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विरोध प्रदर्शन के बाद, JNU हॉस्टल की फीस बढ़ाने का फैसला ले लिया गया है वापस

 विरोध प्रदर्शन के बाद, JNU हॉस्टल की फीस बढ़ाने का फैसला ले लिया गया है वापस
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हॉस्टल की फीस बढ़ाने का फैसला वापस ले लिया है। बीते दिनों छात्रों ने इसको लेकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया था। जेएनयू कार्यकारी समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। शिक्षा सचिव आर सुब्रह्मण्यम ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों की मदद के लिए एक अतिरिक्त योजना शुरू की जा रही है।

आर सुब्रह्मण्यम ने अपने ट्वीट में लिखा, "जेएनयू कार्यकारी समिति ने हॉस्टल शुल्क और अन्य शर्तों में रोल-बैक की घोषणा की। इसके अलावा ईडब्ल्यूएस छात्रों को आर्थिक सहायता के लिए एक योजना का प्रस्ताव है। कक्षाओं में वापस आने का समय है।" 

बता दें, जेएनयू छात्र ने मसौदा हॉस्टल मैनुअल को वापस लेने की मांग की थी। इन छात्रों का कहना है कि इस मसौदे में फीस बढ़ोतरी, ड्रेस कोड तथा कर्फ्यू टाइमिंग जैसे प्रावधान हैं। छात्र संघ ने मसौदा हॉस्टल मैनुअल के विरोध में पहले हड़ताल की थी। जब सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया तो विरोध प्रदर्शन किया। 

छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियां गरीब छात्रों की विरोधी हैं। हॉस्टल की फीस पहले 1- रुपए थी, जिसे बढ़कर 300 रुपए किया गया था और बिजली-पानी की सुविधा फ्री थी

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