खटमल से फ़ैल रहा है कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक वायरस, जिसका कोई इलाज अब तक नहीं, जाने क्या है इसके लक्षण
नई दिल्ली | साल 2019 से दुनिया कोरोना से त्रस्त है. इस वायरस ने लोगों का जीना हराम कर दिया. कई देश शमशान में बदल गए. लाशों के अम्बार ऐसे बने कि उन्हें जलाने और दफनाने के लिए जगह कम पड़ गई. आनन-फानन में कोरोना के वैक्सीन को बनाया पी फाइजर से लेकर कोवीशील्ड और कई अन्य कंपनियों ने कोरोना का वैक्सीन बनाने का दावा किया. लोगों के इसके दो डोज के अलावा बूस्टर डोज भी लगे. इसके बावजूद इस वायरस का प्रकोप कम नहीं हो रहा है. अब दुनिया में कोरोना की चौथी लहर आने के संकेत मिल रहे हैं.
जहां कोरोना का प्रकोप कम नहीं हुआ है,वहीं अब दुनिया में एक और नई महामारी की बात फ़ैल गई है. अमेरिका में टिक्स यानी खटमल या खून पीने वाले एक ऐसी महामृ फैलने की पुष्टि हुई है, जिसकी चपेट में आने के बाद इंसान के बॉडी के कई ऑर्गन्स फेल हो जाते हैं. अमेरिका के जॉर्जिया में सामने आए एक मामले से ये बात कंफर्म हुई कि ये जानलेवा वायरस इंसानों में खटमल से फैलना शुरू हो गया है.
2009 में आया था पहला मामला
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक़, इस वायरस का नाम हार्टलैंड है और खटमल से पहले ये वायरस सिर्फ सफ़ेद पूंछ वाली हिरन में पाया गया था. इस वायरस का पहला मामला मिसौरी में 2009 में सामने आया था. इसके बाद 2013 में कंफर्म हुआ था कि ये वायरस इंसानों में भी फ़ैल सकता है. अब जो जानकारी सामने आई है वो डराने वाली है. हर 2000 खटमल में किसी एक में ये फैलने वाला वायरस पाया जा रहा है.
ये हैं लक्षण
हार्टलैंड वायरस के सिम्पटम्स भी एक्सपर्ट्स ने बताए. इसकी चपेट में आने के बाद बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, भूख का ना लगना शामिल है. सबसे डराने वाली बात ये है कि इसकी चपेट में आने के बाद इंसान के बॉडी के कई ऑर्गन्स फेल हो जाते हैं. अभी तक इस वायरस की ना कोई दवा बनी है ना ही बचाव के लिए कोई इंजेक्शन है. ऐसे में लोगों के मन में इस वायरस का खौफ दिखने लगा है.







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