अब मरीजों को तेजी से अस्पताल पहुंचाएगी स्पीड बोट एंबुलेंस
आलीराजपुर । मध्य प्रदेश की जीवनरेखा नर्मदा नदी जिले के दक्षिणी छोर को अपने आंचल में समेटे है। पर्वतमाला के बीच घिरा यह इलाका बेहद दुर्गम है और यहां हमेशा से स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। अब इससे निपटने के लिए स्पीड बोट एंबुलेंस का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अनुसार जिले में नर्मदा के पूर्वी और पश्चिमी छोर पर एक-एक एंबुलेंस तैनात की जाएगी। तेजी से चलने वाली ये बोट एंबुलेंस प्रसूता अथवा अन्य गंभीर मरीजों को सड़क संपर्क तक लेकर आएगी। यहां से 108 वाहन की सुविधा मिलेगी।
हाल ही में संभागायुक्त पवनकुमार शर्मा जिले के दौरे पर आए थे। सरदार सरोवर बांध के डूब प्रभावित क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई थी कि इलाका नर्मदा के बैक वाटर और पहाड़ियों से घिरा है। वर्षाकाल सहित साल में करीब 6-8 माह कुछ मजरे-टोले टापू की शक्ल ले लेते हैं। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती। मरीजों को किसी तरह निजी बोट अथवा नावों की मदद से सड़क संपर्क और फिर यहां से वाहन में नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र तक लाया जाता है। संभागायुक्त ने निर्देश दिए थे कि स्पीड बोट एंबुलेंस चलाई जाए, ताकि लोगों को समय पर उचित उपचार मिल सके।
00 एक एंबुलेंस ककराना और दूसरी शकरजा में
खंड चिकित्सा अधिकारी डा. नरेंद्र भयड़िया ने बताया कि जिला पंचायत को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार एक बोट एंबुलेंस नर्मदा के पूर्वी केंद्र ककराना और दूसरी पश्चिमी छोर पर शकरजा में तैनात की जाएगी। स्पीड बोट की गति आम बोट की तुलना में लगभग दोगुनी रहेगी। डूब प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोग एंबुलेंस पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को 108 की तर्ज पर काल कर बुला सकेंगे। बोट एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मरीज को सड़क संपर्क तक बोट की मदद से लाया जाएगा। यहां से 108 वाहन की सुविधा मिलेगी। ककराना और शकरजा से जिले का नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोंडवा में है। यहां मरीजों को उपचार मिल सकेगा। गंभीर स्थिति होने पर जिला अस्पताल भी भेज सकेंगे। डा. भयड़िया के अनुसार क्षेत्र में एक स्वयंसेवी संस्था बोट पर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करा रही है। हालांकि त्वरित राहत के लिए स्पीड बोट एंबुलेंस का प्रस्ताव बनाया है।







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