BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

लगातार 36 घंटे की व्रत के बाद उगते सूरज को अर्घ्य देने पहुंची महिलाएं, छठ घाट पर उमड़ी भीड़

लगातार 36 घंटे की व्रत के बाद उगते सूरज को अर्घ्य देने पहुंची महिलाएं, छठ घाट पर उमड़ी भीड़
Share

छठ महापर्व की शुरूआत नहाय खाय से होती है। यह पर्व 4 दिनों तक चलती है। जिसमें दूसरे दिन व्रती शाम में खरना करती हैं और प्रसाद खाने के बाद उनका 36 घंटे का निर्जला उपवास करती हैं। तीसरे दिन डूबते सूरज को व्रती महिलाएं अर्घ्य देती हैं। फिर अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ महापर्व संपन्न हो जाता है।

छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में छठ का पर्व धूम धाम से मनाया जा रहा है। 36 घंटे के व्रत के बाद महिलाएं अपने परिवार के सदस्यों के साथ उगते सूरज को अर्घ्य देने पहुंची हैं। सुबह 4 बजे से ही लोग घाट में उगते सूरज को अर्घ्य देने पहुंचे हैं। ऐसा माना जाता है कि उगते सूरज को अर्घ्य देने के बाद ही यह व्रत पूरा होता है। राजधानी रायपुर के महादेव घाट में भी महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। बता दें कि कल व्रती महिलाओं ने डूबते सूरज को अर्घ्य देकर मनोकामना की थी।

ऐसा माना जाता है कि छठ व्रत को करने से स्कंद माता व कुमार कार्तिकेय प्रसन्न होते हैं। पुराणों में भी इस बात का उल्लेख है कि षष्ठी देवी यानी छठी मइया सृष्टि के विधाता भगवान ब्रम्हा की पुत्री हैं, जिनका नाम देवसेना है। देवसेना का विवाह भगवान शिव के बड़े पुत्र कार्तिकेय के साथ हुआ है। स्कंद कुमार कार्तिकेय का दूसरा नाम है। कार्तिकेय के साथ अंक 6 बहुत ही अद्भुत संयोग है। इनका जन्म षष्ठी तिथि को हुआ था। इनके मुख भी छह है। इनका पालन पोषण भी 6 कृतिकाओं ने मिलकर किया है। इससे इनकी माता की संख्या भी मानी जाती है। यही वजह है कि छठ पूजा से कुमार कार्तिकेय प्रसन्न होते हैं।


Share

Leave a Reply