जांच टीम ने CM बघेल को सौंपी रिपोर्ट, जल्द तय होगा एक्सप्रेस-वे का भविष्य
राजधानी रायपुर के सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट एक्सप्रेस-वे की रिपोर्ट मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) विभाग ने मुख्यमंत्री को सौंप दी है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सीलबंद रिपोर्ट सौंपी है। अधिकारियों की मानें तो इस सप्ताह के भीतर एक्सप्रेस-वे में आगे क्या करना है, इसका निर्णय आ जाएगा। एक्सप्रेस-वे के संबंध में जल्द से जल्द खुलासा होगा, क्योंकि एक्सप्रेस-वे के बंद होने से पब्लिक को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों की मानें तो एक्सप्रेस-वे की रिपोर्ट में पांचों ओवरब्रिज सही पाए गए हैं। एप्रोच रोड के कॉम्पेक्शन में कमी पाई गई है। इस कारण तेलीबांधा में पुल बैठ गया था। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट सील पैक बंद लिफाफे में थी, इसलिए उसके संबंध में बता पाना संभव नहीं है।
ज्ञात हो कि राजधानी का बीचोबीच छोटी लाइन पर तीन सौ करोड़ की लागत से बनने वाला एक्सप्रेस-वे उद्घाटन के पहले ही धसक गया था। उसके बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री ने एक्सप्रेस-वे में आई खामियों की जांच करने का जिम्मा मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) और एनआइटी को सौंपा था।
सतर्कता विभाग की टीम ने जांच कर रिपोर्ट एनआइटी की सौंप थी। उसके बाद एनआइटी के अधिकारियों ने शुक्रवार को फाइनल रिपोर्ट बनाकर उसे सतर्कता के अधिकारियों को सौंपी थी। सोमवार को सतर्कता के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों की माने तो एक या दो दिन में तय हो जाएगा कि एक्सप्रेस-वे का आगे क्या करना है।
सूत्रों की माने तो एक्सप्रेस-वे की जांच जो प्रमुख रूप से तथ्य सामने आए है उसमें ओवरब्रिज में कमी नही पाई गई है। ठेका एजेंसी द्वारा एप्रोच रोड का कॉम्पेक्शन में जल्दबाजी करने की बात सामने आई है। इसलिए कॉम्पेक्शन में गड़बड़ी की वजह से ही एक्सप्रेस-वे बैठ गया है।
- एनआइटी अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी थी। सोमवार को रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी गई है। - एसवी भगत, मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता)







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