मॉस्को/नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है, ऐसे में कोरोना वैक्सीन को लेकर एक अच्छी खबर है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को देश के स्वास्थ्य अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया है कि अगले सप्ताह से बड़े स्तर पर टीकाकरण शुरु कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि स्पूतनिक-5 वैक्सीन के 20 लाख डोज का उत्पादन किया जा चुका है।
पढ़ें : बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ी फिल्म (छालीवुड) की इस अभिनेत्री ने की पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने की कोशिश
दरअसल, ब्रिटेन द्वारा फाइजर-वायोएनटेक वैक्सीन को मंजूरी देने के साथ ही अगले सप्ताह से टीकाकरण की भी बात कही इसके तुरंत बाद रूस ने अपनी वैक्सीन को लेकर घोषणा कर दी। रूस ने स्पूतनिक के तीसरे और अंतिम चरण में दावा किया है कि उसकी वैक्सीन 95 फीसदी कारगर साबित हुई है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया है कि ये दूसरे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगियों से आगे है।
पढ़ें : BIG BREAKING : राजधानी के इस स्पा सेंटर में चल रहे देह व्यापार का पुलिस ने किया भंडाफोड़, 3 युवती और 2 युवक गिरफ्तार
अगले सप्ताह से शुरू होगा इस देश में कोरोना टीकाकरण, राष्ट्रपति ने दिए आदेश -
कोविड-19 टास्क फोर्स का नेतृत्व कर रहे डेप्युटी पीएम तातियाना गोलिकोवा से वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान पुतिन ने कहा कि, `मैं आपसे काम संगठित करने को कहूंगा ताकि अगले सप्ताह के अंत तक हम बड़े स्तर पर टीकाकरण की शुरुआत कर सकें।` राष्ट्रपति ने आगे कहा कि टीका सबसे पहले शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जाएगा। पुतिन ने बताया कि हम अगले कुछ दिनों में 20 लाख डोज का उत्पादन कर लेंगे। बता दें कि स्पूतनिक-5 वैक्सीन के 21 दिन के अंतर पर दो डोज लगाए जाएंगे। रूस के सभी नागरिकों का मुफ्त में टीकाकारण किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन अग्रणी दवा कंपनी फाइजर-बायोएनटेक के कोविड-19 टीके को मंजूरी देने वाला पहला देश बन गया है। इस तरह, घातक कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए अगले सप्ताह से अति जोखिम वाले लोगों के टीकाकरण करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। ब्रिटेन की दवा और स्वास्थ्य उत्पाद नियामक एजेंसी (एमएचआरए) ने बताया कि यह टीका उपयोग में लाने के लिए सुरक्षित है। दावा किया गया था कि यह टीका कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए 95 प्रतिशत तक कारगर रहा है। खास बात यह है कि यह वैक्सिन फिलहाल भारत को नहीं मिलने जा रही है।
ब्रिटेन सरकार ने कहा कि आंकड़ों के व्यापक विश्लेषण के बाद इसकी मंजूरी दी गयी और मानकों के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया। अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर और जर्मन कंपनी बायोएनटेक ने साथ मिलकर इस टीके को विकसित किया है। कंपनी ने हाल में दावा किया था कि परीक्षण के दौरान उसका टीका सभी उम्र, नस्ल, अलग-अलग जगह के लोगों पर कारगर रहा। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इस शानदार खबर का स्वागत किया और इसकी पुष्टि की है कि अगले सप्ताह से टीका उपलब्ध कराने की शुरुआत होगी। जॉनसन भी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। उन्होंने कहा, ``टीका से हमें जान बचाने में मदद मिलेगी और अर्थव्यवस्था फिर से आगे बढ़ेगी।`