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Aaj Ka Panchang: 5 जुलाई मंगलवार को सिंह के बाद कन्या राशि में होगा चंद्रमा का संचरण...जानिए शुभ मुहूर्त व राहुकाल

Aaj Ka Panchang: 5 जुलाई मंगलवार को सिंह के बाद कन्या राशि में होगा चंद्रमा का संचरण...जानिए शुभ मुहूर्त व राहुकाल
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 नई दिल्लीः Aaj Ka panchang: आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है. दिन मंगलवार और तारीख 5 जुलाई 2022 है. अभी गुप्त नवरात्रि चल रही है और आज नवरात्रि का छठा दिन है. इस दिन मां दुर्गा के स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां कात्यायनी की विधिवत पूजा करने से मनोकामना पूरी होती है.

वैवाहिक बाधाएं होती हैं दूर
इसके साथ ही विवाह में आने वाली बाधाओं से मुक्ति मिलती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां कात्यायनी ने महिषापुर का वध किया था. असुर महिषासुर का वध करने के कारण इन्हें दानवों, असुरों और पापियों का नाश करने वाली देवी कहा जाता है.

उन्हें योद्धा देवी के रूप में भी जाना जाता है, जो माता पार्वती का एक रूप हैं. माता पार्वती ने महिषासुर राक्षस को मारने के लिए ये अवतार लिया था और इसीलिए उन्हें महिषासुरमर्दिनी (महिषासुर का वध करने वाली) के रूप में भी पूजा जाता है.

कात्यायन की पुत्री हैं मां कात्यायनी
वामन पुराण में दर्शाया गया है कि राक्षस महिषासुर को मारने के लिए, सहज क्रोध से, देवताओं की ऊर्जा किरणें ऋषि कात्यायन के आश्रम में संयुक्त और क्रिस्टलीकृत हुईं, जहां उन्होंने इसे देवी का उचित रूप दिया. कात्यायन की पुत्री के रूप में कात्यायनी नाम दिया गया है.

माता का वर्णन मार्कंडेय पुराण के देवी महात्म्य भाग में मिलता है, जिसका श्रेय ऋषि मार्कंडेय को जाता है. उन्हें मां दुर्गा के आदि शक्ति स्वरूप के रूप में पूजा जाता है. अविवाहित लड़कियां व्रत रखती हैं और मनचाहा पति पाने के लिए इस रूप की पूजा करती हैं.

आज का पंचांग
आषाढ़ - शुक्ल पक्ष - षष्ठी तिथि - मंगलवार
नक्षत्र- पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र
महत्वपूर्ण योग- व्यातीपात योग
चंद्रमा का सिंह के उपरांत कन्या राशि पर 16:46 से संचरण
आज का शुभ मुहूर्त - रवि योग 10.29 बजे तक
राहु काल - 03.52 बजे से 05.32 बजे तक

त्योहार - कोमारिकी षष्ठी, बुध अस्त होने जा रहे हैं 20:43 पर

गुप्त मनोकामना की पूर्ति के लिए
मिट्टी के कलश में पांच मुट्ठी जौ, एक लाल फूल, लाल रंग का चौकोर कपड़ा, एक फल एक सिक्का रखकर आज सायंकाल के बाद गोधुली बेला में देवी मंदिर में देवी दुर्गा को अर्पित करें.

 

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