अलक्ष्मी रूष्ट हुईं तो भी श्री का हृास होगा, पढ़े यह रोचक कथा
देवी लक्ष्मी जहां संपन्नता की देवी हैं,जिनकी पूजा-अर्चना से धन प्राप्ति होती है तो इसके विपरीत देवी अलक्ष्मी गरीबी और दरिद्रता की देवी हैं. मगर श्री को घर में बनाए रखने के लिए लक्ष्मी और अलक्ष्मी दोनों को खुश रखना होगा. साथ ही ख्याल रखना होगा कि अलक्ष्मी रूष्ट हुईं तो भी श्री का हृास होगा क्योंकि अलक्ष्मी को दरिद्रता की देवी माना जाता है.
यह कथा है प्रचलित
लक्ष्मी और अलक्ष्मी व्यापारी पर दोनों ही खुश रहती हैं. कहा जाता है कि एक बार व्यापारी से सवाल किया गया कि लक्ष्मी और अलक्ष्मी में कौन सुंदर है? व्यापारी दुविधा में पड़ गया? वह जानता था कि दोनों को प्रसन्न रखना है. इसलिए जवाब दिया कि लक्ष्मी आती हुई और अलक्ष्मी जाती हुई सुंदर लगती है. कहा जाता है कि तभी से वह दोनों देवियां व्यापरियों से हमेशा प्रसन्न रहती हैं.
इन्हें क्या पसंद
दोनों का स्वभाव, काम अलग हैं, वैसे ही इनकी पसंद भी अलग-अलग और विपरीत हैं. जहां लक्ष्मी को मीठा पसंद है वहीं अलक्ष्मी को खट्टा और कड़वा पसंद है. यही कारण है कि दरवाजे पर नीबू मिर्च टांगी जाती है. वह इसका भोग लगाकर दरवाजे से ही लौट जाती हैं, लक्ष्मी मां को मिष्ठान भोग लगाने के लिए घर में आमंत्रित करते हैं.
कहां रहती हैं
जहां लक्ष्मी रहती हैं, वहां अलक्ष्मी नहीं रहतीं. जिस घर में गंदगी रहती है, लड़ाई-झगड़ा होता है, गंदे कपड़े पहने जाते हैं. जहां अनैतिकता का वास होता है, अर्धम वास करता है उस घर में अलक्ष्मी का वास होता है. इसके उलट लक्ष्मी सफाई पसंद, शांति पसंद हैं जहां यह सब होता है, वहां लक्ष्मी वास करती हैं. लक्ष्मी पूजन के बाद भी वह प्रसन्न नहीं होती तो आपको उन तमाम चीजों का ध्यान रखना होगा कि आपके घर अलक्ष्मी तो आकर्षित नहीं हो रहीं, क्यूंकि जब तक अलक्ष्मी होगी, तब तक लक्ष्मी नहीं आने वालीं.







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