राइस इंडस्ट्रीज में कार्रवाई 302 क्विंटल धान जब्त, जाने कहा की है यह खबर....
महासमुंद। जिले में खरीफ विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य पर खरीदे धान का कस्टम मिलिंग का कार्य पंजीकृत राइस मिलरों से किया जा रहा है। महासमुंद के नदी मोड़ घोड़ारी स्थित एनएल राइस इंडस्ट्रीज जो कि इस वर्ष अपने राइस मिल का पंजीयन नहीं हैए पर खाद्य विभाग ने छापामार कार्रवाई की। कलेक्टर सुनील कुमार जैन के निर्देश पर 24 जनवरी को खाद्य विभाग की टीम ने उक्त राइस मिल में छापामार कार्रवाई की। जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि मौके पर राइस मिल एवं उसके सामने निर्मित गोदाम में रखे धान एवं चावल का भौतिक सत्यापन किया गया। एनएल राइस इंडस्ट्रीज घोड़ारी महासमुंद के प्रोप्राइटर अक्षत गोयल स्वयं मौके पर उपस्थित थे। भौतिक सत्यापन में राइस मिल के गोदाम में 4026ण्70 क्विंटल धान तथा 366ण्83 क्विंटल चावल पाया गया। उक्त स्टॉक में 756 बोरे का एक नए एवं पुराना बारदानों का स्टेक पाया गया। जिसमें समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन वर्ष एवं समिति का मार्का लगा होना पाया गया। उक्त राइस मिल का 24 जनवरी तक कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन नहीं हुआ था। शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2019.20 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान कस्टम मिंलंग के लिए पंजीकृत राइस मिलों को कस्टम मिलिंग किए जाने के लिए प्रदाय किया जाता हैए किंतु उक्त राइस मिल जिसका जांच दिनांक तक पंजीयन नहीं हुआ था उस मिल में पंजीयन के पूर्व इस वर्ष का उपार्जित धान का पाया जाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। शासन के समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन नीति 2019.20 एवं कस्टम मिलिंग नीति 2019.20 में जारी निर्देशों का राइस मिलर ने स्पष्ट उल्लंघन किए जाने के कारण खाद्य विभाग के जांच दल द्वारा 756 कट्टों में भरा वर्ष 2019.20 के उपार्जित धान वजन 302ण्40 क्विंटल लगभग की जब्त की कार्रवाई की गई। इस प्रकरण में राइस मिलर्स के पूछताछ करने पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। टीम ने प्रकरण अग्रिम आवश्यक कार्यवाही के लिए कलेक्टर ;खाद्य शाखाद्ध महासमुंद को अंतरिम प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है।







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