BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

कोरोना संक्रमितों के इलाज के संबंध में उच्च न्यायालय ने राज्य व केंद्र सरकार को दिए आदेश

 कोरोना संक्रमितों के इलाज के संबंध में उच्च न्यायालय ने राज्य व केंद्र सरकार को दिए आदेश
Share

भोपाल। कोरोना संक्रमितों के इलाज में बरती जा रही लापरवाही पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार को 49 पेज के विस्तृत आदेश देकर 19 बिंदुओं की गाइड लाइन जारी की है। आदेश में हाईकोर्ट ने कहा कि हम मृकदर्शक बनकर यह सब नहीं देख सकते। कोरोना के गंभीर मरीजों को एक घंटे में अस्पताल में ही रेमडेसिविर इंजेक्शन सरकार उपलब्ध कराए। केंद्र सरकार रेमडेसिविर का उत्पादन बढ़ाए। अगर जरूरत पड़े तो आयात करे। मप्र हाईकोर्ट ने राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा के पत्र याचिका सहित कोरोना को लेकर दायर की गई अन्य 6 याचिकाओं की सुनवाई पूरी करते हुए अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया था। सोमवार को चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस अतुल श्रीधरन की डिवीजन बेंच ने 49 पेज का विस्तृत आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि विद्युत शवदाह ग्रहों की संख्या बढ़ाएं, स्वास्थ्य विभाग के खाली पदों को संविदा के आधार पर तत्काल भरें, रेमडेसिविर की कीमत अस्पतालों में चस्पा कराएं। 

राज्य सरकार को आदेश दिया है कि 10 मई को अगली सुनवाई में वह एक्शन टेकिंग रिपोर्ट पेश करे। इसके अलावा प्रदेश में विद्युत शवदाह गृहों की संख्या बढ़ाने, स्वास्थ्य विभाग के खाली पदों पर संविदा पर तत्काल नियुक्ति करने, रेमडेसिविर इंजेक्शन की कीमत अस्पताल में चस्पा करने के आदेश भी दिए हैं। गौरतलब है कि सृजन एक आशा संस्था ने इसी मामले में जनहित याचिका लगाई थी। सुनवाई के दौरान खुद सांसद विवेक तन्खा और वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर ने पक्ष रखा। वहीं शासन की ओर से शासकीय महाधिवक्ता सुनवाई में शामिल हुए। 
 

Share

Leave a Reply