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4 हजार स्वच्छता कर्मियों को ठेकेदार के आर्थिक शोषण से मुक्त कराया : एजाज ढेबर

4 हजार स्वच्छता कर्मियों को ठेकेदार के आर्थिक शोषण से मुक्त कराया : एजाज ढेबर
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रायपुर | पार्षद से महापौर तक पहुंचने में लंबा सफर तय किया। कई बार पार्षद रहकर मैने जनता की सेवा की। महापौर बनने के बाद हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता शहर की स्वच्छता व्यवस्था कायम करने की होगी। स्वच्छता सर्वेक्षण में रायपुर हमेशा पीछे रहा है। नगरनिगम का प्रयास होगा कि अगली बार इंदौर की तर्ज में रायपुर का नाम भी स्वच्छता सर्वेक्षण सूची में टॉप पर हो। उक्त बातें प्रेसक्लब रायपुर में आयोजित प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में शहर के प्रथम नागरिक एवं महापौर एजाज ढेबर ने कही। महापौर ने बताया कि स्वच्छता संबंधी शिकायतों के लिए जल्द ही नगर निगम एक टोल फ्री नंबर जारी कर रहा है जिसमें एमआईसी सदस्य एवं वे स्वयं नगर निगम मुख्यालय में एक घंटा बैठकर स्वच्छता पर केन्द्रित समस्याओं का निदान करेंगे। जन सहयोग के बिना स्वच्छता अभियान संभव नहीं है। जनजागरूकता के चलते अब लोग शहर में सफाई व्यवस्था का महत्व समझने लगे हैं।

महापौर एजाज ढेबर ने बताया कि नगर निगम द्वारा स्वच्छता कर्मियों को 10 हजार 150 रूपए प्रतिमाह वेतन दिया जाता है जो पीएफ कटकर 8 हजार रूपए प्रतिमाह उनके खाते में जमा होना चाहिए था किंतु 4 हजार स्वच्छता कर्मियों के संबंधित ठेकेदारों द्वारा उनके एटीएम कार्ड जब्त कर उन्हें केवल 6 हजार रूपए प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा था। मामला संज्ञान में आने पर उन्होंने ठेकेदारों के अर्थशोषण से स्वच्छता कर्मियों को मुक्त कराया एवं उनके एटीएम कार्ड उन्हें सौंपे। 12 दिन माह महापौर बनने के दौर में यह उनका प्रभावी कार्य है। 
पेयजल समस्या पर फोकस करते हुए महापौर ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु में पेयजल समस्या गंभीर रूप लेती है। इस पर भी निगम का ध्यान है। तीन नवनिर्मित पानी टंकिया मार्च-अप्रैल तक बनकर तैयार हो जाएंगी। उनसे पेयजल की आपूर्ति किए जाने से 70 प्रतिशत जनता की पेयजल समस्या का निराकरण होगा। महापौर ने कि 14 एमआईसी सदस्यों के कार्यों का हर 6 माह में समीक्षा बैठक के जरिए जानकारी ली जाएगी। काम नहीं करने वाले सदस्यों को एमआईसी की सदस्यता से वंचित किया जाएगा।

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