BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

बड़ी घोषणा : तिकुनिया में बनेगा शहीद स्थल, देशभर में विसर्जित की जाएंगीं मारे गए किसानों की अस्थियां

बड़ी घोषणा : तिकुनिया में बनेगा शहीद स्थल, देशभर में विसर्जित की जाएंगीं मारे गए किसानों की अस्थियां
Share

लखीमपुर: यूपी के लखीमपुर खीरी में तिकुनिया बवाल में मारे गए किसानों की याद में वहां पर शहीद स्थल बनाया जाएगा और उनकी अस्थियां पूरे देश में विसर्जित की जाएंगी। इसकी घोषणा मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा के मंच से की गई।

कार्यक्रम के दौरान मंच का संचालन कर रहे डॉ. दर्शन पाल सिंह ने बताया कि दिल्ली के शिरोमणि सिख गुरुद्वारा कमेटी के लोग भी अंतिम अरदास में शामिल होने पहुंचे हैं। उन लोगों ने कहा है कि वे तिकुनिया में जमीन खरीदकर इन सभी मृत किसानों की याद में शहीद स्थल बनाएंगे।
उन्होंने बताया कि शहीदों की अस्थियां पूरे देश की पवित्र नदियों में विसर्जित की जाएंगी। चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान अब तक करीब 750 किसान शहीद हो चुके हैं। तिकुनिया के शहीद किसानों के नाम भी उसी सूची में शामिल किए जाएंगे ताकि आने वाली पीढ़ी उनकी शहादत पर गर्व कर सके।

कार्यक्रम स्थल पर सैकड़ों अस्थि कलश भी मौजूद थे। बताया गया कि कार्यक्रम में शामिल होने आए लोग शहीद किसानों के अस्थि कलश अपने साथ लेकर जाएं और उन्हें पूरे देश की पवित्र नदियों में विसर्जित करें। अगर कुछ स्थानों से किसान नहीं आए हैं तो मोर्चा निर्णय लेकर उन जिलों में विसर्जन कराएगा।


Share

Leave a Reply