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रायपुर एम्स न्यूनेटोलॉजी वार्ड में नवजात शिशु के लिए एक नयी सुविधाएं शुरु

रायपुर एम्स न्यूनेटोलॉजी वार्ड में नवजात शिशु के लिए एक नयी सुविधाएं शुरु
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रायपुर, राजधानी में डॉ.अंबेडकर अस्पताल और जिला अस्पताल के बाद एम्स रायपुर के न्यूनेटोलॉजी (नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई) में आज मौली का शुभारंभ किया गया। इस विभाग के विस्तार होने से चिकित्सकों द्वारा जन्म के बाद लो बर्थ वेट और प्री मेच्योर नवजात शिशुओं को इलाज की व्यवस्था मिल सकेगा। शुभारंभ अवसर पर एम्स अस्पताल के अध्यक्ष डा. जॉर्ज ए. डिसूजा एवं एम्स निदेशक, प्रोफेसर डॉ. नितिन म. नागरकर शामिल हुए। शिशु रोग विभाग के प्रमुख डॉ. अनिल गोयल ने बताया, अस्पताल में 30 बिस्तर वाले एनआईसीयू ईकाई में आने वाले समस्त बच्चों को अच्छे स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने के लिए सुविधाएं शुरु की जा रही है।

एम्स में नवजात शिुशु गहन चिकित्सा ईकाई के प्रभारी डॉ. फाल्गुनी पाढ़ी ने बताया, अस्पतालों में समयपूर्व पैदा हुए बच्चों की देखभाल के लिए खास इकाई की जरुरत होती है। इन नवजात चिकित्सा इकाइयों में वार्मर , डीएसपीटू (डबल स्टेंड फोटो थेरपी ) होते हैं जिससे बच्चों में होने वाली पीलिया रोग से बचाया जा सकता है। वार्ड में आधुनिक मशीनों से सही मात्रा में हवा, गर्मी और नमी दी जाती है। इन इकाइयों में इन बच्चों को दूध पिलाने की भी खास व्यवस्था होती है। मॉं का दूध भी निकाला जाता है और बच्चे को बड़े ध्यान से पिलाया जाता है। नवजात गहन चिकित्सा इकाई के नियंत्रित वातावरण में सही गर्मी और संक्रमण की कम गुंजाइश होती है। इसलिए यहॉं बच्चे के जि़ंदा रह पाने की संभावना ज़्यादा होती है। बच्चों को कुछ हफ्तों के लिए इन इकाइयों में रखा जाता है। उसके बाद वो बाहर की परिस्थितियॉं झेल पाने लायक हो जाते हैं। यह बदलाव धीरे-धीरे लाया जाता है।

ये बच्चे तापमान के प्रति संवेदनशील होते हैं और नवजात गहन चिकित्सा इकाई तक ले जाए जाने के बीच संक्रमित हो सकते हैं। नवजात गहन चिकित्सा इकाइयों में यह सुनिश्चित हो जाता है कि बच्चे में होने वाले शिशु मृत्यु दर में कमी लाया जा सकता है। वहीं बच्चों की निगरानी करने के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ 24 घंटे तैनात रहते हैं। यहां शिशुओं में होने वाली समस्याओं को गहन तकनीक से जांच कर इलाज किया जाता है। कार्यक्रम में एम्स अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. करन पीपरे ने अस्पताल में वर्तमान में उपलब्ध प्रदाय की जा रही सुविधाओं एवं लाभ प्राप्त कर रहे मरीजों की संख्या, उपलब्ध मरीज बिस्तर संख्या सहित अस्पताल में उपलब्ध होने वाले सुविधाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर नीरेश शर्मा, उपनिदेशक (प्रशासन), बी. के. अग्रवाल वित्तीय सलाहकार, डॉ. प्रो. सरिता अग्रवाल, डॉ. आलोक चंद अग्रवाल, डॉ. रिपु दमन अरोरा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, कार्यपालन अभियंता, लेखा अधिकारी, सहायक परीक्षा अधिकारी, ए एन एस, नर्सिंग अधिकारी एवं चिकित्सालय के अन्य प्रशासिनिक अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।


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