9 करोड़ किसानों के खातों में ट्रांसफर हुए 18,000 करोड़: पीएम मोदी कर रहे है सीधा संवाद
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि की सातवीं किस्त किसानों के खातों में जमा कर दी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुए कार्यक्रम में हुए पीएम के बटन दबाते ही 9 करोड़ किसानों के खातों में 18000 करोड़ रुपए की राशि जमा हो गई। अब पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों से संवाद कर रहे हैं।
पीएम 6 राज्यों के किसानों से संवाद करेंगे। देशभर से 2 करोड़ किसानों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। जिन 9 करोड़ किसानों के खातों में यह राशि जमा की जाएगी, उनमें अकेले उत्तर प्रदेश के 2.30 करोड़ किसान हैं। दिल्ली में जारी किसान आंदोलन के बीच केंद्र सरकार की यह पहल बहुत अहम मानी जा रही है। अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर हुए इस आयोजन को भाजपा ने बड़ा रूप देने की कोशिश की है। अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी के साथ ही तमाम बड़े मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री अपने यहां आयोजन किए और किसानों को संबोधित किया।
आप अपनी उपज दूसरे राज्य में बेचना चाहते हैं? आप बेच सकते हैं।
— PMO India (@PMOIndia) December 25, 2020
आप एफपीओ के माध्यम से उपज को एक साथ बेचना चाहते हैं? आप बेच सकते हैं।
आप बिस्किट, चिप्स, जैम, दूसरे कंज्यूमर उत्पादों की वैल्यू चेन का हिस्सा बनना चाहते हैं? आप ये भी कर सकते हैं: PM
पीएम मोदी ने किसानों से संवाद कार्यक्रम में सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश के किसान गगन पेरिंग से बात की। गगन पेरिंग ने बताया कि उन्हें पीएम किसान निधि के तहत 6,000 रुपये मिले हैं, जिसका उपयोग ऑर्गेनिक खाद और दवा खरीदने में किया।` उन्होंने फिर बताया कि एफपीओ के तहत उनके साथ 446 किसान जुड़े हैं जो ऑर्गेनिक अदरक उगाते हैं। इसके बाद पीएम मोदी ने हल्के अंदाज में किसान गगन से पूछा कि क्या कंपनी सिर्फ आपकी अदरक ले जाती है या साथ में जमीन भी ले जाते हैं? इस पर गगन ने कहा कि नहीं, कंपनी जमीन नहीं ले जाती। इस किसान की बात पर पीएम मोदी ने कहा कि आप इतनी दूर अरुणाचल प्रदेश में बैठे हैं और कह रहे हैं कि आपकी जमीन सुरक्षित है, मगर यहां किसानों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है कि किसानों की जमीन ले ली जाएगी।
ओडिशा के किसान से चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर संवाद किया और इसके उन्होंने फायदे पूछे। पीएम मोदी ने कहा कि अटल जी की सरकार ने किसानों को सस्ते में कर्ज देने की शुरुआत की थी, हम उसे आगे बढ़ा रहे हैं।
अरुणाचल प्रदेश के एक किसान ने जब कॉट्रैक्टर फॉर्मिंग की बात कही तो पीएम ने पूछा कि क्या जिस कंपनी से उनका करार है, वह उपज के साथ जमीन भी ले जाती है? इस पर किसान ने बताया कि कंपनी सिर्फ उपज लेती है, जमीन नहीं। इस तरह प्रधानमंत्री ने कृषि बिल के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों का संदेश दिया कि ये कानून उनकी जमीन नहीं छिनेगी, जैसा कि उनके मन में आशंका है।







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