BIG BREAKING: पुलिस ने किया अवैध कारतूस की फैक्टरी का पर्दाफाश, कई राज्यों में होती थी सप्लाई
कासगंज: उत्तरप्रदेश के जनपद कासगंज में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है, पुलिस ने अवैध कारतूस की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है. पुलिस छापेमारी में यहां से भारी संख्या में खोखे, कारतूस और भारी मात्रा विस्फोटक पदार्थ बरामद हुए हैं. पुलिस के अनुसार दिल्ली क्षेत्र से खोखे और विस्फोटक लाकर कासगंज में कारतूस बनाए जाते थे. यहां बने कारतूस उत्तर प्रदेश के आसपास के प्रदेशों में सप्लाई किए जाते थे. इस छापेमारी में पटियाली पुलिस ने कारतूस फैक्टरी में काम कर रहे दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि फैक्टरी का संचालक पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया.
कासगंज के पुलिस अधीक्षक रोहन प्रमोद बोत्रे ने बताया कि पकड़े गए मो. आलम और जान आलम शातिर किस्म के अपराधी हैं. वे दिल्ली क्षेत्र से खोखे और विस्फोटक लाकर जिले के पटियाली क्षेत्र के भरगैन में कारतूस बनाने का काम करते थे. कारतूस बनाने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश के पड़ोसी प्रदेशों में सप्लाई किया करते थे. इन आरोपियों के तार दिल्ली, पंजाब हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और जम्मू कश्मीर तक जुड़े हुए हैं. फरार अपराधी छिद्दन आलम भी शातिर किस्म का अपराधी है, जो करीब 10 वर्ष से इस धंधे में लिप्त है. उसकी तलाश की जा रही है. उसकी गिरफ्तारी के बाद ही पता चल सकेगा कि आखिर किस-किस प्रदेशों में यहां से कारतूस बनाकर सप्लाई किया करते थे. पुलिस के अनुसार, इनके तार आतंकवादियों से जुड़े हुए हो सकते हैं. एसपी ने स्पेशल टीम बनाकर छानबीन शुरू कर दी है.
कासगंज जिले के 30 हजार की आबादी वाले गांव भरगैन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के माथे की लकीरें अब गहरी हो चली हैं. यहां पुलिस कार्रवाई और छापेमारी में अवैध हथियारों के जखीरे और निर्माण से जुड़े उपकरण भारी मात्रा में मिल रहे हैं. भरगैन में 99 फीसदी आबादी एक समुदाय विशेष की है. इसलिए भी सुरक्षा एजेंसियां इस इलाके को लेकर खास सतर्क हैं. 16 सितंबर को हुई छापेमारी में पटियाली पुलिस ने 315 बोर के 197 खोखे, 315 बोर के 61 कारतूस, 12 बोर के 107 छर्रे और 73 खोखे, 12 बोर के 42 कारतूस, 32 बोर के 24 कारतूस, 375 ग्राम बारूद, 1 किलो पोटाश, 315 बोर के 2 तमंचे, 1 रायफल और कारतूस भरने के उपकरण आदि जब्त किए हैं.







.jpeg)












