राजधानी के शदाणी दरबार के संत पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में बहा रहे ज्ञान की गंगा, जाने पूरी खबर..
रायपुर। राजधानी स्थित शदाणी दरबार के संत के नेतृत्व में करीब 50 यात्रियों का जत्था पिछले दिनों 23 नवंबर को पाकिस्तान की यात्रा पर गया हुआ है। संत युधिष्ठर लाल के सानिध्य में सिंध प्रांत समेत पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में ज्ञान की गंगा बहाई जा रही है। जनेऊ, सामूहिक विवाह संस्कार के अलावा भजन-कीर्तन, कथा प्रसंगों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है।
6 को वापस लौटेगा जत्था-
शदाणी दरबार के उदय शदाणी एवं संतोष चंदवानी ने बताया कि पिछले 36 सालों से तीर्थयात्री शिव अवतारी सतगुरु संत शदाराम साहिब की तपोस्थली हयात पिताफी एवं पाकिस्तान स्थित अन्य धार्मिक स्थलों का दर्शन करने जा रहे हैं। इस साल पाकिस्तान में 25 से 27 नवंबर तक 311वां जयंती महोत्सव शदाणी दरबार हयात पिताजी (स्टेशन मीरपुर माथेलो) जिला घोटकी (सिंध पाकिस्तान) में धूमधाम से मनाया गया। वेद भूमि सिंध की यह यात्रा 12 दिन की होती है। भारत से गए यात्रियों ने 24 नवंबर को वाघा बार्डर से लाहौर में प्रवेश किया था। वे सभी 5 दिसंबर को अमृतसर वापस पहुचेंगे। अगले दिन 6 दिसंबर को राजधानी रायपुर आएंगे।
संस्कारों को जीवित रखना उद्देश्य-
संत युधिष्ठिरलाल का उद्देश्य है कि पाकिस्तान में बसे हिंदू परिवारों में सनातन संस्कार जीवित रहे। स्वाभिमान, उत्साह, एकता एवं धर्म के प्रति जागरूकता बनी रहे। उनसे पूर्व संत गोबिंदराम महाराज ने देश के विभाजन के बाद बिछड़े परिवारों, रिश्तेदारों को आपस में मिलवाने, धर्म स्थलों पर पूजा पाठ कायम रखने, वेद भूमि सिंध में निवासरत हिंदुओं को धर्म से जोड़े रखने के उद्देश्य से भारत पाक प्रोटोकाल एग्रीमेंट के माध्यम से सन् 1984 में यात्रा का शुभारंभ किया था।
दोनों देशों के बीच आपसी प्रेम-
दोनों देशों के बीच धार्मिक यात्रा से आपसी सौहाद्र को बढ़ाने की दिशा में मदद मिली है। जत्थों का पाकिस्तान आना-जाना मील का पत्थर साबित हुआ है।







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