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आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे बसवराज, पूर्व मुख्यमंत्री के हैं करीबी

आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे बसवराज, पूर्व मुख्यमंत्री के हैं करीबी
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बेंगलूरू: कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई आज पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11 बजे होगा। बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद मंगलवार शाम को केंद्रीय पर्यवेक्षकों धर्मेंद्र प्रधान, जी किशन रेड्डी और कर्नाटक भाजपा प्रभारी अरुण सिंह की देखरेख में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें येदियुरप्पा ने अपने करीबी और लिंगायत समुदाय से आने वाले राज्य के गृहमंत्री बोम्मई के नाम का प्रस्ताव रखा, जिन्हें सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया। देर रात बोम्मई ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की।

इससे पहले बसवराज बोम्मई और जगदीश शेट्टार ने मंगलवार शाम को ही बंगलूरू में पर्यवेक्षक व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जी किशन रेड्डी से मुलाकात की थी। येदियुरप्पा के कुर्सी छोड़ने के बाद बोम्मई के साथ-साथ कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी, केंद्रीय कोयला खनन मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्रलाद जोशी और लिंगायत समुदाय से आने वाले कर्नाटक के कोयला और खनन मंत्री मुरुगेश निरानी का नाम भी चर्चा में था। बताया जा रहा है कि बोम्मई के नाम पर लिंगायत समुदाय भी राजी था।

2023 के चुनाव में लिंगायतों से ही सत्ता का गणित साधने की कोशिश
कर्नाटक की आबादी में लिंगायत समुदाय की भागीदारी करीब 17 फीसदी है। 224 सदस्यीय विधानसभा सीटों पर 100 से ज्यादा सीटों पर लिंगायत समुदाय का प्रभाव है। ऐसे में भाजपा ने येदियुरप्पा के हटने के बाद लिंगायत समुदाय के ही किसी व्यक्ति को नया सीएम बनाकर 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता का गणित साधने की कोशिश की है।

12 साल पहले भाजपा में शामिल हुए, अब बने ‘नायक’
सादर लिंगायत समुदाय से आने वाले बसवराज पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर हैं। खेती से जुडे़ होने के नाते कर्नाटक के सिंचाई मामलों का जानकार माना जाता है। राज्य में कई सिंचाई परियोजनाएं शुरू करने की वजह से उनकी सराहना की जाती है। उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र में भारत की पहली 100 फीसदी पाइप सिंचाई परियोजना लागू करने का श्रेय भी दिया जाता है। उनके पिता एसआर बोम्मई भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। बसवराज 2008 में भाजपा में शामिल हुए और तभी लगातार पार्टी में ऊपर चढ़ते चले गए। वह पहले राज्य सरकार में जल संसाधन मंत्री रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत जनता दल के साथ की थी।

येदियुरप्पा के समर्थक ने की खुदकुशी
कार्यवाहक मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने अपने एक समर्थक के खुदकुशी करने पर दुख जताया है। रिपोर्टों के मुताबिक, चामराजनगर जिले का 30 वर्षीय राजप्पा रवि सोमवार को येदियुरप्पा के इस्तीफा देने से सदमे में था, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। येदियुरप्पा ने कहा, मैं अपील करता हूं कि मैं हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि इस संबंध में ऐसा कदम नहीं उठाएं। मैं रवि के परिवारवालों की पीड़ा में उनके साथ हूं।


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