की स्थापना से क्षेत्र में सुरक्षा वातावरण सुदृढ़ होगा, साथ ही ग्रामीणों को शासन की विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त होगा। यह कदम माओवादियों के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण रणनीतिक उपलब्धि है जो क्षेत्र के नागरिकों के जीवन में शांति, सुरक्षा और विकास की नई दिशा प्रदान करेगा।

वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में कुल 20 नवीन सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जा चुकी है। इसके परिणामस्वरूप नक्सल उन्मूलन अभियान में उल्लेखनीय प्रगति हुई है— अब तक 518 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, 64 माओवादी मारे गए, तथा 451 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है।

इस सफलता का श्रेय बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., दंतेवाड़ा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप, सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) रोहित शाह तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण को जाता है।

कैंप की स्थापना से अब क्षेत्र के ग्रामीणों को सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा, पीडीएस व्यवस्था एवं मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा। स्थानीय नागरिकों में इस पहल को लेकर अत्यंत उत्साह है।

“नियद नेल्ला नार” योजना अंतर्गत अब तक स्थापित 20 सुरक्षा कैंप:
टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, मुकराजकोण्डा, दुलेड़, पुलनपाड़, लखापाल, तुमालपाड़, रायगुड़ेम, गोलाकोण्डा, गोमगुड़ा, मेटागुड़ेम, उसकावाया, नुलकातोंग, तुमालभट्टी, वीरागंगलेर, मैता, पालागुड़ा, गुंडा, राजगुंडेम, नागाराम एवं वंजलवाही।

 
जहां कभी गूंजती थी बंदूकों की आवाज़, अब सुनाई देती है ढोल-नगाड़ों और आरती की गूँज, रामलीला के साथ पहली बार हुआ रास गरबा का भव्य आयोजन

जहां कभी गूंजती थी बंदूकों की आवाज़, अब सुनाई देती है ढोल-नगाड़ों और आरती की गूँज, रामलीला के साथ पहली बार हुआ रास गरबा का भव्य आयोजन

 सुकमा।  कभी नक्सल प्रभाव के कारण वीरान पड़ा जगरगुंडा अब फिर से जीवन और उल्लास से भर उठा है। डेढ़ दशक पहले यहां शाम ढलते ही सन्नाटा छा जाता था वहीं अब जगरगुंडा में बदलाव की बयार दिखने लगी है। जहां गोली बारूद की भयानक आवाज से लोग दहशत में आ जाते थे अब नवरात्रि में रास-गरबा की गूंज सुनाई दे रही है।2006 के बाद सलवा जुडूम अभियान के चलते यहां का सामाजिक जीवन लगभग ठहर सा गया था। न तो सड़कें थीं, न बिजली, न स्वास्थ्य सेवाएँ। चारों ओर सुरक्षा घेरे और कंटीले तारों से घिरा यह इलाका एक समय “प्रवेश वर्जित क्षेत्र” माना जाता था। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। शासन-प्रशासन की निरंतर कोशिशों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से जगरगुंडा में फिर से रौनक लौट आई है। सड़के, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाएँ अब इस क्षेत्र को तीन जिलों से जोड़ रही हैं।

 
 
नवरात्र पर्व बना पुनर्जागरण का प्रतीक
इस वर्ष जगरगुंडा में डेढ़ दशक बाद नवरात्र का भव्य आयोजन किया गया। पूरे ग्राम ने मिलकर माता की प्रतिमा स्थापित की, पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन हुआ। ग्राम पंचायत की युवा सरपंच नित्या कोसमा ने पूरे आयोजन का नेतृत्व किया और ग्रामीणों के साथ प्रत्येक कार्यक्रम में भाग लिया। पूरे नवरात्र के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भक्ति गीतों और सामाजिक मेलजोल का माहौल रहा। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों बाद जगरगुंडा में ऐसा उल्लास देखा है मानो भय के अंधेरे को उजाले की रोशनी ने मिटा दिया हो।
 
पहली बार जगरगुंडा में रास-गरबा का आयोजन
इतिहास में पहली बार जगरगुंडा में रास गरबा का आयोजन किया गया यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम था बल्कि जगरगुंडा के सामाजिक पुनर्जागरण का प्रतीक बना। सरपंच नित्या कोसमा ने स्वयं महिलाओं और छात्राओं को गरबा का प्रशिक्षण दिया और देर रात तक चले इस आयोजन में सबको शामिल किया।
 
अब जगरगुंडा में डर नहीं, विकास की गूंज है
आज जगरगुंडा में नई सड़कें, पुल-पुलिया और सरकारी योजनाओं की पहुंच से विकास की नई सुबह हो चुकी है। अब यह क्षेत्र तीन जिलों को जोड़ने वाला महत्त्वपूर्ण संपर्क बिंदु बन रही है। स्कूलों में बच्चों की आवाज़ें गूंजती हैं, बिजली की रौशनी से घर जगमगाते हैं, और लोग फिर से तीज-त्योहार मनाने लगे हैं।
जगरगुंडा पंचायत की महिलाओं ने बताया कि पहले जहां शाम होते ही घरों के दरवाजे बंद हो जाते थे, वहीं अब रात में संगीत और ताल की गूंज सुनाई देती है। ग्रामीणों ने सरपंच नित्या कोसमा का आभार जताते हुए अगले वर्ष इसे और भी भव्य रूप में मनाने की बात कही।
सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को किया ध्वस्त, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त

सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को किया ध्वस्त, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त

 सुकमा।  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सवाद को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। जिसका परिणाम है कि आज नक्सलवाद एक छोटे से दायरे में सिमटता जा रहा है। वहीं इस बीच छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां सुरक्षाबल के जवानों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, सुकमा के कैंप मेट्टुगुड़ा में स्थित नक्सलियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री सुरक्षाबलों ने ध्वस्त कर दिया है। इस दौरान जवानों ने हथियार निर्माण व विस्फोटक तैयार करने में प्रयुक्त होने वाले भारी मात्रा में उपकरण और विस्फोटक सामग्री बरामद की है।

 वहीं नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को बड़ी क्षति पहुंचाने की नीयत से हथियार और विस्फोटक सामग्री निर्माण फैक्ट्री किया जा रहा था। संचालित सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे अभियान से नक्सलियों को गहरा नुकसान हुआ है और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई होगी। स महत्वपूर्ण कार्रवाई में जिला बल सुकमा और कोबरा 203 वाहिनी संयुक्त रूप से भूमिका रही।

“शहीद स्व. आकाश राव गिरपुंजे के नाम से जाना जाएगा ऑफिसर मेस

“शहीद स्व. आकाश राव गिरपुंजे के नाम से जाना जाएगा ऑफिसर मेस

 सुकमा।  आज जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन परिसर में बने ऑफिसर मेस को शहीद स्वर्गीय आकाश राव गिरपुंजे के नाम से समर्पित किया गया। अब यह भवन “शहीद स्व. आकाश राव गिरपुंजे ऑफिसर मेस” के नाम से जाना जाएगा। यह निर्णय पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण की सम्मानजनक सोच और शहीदों के प्रति आदर की भावना का प्रतीक है।

एक प्रेरणादायक पहल

एसपी चव्हाण सर की इस पहल से यह संदेश जाता है कि शहीदों की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाती और उनके सम्मान में जो भी कदम उठाए जाते हैं, वे आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान की प्रेरणा देते हैं।

समाज और विभाग की ओर से श्रद्धांजलि

इस मौके पर विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने शहीद आकाश राव गिरपुंजे की वीरता और समर्पण को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

 
encounter : सुकमा एनकाउंटर में 5 लाख के ईनामी महिला नक्सली ढेर, बड़ी मात्रा में हथियार बरामद

encounter : सुकमा एनकाउंटर में 5 लाख के ईनामी महिला नक्सली ढेर, बड़ी मात्रा में हथियार बरामद

 सुकमा।  छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा में पुलिस के जवानों ने मुठभेड़ में एक महिला नक्सली को मार गिराया है, सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि गादीरास थाना क्षेत्रांतर्गत गुफड़ी एवं पेरमापारा के मध्य जंगल जंगल पहाड़ी में माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी के आधार पर सुरक्षाबल ने सर्च ऑपरेशन पर निकली हुई थी। अभियान के दौरान डीआरजी टीम और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में जवानों ने एक 5 लाख ईनामी मलांगीर एरिया कमेटी के महिला सदस्य बूस्की नुप्पों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। घटनास्थल से जवानों ने शव और हथियार बरामद किया है।

मृत नक्सली कई बड़ी वारदातों में शामिल रही है, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, सुन्दरराज पी. ने माओवादी कैडरों से अपील की कि वे यह यथार्थ स्वीकार करें कि माओवाद समाप्ति के कगार पर है। अब समय आ गया है कि वे हिंसा का मार्ग त्याग कर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाते हुए मुख्यधारा से जुड़ें।

Breaking : CRPF के जवान ने की खुदकुशी, खुद को मारी गोली

Breaking : CRPF के जवान ने की खुदकुशी, खुद को मारी गोली

 सुकमा। सुकमा जिले में इंजरम के सीआरपीएफ के जवान ने खुद को गोली मारकर अपनी जान दे दी है। इस घटना के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अफसर मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जाँच में जुट गई है।

जानकारी के अनुसार, ये घटना बीती रात करीबन 10.30 बजे की है। जब 219 बटालियन सीआरपीएफ के जवान नीलेश कुमार गर्ग है ने अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक जवान कटनी मध्यप्रदेश का रहने वाला था।

बताया ये भी जा रहा है कि जवान के पास से 6 पन्नों का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। वहीं इस मामले में सीआरपीएफ के अधिकारियों के द्वारा जांच जारी है।

 
Breaking : 33 लाख के ईनामी 20 खूंखार नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

Breaking : 33 लाख के ईनामी 20 खूंखार नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

 सुकमा।  छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पुलिस व सीआरपीएफ को मिली बड़ी सफलता मिली है, यहां 33 लाख के ईनामी सहित 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 9 महिला और 11 पुरुष नक्सली शामिल हैं। जो कई बड़ी वारदातों में शामिल रहें।

माओवादियों ने डीआरजी जिला बल व सीआरपीएफ की 111वीं, 217वीं, 218वीं, 226वीं व कोबरा की 203 बटालियन के प्रयासों से सुकमा एसपी किरण चव्हाण, सीआरपीएफ द्वितीय कमान अधिकारी सुरेश सिंह, एएसपी अभिषेक वर्मा, SDOP परमेश्वर तिलकवार, डीएसपी मनीष रात्रे के सामने सरेंडर किया है।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में बड़ी नक्सल साजिश नाकाम, 3 नक्सली गिरफ्तार, आईईडी प्लांट करने की कर रहे थे तैयारी

छत्तीसगढ़ के सुकमा में बड़ी नक्सल साजिश नाकाम, 3 नक्सली गिरफ्तार, आईईडी प्लांट करने की कर रहे थे तैयारी

 सुकमा: छत्तीसगढ़ के नक्सलगढ़ सुकमा जिले में लगातार नक्सल उन्मूलन अभियान चलाये जा रहे हैं. एंटी नक्सल ऑपरेशन के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. सुकमा से तीन नक्सली गिरफ्तार किए (Sukma Naxalite Arrested) गए हैं. ये नक्सली बड़े आईईडी ब्लास्ट की घटना को अंजाम देने वाले थे.जानकारी के मुताबिक़, जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पेंटापाड़ गांव में एंटी नक्सल ऑपरेशन के तहत पुलिस और 50 वीं बटालियन सीआरपीएफ की टीम रविवार को निकली थी गश्त और सर्चिंग ऑपरेशन पर थे. इस दौरान उन्हें ग्राम पेंटापाड़ पगडंडी मार्ग के पास बड़ी कामयाबी हाथ लगी और तीन नक्सली को गिरफ्तार कर लिया.

तीनो नक्सलियों की पहचान ग्राम बुर्कलंका के तीन युवकोंपोड़ियाम जोगा (25), माड़वी मासा (25) और पोज्जा माड़वी (29) के रूप में हुई है. गिरफ्तार नक्सली नक्सली संगठन में मिलिशिया सदस्य हैं. ये किसी बड़े आईईडी ब्लास्ट की घटना को अंजाम देने वाले थे. इनके पास से तीन किलोग्राम का एक टिफिन बम, पांच इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, पांच मीटर कोर्डेक्स वायर, पांच जिलेटिन रॉड और अन्य सामान बरामद किया है.

इनके खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है. सोमवार को इन्हे स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है.

Breaking : नक्सलियों ने दो ग्रामीणों को उतारा मौत के घाट, गला रेतकर की हत्या

Breaking : नक्सलियों ने दो ग्रामीणों को उतारा मौत के घाट, गला रेतकर की हत्या

 सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है, यहां एक बार फिर नक्सलियों ने दो ग्रामीणों को धारदार हथियार से गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया है। बताया जाता है कि नक्सलियों ने बीती रात इस घटना को अंजाम दिया है। मृतकों के नाम पदाम पोज्जा और पदाम देवेंद्र है। ये पूरा मामला पूरा मामला केरलापाल थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस मुखबिरी के आरोप में ग्रामीणों की हत्या की गई है। वहीं अन्य दो ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई की खबर भी मिल रही है। इस वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। लोग डरे सहमें से है। फ़िलहाल पुलिस मामले की जाँच में जुटी है।

Breaking : बड़ी वारदात के फिराक में थे नक्सली, 2 लाख इनामी सहित 4 गिरफ्तार

Breaking : बड़ी वारदात के फिराक में थे नक्सली, 2 लाख इनामी सहित 4 गिरफ्तार

 सुकमा। छत्तीसगढ़ सुकमा जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत जवानों को बड़ी सफलता मिली है, थाना केरलापाल से डीआरजी और जिला बल की संयुक्त पार्टी सामसट्टी व आस-पास क्षेत्र की ओर नक्सल गस्त हेतु रवाना हुए थे कि अभियान के दौरान ग्राम सामसट्टी के पगडण्डी रास्ते के पास 4 नक्सलियों को विस्फोटक सामग्री के साथ पकड़ा गया।

पकड़े गये नक्सलियों से पूछताछ करने पर अपना नाम क्रमशः 01. मुचाकी देवा (गोगुण्डा पंचायत मिलिशिया कमाण्डर, ईनामी 2 लाख रूपये) 2. मुचाकी गुड्डी उर्फ महेश(गोगुण्डा पंचायत डीएकेएमएस सदस्य) 3. सोड़ी हिड़मा (गोगुण्डा पंचायत मिलिशिया सदस्य) 4. सोड़ी देवा (गोगुण्डा मिलिशिया सदस्य) होना तथा प्रतिबंधित संगठन में उपरोक्त पदों पर कार्य करना बताये।

विस्फोटक सामग्री बरामद 

इनके कब्जे से 2 नग टिफिन बम वजनी लगभग 05-05 किग्रा., 4 नग डेटोनेटर, 02 मीटर कोर्डेक्स वायर, 04 नग जिलेटिन रॉड, 15 मीटर इलेक्ट्रिीक, 04 नग पेंसिल सेल को बरामद किया गया। बरामद विस्फोटक पदार्थ रखे जाने के संबंध में गहन पूछताछ करने पर नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पंहुचाने की नीयत से मौके पाकर प्लांट करने के लिए रखे जाना बताये गये।

उपरोक्त कृत्य विधि विरूद्ध पाये जाने से पकड़े गये नक्सलियों के खिलाफ थाना केरलापाल में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही करते हुए विधिवत् गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमाण्ड मिलने पर जेल भेजा गया।

CRIME : सुकमा में नक्सलियों का खूनी खेल – शिक्षादूत लक्ष्मण बारसे की धारदार हथियार से हत्या

CRIME : सुकमा में नक्सलियों का खूनी खेल – शिक्षादूत लक्ष्मण बारसे की धारदार हथियार से हत्या

 सुकमा। जगरगुंडा थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। सिलगेर इलाके के मंडीमरका में नक्सलियों ने एक शिक्षादूत की निर्मम हत्या कर दी। मृतक की पहचान 30 वर्षीय लक्ष्मण बारसे के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बीजापुर जिले के ग्राम पेगड़ापल्ली का निवासी था और सिलगेर में शिक्षादूत के रूप में कार्यरत था।

+ Load More