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जिंदा मरीज को मृत बता दिया! पुलिस पहुंची तो चल रही थी सांस—हैलेट अस्पताल में खौफनाक लापरवाही उजागर

जिंदा मरीज को मृत बता दिया! पुलिस पहुंची तो चल रही थी सांस—हैलेट अस्पताल में खौफनाक लापरवाही उजागर
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 Kanpur News: कानपुर जिले के हैलेट अस्पताल से बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां अस्पताल के वार्ड नंबर-12 में भर्ती एक मरीज को जूनियर डॉक्टरों ने बिना पूरी जांच किए मृत घोषित कर दिया, जबकि वह जिंदा था। डॉक्टरों ने ना तो मरीज की नब्ज जांची, ना ही उसकी सांस या अन्य जरूरी मेडिकल जांच की पुष्टि की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई और पुलिस को सूचना दे दी गई।

पुलिस पहुंची तो जिंदा मिला मरीज
जब नगर थाना पुलिस अस्पताल की इमरजेंसी में शव लेने पहुंची, तो वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। मरीज बेड पर लेटा हुआ था और उसकी छाती ऊपर-नीचे हो रही थी, जिससे साफ था कि वह सांस ले रहा है और जिंदा है। पुलिस ने तुरंत इस गंभीर लापरवाही की जानकारी अस्पताल प्रशासन को दी। इसके बाद पूरे वार्ड में अफरा-तफरी मच गई।

अज्ञात हालत में कराया गया था भर्ती
जानकारी के अनुसार, मरीज को गोविंद नगर पुलिस ने अज्ञात नाम-पते के साथ इलाज के लिए हैलेट अस्पताल में भर्ती कराया था। वह सीनियर डॉक्टर ब्रजेश कुमार की देखरेख में इलाजरत था। कुछ दिनों से उसकी हालत गंभीर बताई जा रही थी, लेकिन इसके बावजूद बिना पूरी जांच के उसे मृत घोषित कर देना अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

परिजनों और तीमारदारों में गुस्सा
घटना की जानकारी फैलते ही अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों के परिजन और तीमारदार नाराज हो गए। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में पहले ही डॉक्टरों और स्टाफ की कमी है और लापरवाही की शिकायतें आम हैं, लेकिन जिंदा मरीज को मृत घोषित कर देना बेहद डराने वाली गलती है। परिजनों ने दोषी डॉक्टरों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अस्पताल प्रशासन ने मानी बड़ी चूक
मामले की गंभीरता को देखते हुए हैलेट अस्पताल के एसआईसी डॉ. आर.के. सिंह और मेडिकल कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ. ऋचा गिरी ने मौके पर पहुंचकर वार्ड का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने माना कि यह बहुत बड़ी लापरवाही है और इसे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

48 घंटे में जांच रिपोर्ट देगी कमेटी
डॉ. आर.के. सिंह के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए एक जांच कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी को 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने साफ किया है कि जांच में जो भी डॉक्टर या स्टाफ दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मरीज की हालत स्थिर, इलाज जारी
फिलहाल राहत की बात यह है कि मरीज की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। उसे विशेष निगरानी में रखा गया है और लगातार इलाज किया जा रहा है। वहीं पुलिस ने भी पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है। यह घटना सिर्फ हैलेट अस्पताल ही नहीं, बल्कि पूरी सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जिंदा मरीज को मृत घोषित करने जैसी गलती किसी की जान भी ले सकती थी। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


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