कोरे स्टॉम्प और चेक पर साइन कराकर फर्जीवाड़ा करने वाला आरोपी गिरफ्तार, जाने कहा की है ये खबर
महासमुंद | कोरे स्टॉम्प पेपर और ब्लैंक चेक पर साइन कराकर ब्याज में पैसे बांटने और चुकाने के टाइम पर जमीन फर्जी तरीके से जमीन रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी के बाद पुलिस ने पिथौरा निवासी आनंद अग्रवाल के घर पर छापा मारा। करीब 8 घंटे चली छापामार कार्रवाई में पुलिस को 65 से अधिक ऋण पुस्तिका के साथ कई चेक, स्टॉम्प पेपर, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, बैंकों के विड्रॉल फॉर्म मिले हैं। पुलिस की मानें तो ब्याज के पैसे के नाम पर फर्जी तरीके से जमीन रजिस्ट्री करने का काम किया जाता रहा है। घटना के बाद पुलिस ने आनंद अग्रवाल समेत उसके दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया है।
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ल ने बताया कि एक दिन पहले ही पटेवा में जनचौपाल के दौरान खपराखोल निवासी टेकराम बरिहा ने बताया कि उनके पिता ने आनंद अग्रवाल से ब्याज में पैसे लिए थे, जब लौटाने गए तो उनकी जमीन रजिस्ट्री की बात सामने आई। पूर्व में भी संबंधित के खिलाफ कई शिकायतें मिली थी। इसी आधार पर पिथौरा पुलिस को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों की जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में इनके खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का अपराध होना पाया गया है। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 120बी और 34 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
देर शाम पुलिस ने दी दबिश, पौने 3 बजे तक चली कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार एसपी से मिले निर्देश के बाद पिथौरा एसडीओपी पुप्लेश पात्रे ने टीआई कमला पुसाम के साथ मिलकर छापेमारी की रूपरेखा तैयार की। देर शाम एसडीओपी ने पुलिस की टीम के साथ आनंद अग्रवाल के घर पहुंची। यहां घर के हर एक कमरे की तलाशी ली गई। तलाशी में घर के अलग-अलग कमरे, दीवान, कपड़ों के नीचे से एक के बाद एक दस्तावेज मिलते गए। जानकारी के अनुसार पुलिस को करीब 7 झोले दस्तावेज मिले हैं। पुलिस की कार्रवाई करीब पौने 3 बजे तक चली।
दस्तावेजों की जांच के लिए पहुंची राजस्व टीम
इधर, बड़ी मात्रा में ऋण पुस्तिका, स्टॉम्प पेपर सहित अन्य दस्तावेजों की जांच के लिए सुबह राजस्व अमले को बुलाया गया। एसडीएम बीएस मरकाम ने बताया कि दस्तावेजों की जांच के लिए थाना प्रभारी का फोन आया था, जिसके बाद नायाब तहसीलदार और आरआई को जांच के लिए भेजा गया था। इधर, नायाब तहसीलदार सतीश रामटेके ने इस मामले में कहा कि मैं इस मामले में कुछ भी नहीं बता सकता। एसडीओपी पुप्लेश पात्रे ने बताया कि मामले में जांच जारी है। कई लोगों के जमीन के ऋण पुस्तिका के भाग 1 और 2 मिले हैं। इनसे पूछताछ की गई तो पता चला कि इन्हें पता ही नहीं है कि उन्होंने जमीन कब बेची है। फिलहाल जांच जारी है। कितने लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई है इसकी जांच जारी है।
कर्मचारियों के नाम पर जमीन की खरीदी
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पाया कि आनंद अग्रवाल के घर तेजराम दीवान और भाव सिंग दीवान नामक दो कर्मचारी काम करते थे। आनंद इनका उपयोग जमीन खरीदी और बिक्री के लिए करता था। आदिवासियों की जमीन की खरीदी-बिक्री में भी इन दोनों के दस्तावेजों का उपयोग करने के साथ ही कई मामलों में इनको गवाह के रूप में शामिल किया जाता था।







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