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बर न बिहाव छट्ठी बर धान कुटाये के सलाह देवय साय, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कसा तंज

बर न बिहाव छट्ठी बर धान कुटाये के सलाह देवय साय, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कसा तंज
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रायपुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय के बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बर न बिहाव छट्ठी बर धान कुटाये के सलाह देवय साय। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय के बयान से स्पष्ट हो गया है कि विष्णुदेव साय को खेती किसानी के बारे में जानकारी नहीं है। जून, जुलाई के महीने में किसानों को खेती किसानी के लिए बीज रसायनिक खाद यूरिया, पोटाश, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की जरूरत पड़ती है जिसकी आपूर्ति करने में मोदी सरकार बाधा उत्पन्न कर रही है। छत्तीसगढ़ में खाद की कमी मोदी प्रायोजित है। राज्य सरकार के द्वारा अप्रैल-जून माह के लिए मांगी गई उर्वरकों की आपूर्ति में कटौती कर मोदी सरकार ने अपने किसान विरोधी नियत और नीति को ही आगे बढ़ाया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि विष्णु देव साय के बयान में इस बार फिर धान खरीदी के वक्त मोदी भाजपा के द्वारा साजिश और षड्यंत्र रचने की बू आ रही है। मोदी सरकार के किसानों के धान नही खरीदने की नीति और समर्थन मूल्य नही देने की योजना का ही दुष्परिणाम है कि बीते खरीफ वर्ष में छत्तीसगढ़ को मांग के अनुसार बारदाना नही दिया गया। न ही बारदाना खरीदने की अनुमति दी गई। जिसके चलते छत्तीसगढ़ भाजपा नेताओं की खूब फजीहत हुई थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरकार ने बीते खरीफ वर्ष में 20 लाख से अधिक किसानों से 92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी 2500 रू प्रति क्विंटल के दर से कर इतिहास रचा है, किसानों से किये वादा को पूरा किया है। वही मोदी भाजपा की सरकार किसानों से किये वादा को सात साल में पूरा करने में नाकाम रहे और उल्टा तीन काला कृषि कानून लाकर खेती किसानी और किसानों को पूँजीपतियो के गुलाम बनाने की साजिश रचे है जिसके खिलाफ देशभर के किसानों में आक्रोश है किसान बीते सात माह से दिल्ली के सीमा में तीनों को कानून वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के द्वारा पूर्व में मांगी गई बारदाना के हिसाब से छत्तीसगढ़ के लिए बारदाना को सुरक्षित रखने की मांग करनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में अभी धान की बोवाई रोपा लगाई चल रही है। इसके पश्चात कितनी संख्या में किसान धान बेचने पंजीयन कराते हैं उस आधार पर राज्य सरकार केंद्र सरकार के जूट मिल को बारदाना की आपूर्ति के लिए मांग पत्र भेजेगी। क्योंकि छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान के अलावा मक्का, गन्ना, कोदो, कुटकी, रागी और फलदार वृक्षारोपण करने वालों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है, लाभांश दिया जा रहा है जिसके चलते पूर्व में धान उत्पादन करने वाले कई किसानों ने फसल परिवर्तन किया है।
 


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