भारत में कोरोना का एक नया वेरिएंट मिला, हो सकता है ख़तरनाक
भारत ने मंगलवार को औपचारिक रूप से स्वीकार किया कि AY.1 कोरोना वायरस का एक वेरिएंट मौजूद है जो कि डेल्टा वेरिएंट के क़रीब है. AY.1 या B.1.617.2.1 का एक म्यूटेशन है, जिसे K417N कहा जा रहा है. इसे काफ़ी संक्रामक बताया जा रहा है और बीटा वेरिएंट से जुड़ा है. पहली बार इसकी पहचान दक्षिण अफ़्रीका में हुई थी. मंगलवार को कोविड-19 टीकाकरण पर बने राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह के प्रमुख वीके पॉल ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, ''पहली बार इसकी पहचान मार्च महीने में यूरोप में हुई थी लेकिन दो दिन पहले ही यह लोगों में पाया गया है. हाँ, नया कोरोना का नया वैरिएंट पाया गया है. लेकिन अभी चिंता की कोई बात नहीं है. हमें इसके बारे में अभी बहुत कुछ पता नहीं है. हम इसे लेकर अध्ययन कर रहे हैं. भारत में इसके संक्रमण को लेकर भी अध्ययन किया जा रहा है.'' सोमवार को अंग्रेज़ी अख़बार द हिन्दू में एक रिपोर्ट छपी थी कि भारत की पाँच प्रयोगशालाओं की ओर से नए वेरिएंट का डेटा मई और जून में GISAID को सौंपा गया था. GISAID एक वैश्विक संस्था है. ब्रिटेन के निकाय पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने कहा है कि GISAID में भारत से 63 जीनोम सात जून तक आए हैं. इनमें आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक में AY.1 वेरिएंट के सबूत मिले हैं. डॉ पॉल ने कहा, ''म्यूटेशन एक जैविक तथ्य है. हमें बचाव के तरीक़े अपनाने हैं. हमें इसे फैलने का अवसर मिलने से रोकना होगा.'' डॉ पॉल ने कहा कि भारत में सोमवार को नोवावैक्स वैक्सीन आ गई. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि नोवावैक्स वैक्सीन का उत्पादन भारत में बड़े पैमाने पर होगा. डॉ पॉल ने कहा, ''हम जानते हैं कि नोवावैक्स बिल्कुल सुरक्षितहै और इसकी एफिकेसी दर भी काफ़ी उच्च स्तर की है. हमें गर्व होना चाहिए कि भारत में अब एक और वैक्सीन मोजूद है.'' नोवावैक्स अमेरिकी कंपनी है और वो भारत में सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के साथ मिलकर NVX-CoV2373वैक्सीन बना रही है.







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