BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

अब अडानी की होगी सहारा की सभी संपत्तियां, कल सुप्रीम कोर्ट की लगेगी मुहर

अब अडानी की होगी सहारा की सभी संपत्तियां, कल सुप्रीम कोर्ट की लगेगी मुहर
Share

 नई दिल्ली। सहारा समूह को लेकर इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिसमें सहारा की सभी संपत्तियों का सौादा अडानी समूह हो गया है। इसे लेकर सहारा की प्रॉपर्टी सूची 14 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में जमा हुई है। जिसपर कल यानी 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में मुहर लग सकती है। जिसके बाद सहारा की सभी 88 कंपनियां अडानी को सौंपी जाएगी। जिसकी कुल कीमत लगभग 1 लाख 43 हजार करोड़ है।

दरअसल, सहारा ग्रुप और सेबी का विवाद वर्षो से जारी है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए कई बार निर्देश दिए। अदालत ने समूह से बिना बंधक वाली संपत्तियों की सूची मांगी, ताकि उन्हें बेचकर निवेशकों का पैसा लौटाया जा सके। इस मामले को लेकर बीत 6 सितंबर 2025 को सहारा और अडानी के बीच एक डील हुई जिसमें प्रस्ताव रखा गया कि, सूचीबद्ध सभी संपत्तियां और कुछ अतिरिक्त संपत्तियां अडानी समूह को ट्रांसफर की जाएं। इसके लिए अदालत से औपचारिक मंजूरी मांगी गई है।

 बता दें कि, इसमें साफ तौर से कहा गया कि, इन संपत्तियों पर किसी तरह की कोई जांच, कार्रवाई केस ना हो और न ही ईडी, इनकम टैक्स का असर पड़े। साथ ही इसमें सहारा या किसी तीसरे पक्ष की कोई दावा या आपत्ति आती है, तो उसका निपटारा सिर्फ सुप्रीम कोर्ट ही करेगी। इसमें अदालतों, ट्रिब्यूनलों या रेगुलेटरी अथॉरिटीज़ को इन संपत्तियों से जुड़े मामलों में कोई हस्तक्षेप का अधिकार न हो।


Share

Leave a Reply