छत्तीसगढ़, पंजाब के बाद अब इस राज्य के कांग्रेस में रार, राहुल को खत लिख उठाया सवाल तो हुए बाहर
कांग्रेस के लिए समस्याएं खत्म नहीं हो रही हैं। अभी वह पंजाब और छत्तीसगढ़ में विवाद को सुलझा नहीं पाई है कि केरल में भी कांग्रेस को कुछ ऐसी ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। केरल में कांग्रेस सेक्रेट्री पीएस पारसनाथ को पार्टी से बाहर निकाल दिया गया है। उनके ऊपर आरोप हैं कि वह कांग्रेस हाई कमान को चुनौती दे रहे थे और गलत आरोप लगा रहे थे। केरल में कांग्रेस पार्टी चीफ के सुधाकरन ने यह बातें कहीं हैं। पारसनाथ ने अपने लेटर में पार्टी के जनरल सेक्रेट्री केसी वेणुगोपाल पर सवाल उठाए थे।
Kerala Congress Secy PS Prasanth writes to Congress leader Rahul Gandhi, against AICC Gen Secy KC Venugopal.
— ANI (@ANI) August 30, 2021
His letter reads, "Since he took the charge, we could witness the destruction of the party in states including Goa, Karnataka, MP, Rajasthan, Punjab, Chhattisgarh etc."
कहा, जबसे वेणुगोपाल ने चार्ज लिया कुछ भी ठीक नहीं
गौरतलब है कि पीएस पारसनाथ ने राहुल गांधी को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी जनरल सेक्रेटी केसी वेणुगोपाल पर आरोप लगाए थे। इस चिट्ठी में पारसनाथ ने लिखा था कि जबसे वेणुगोपाल ने चार्ज संभाला है पार्टी में बिखराव नजर आने लगा है। पारसनाथ ने आगे लिखा है कि सिर्फ केरल में ही नहीं, गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और छत्तीसगढ़ समेत तमाम जगहों पर पार्टी के लिए मुश्किल बढ़ी है।
भाजपा से मिलीभगत का लगाया था आरोप
पारसनाथ सिर्फ इतने पर ही नहीं रुके। उन्होंने आगे लिखा है कि केरल में कांग्रेस के कार्यकर्ता बिल्कुल कंफ्यूज हैं। वह समझ नहीं पा रहे हैं कि कहीं केसी वेणुगोपाल भाजपा के साथ मिलीभगत करके प्रदेश में पार्टी को धराशाई तो नहीं करना चाहते हैं। उनका यह पत्र सामने आने के बाद से ही तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इसके बाद शाम होते-होते पारसनाथ के पार्टी से बाहर निकालने का आदेश आ गया।
अखाड़ा बन गई है कांग्रेस पार्टी
गौरतलब है कि हाल-फिलहाल कांग्रेस पार्टी में लगातार घमासान हो रहा है। विभिन्न राज्यों में पार्टी के अंदर गुटबाजी और विवाद सामने आ रहा है और उसके लिए हालत बहुत मुश्किल हो गई है। पहले राजस्थान में गहलोत और पायलट गुट के बीच किसी तरह सुलह हुई। इसके बाद पंजाब में सिद्धू और कैप्टन के बीच आए दिन तलवार खिंची हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ में भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस देव के बीच सबकुछ अच्छा नहीं चल रहा है। इन सबके बीच केरल में इस तरह का विवाद सामने आना पार्टी के लिए नई चुनौती बन सकता है।







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