9 माह बाद सखी सेंटर से घर लौटी अंजली जैन, कड़ी सुरक्षा के साथ पति को किया सुपुर्द
रायपुर । छत्तीसगढ़ की बहुचर्चित अंजली जैन को आज 9 महीने बाद सखी सेंटर से रिहा किया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आज अंजली को उसके पति आर्यन आर्य को सौंपा गया। इस दौरान अंजली ने एक बार फिर अपने पिता से उसे जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है।
धमतरी जिले के रहने वाली अंजली जैन को 19 मार्च से सखी सेंटर में रखा गया था। 23 वर्षीय अंजली ने धमतरी जिले का रहने वाला आर्यन आर्य (33) से आर्य समाज में शादी कर ली है। शादी के बाद पता चला था कि आर्यन हिन्दू नहीं बल्कि मुस्लिम युवक है जिसका नाम मोहम्मद इब्राहिम है। हालांकि आर्यन ने दावा किया है कि शादी के पहले ही उसने हिन्दू धर्म अपना कर अपना नाम बदल लिया था। इस मामले का पता जब अंजली के परिवार वालों को चला तो अंजली के पिता इस शादी के खिलाफ हो गए। जिसके बाद मामला बढ़ते हुए कोर्ट तक जा पहुंचा। चूंकि अंजली आर्यन के साथ ही रहना चाहती था और अपने पिता से खुद की जान का खतरा बता रही थी। जिसके चलते अंजलि को सखी सेंटर में रखा गया था। सखी सेंटर में लगभग 9 महीने रहने के बाद आज आखिरकार अंजली को यहां से रिहा कर दिया। चूंकि मामला बेहद संवेदनशील है इसलिए अंजली की रिहाई आज पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच की गई। अंजली ने पहले ही कह चुकी थी वो अपने पति के साथ रहना चाहती है। इसलिए आज सखी सेंटर से रिहाई के बाद अंजली को उसके पति आर्यन के सुपुर्द किया गया। सखी सेंटर से रिहाई के दौरानएसएसपी आरिफ शेख और एसडीएम प्रणव सिंह भी मौजूद रहे।
सखी सेंटर से बाहर निकलने के बाद अंजलि जैन ने कहा कि मैं अपनी मर्जी से पति के साथ जा रही हूं। थोड़े समय के लिए मुझे सुरक्षा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुझे अपने पिता से खतरा है। लेकिन मैं अपने परिवार वालों से अपील करती हूं वो इन चीजों को स्वीकार कर ले। उन्होंने यह भी कहा कि मैं अपने परिवार से रिश्वता नहीं तोड़ूंगी ओर उन्हें मनाने की पूरी कोशिश करूंगी।







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