भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री जिन्होंने किया ये काम...
रायपुर। विधायक ने खारुन नदी में वर्षों से सेवा दे रहे पांच गोताखोर लोकनाथ धीवर, माखन धीवर, डायमंड धीवर, शेषनारायण धीवर और देवकुमार धीवर को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से निवास में ले जाकर मुलाकात करवाई और उनकी बहादुरी को लेकर मुख्यमंत्री को बताया। उनकी इस बहादुरी को देख मुख्यमंत्री ने इन गोताखोरों का मनोबल बढ़ाते हुए उनके इस जोखिम भरे कार्य के लिए सभी को एक-एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान किये जाने की घोषणा की।
गौरतलब हो कि ये गोताखोर वर्षों से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते आ रहे हैं परन्तु भूपेश बघेल पहले मुख्यमंत्री हैं जो इनका उत्साहवर्धन कर सुध ली है। राजधानी रायपुर स्थित महादेवघाट खारुन नदी एक ऐतिहासिक स्थल रहा है जहां बारह महीनों लोगों की भीड़ लगी रहती है। जहां 2 दिन पहले घरेलू विवाद के चलते एक ही परिवार के माँ और बच्चों सहित कुल 4 सदस्यों द्वारा सामूहिक आत्महत्या के प्रयास किये गए थे। परंतु मौके पर हर पल सजग रहने वाले गोताखोरों ने इस प्रयास को अपनी सूझबूझ से विफल कर उन्हें सुरक्षित नदी से बाहर निकाल दिया था। इस बात की चर्चा पूरे राजधानी सहित प्रदेश में फैल गई थी। विधायक विकास उपाध्याय इस घटना के बाद तत्काल मौके पर पहुंच कर मुआयना किया था और बहादुर गोताखोर लोकनाथ धीवर,माखन धीवर,शेषनारायण धीवर,देवकुमार धीवर और डायमंड धीवर का हौसलाफजाई कर उनके इस कार्य के लिए प्रशंसा की थी और उन्हें वचन दिया था कि वे उनको प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात करवाएंगे।
इसी क्रम में विधायक विकास उपाध्याय आज सुबह दिल्ली से लौटते ही इन गोताखोरों को उनके द्वारा किये गए इस बहादुरी कार्य के लिए पांचों गोताखोरों को आज मुख्यमंत्री निवास ले जाकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर उनके बहादुरी के किस्से बताए और कहा कि आज तक इनकी किसी ने सुध नहीं ली विधायक विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री को बताया कि सोमवार की शाम को घरेलू विवाद के कारण राजधानी रायपुर के एक मिश्रा परिवार के माँ-बेटी और दो छोटे बच्चे आत्महत्या की मंशा से खारुन नदी में छलांग लगा दिए थे। इन चारों सदस्यों को नदी में छलांग लगाते हुए इन गोताखोरों ने देख लिया और अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए बिना अपनी जान की परवाह किये चारों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया। यह इन गोताखोरों के लिए पहली घटना नहीं थी बल्कि अभी तक ऐसे सैकड़ों लोगों की इन्होंने जान बचाई है।उनके इस अदम्य साहस के किस्से सुन मुख्यमंत्री बघेल भावविभोर हो गए और इन्हें प्रोत्साहित करने तत्काल एक-एक लाख रुपये की स्वेच्छा अनुदान राशि प्रदान करने की घोषणा की। विधायक विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री के इस उदारता के लिए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।







.jpeg)












