BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

कोरोना के कहर से 500 स्कूल हुए बंद,

कोरोना के कहर से 500 स्कूल हुए बंद,
Share

छत्तीसगढ़ में बढ़ते कोरोना संक्रमण का असर राज्य के निजी स्कूलों के भविष्य पर भी कहर बनकर टूटा पड़ा है,जी हां फीस नहीं मिलने के चलते सैकड़ों निजी स्कूल बन्द होने की कगार पर है. फीस नहीं मिलने के साथ ही छात्रों की संख्या घटने के कारण छत्तीसगढ़ में करीब 500 निजी स्कूलों में ताले लग चुके हैं|

जानकारी के मुताबिक, इन स्कूल प्रबंधकों ने शिक्षा विभाग को विधिवत स्कूल बंद करने की सूचना दी है| यही वजह है कि अब इन स्कूलों में पढ़ने वाले करीब एक लाख बच्चों की शिक्षा अधर लटक गई है| साथ ही शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निशुल्क पढ़ने वाले करीब 20 हजार बच्चे भी मुफ्त शिक्षा से वंचित हो गए हैं| राजधानी रायपुर में ही 35 निजी स्कूलों ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूल बंद होने की जानकारी दी है| इन स्कूलों के बन्द होने के चलते राज्य में शुरू किए गए स्वामी आत्मानंद सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में केवल 40 सीटों पर दाखिले के लिए हजारों आवेदन पहुंचे है|

स्कूल बन्द करने के पीछे के कारण को लेकर स्कूल प्रबन्धन का कहना है कि उनके लिए स्टाफ को तनख्वाह देने से लेकर स्कूल में लगी बस के साथ ही ऑफिस स्टाफ का खर्च वहन करना काफी मुश्किलें हो रही है, दुखद बात यह है कि बच्चों कि संख्या भी घट रही है, सबसे ज्यादा मुश्किल उन स्कूलों की है जिनके खुद के भवन नहीं हैं| प्रबंधकों का कहना है कि किराए के भवन का किराया देना अब उनके बस की बात नहीं है, राज्य में ज्यादातर निजी स्कूल किराए के भवन में चल रहे थे, किराया नहीं दे पाने के कारण उनको स्कूल बंद करना पड़ा है|


प्रदेश में कुल 57 हजार निजी-सरकारी स्कूलों में 60 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं, इनमें अकेले छह हजार 615 निजी स्कूल हैं| जहां 15 लाख बच्चे पढ़ते हैं. इनमें 25 फीसद सीटों पर आरटीआई के तहत तीन लाख एक हजार 317 बच्चे पढ़ते हैं.
रायपुर में ऑटो चलाने वाले मोहन साहू के दोनों बच्चे एक निजी स्कूल में पढ़ते थे. मोहन का कहना है कि चूंकि वो लगातार लॉकडाउन से परेशान हो गए थे. आर्थिक स्थिति बेहद खराब है. फीस नहीं दे सकते ऐसे में उन्होंने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने का फैसला लिया है. वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम ने न्यूज 18 से कहा कि अभी पूरी जानकारी और इन स्कूलों की सूची मंगवा रहे हैं. स्कूलों में बच्चों की सूची भी जुटाने कहा है. किसी भी बच्चे का भविष्य बर्बाद नहीं होगा. सभी का प्रवेश सरकारी स्कूलों में सुनिश्चित किया जाएगा|


Share

Leave a Reply