बड़ी खबर: भाजपा नेता ने लगाया खरीदी में बड़ी गड़बड़ी का आरोप
रायपुर: भाजपा सूचना के अधिकार प्रकोष्ठ ने सवाल उठाया कि राज्य स्तरीय क्रय समिति कोविड-19 की अंतिम बैठक कब होगी? यदि बैठक 2, 5 या 10 साल नहीं हुई तो क्या क्रय समिति द्वारा की गई खरीदी की जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी? यह सूचना के अधिकार कानून का खुला उल्लंघन है।
भाजपा सूचना के अधिकार प्रकोष्ठ के प्रदेश मीडिया प्रभारी जयराम दुबे ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि कोविड संक्रमण काल मे राज्य सरकार ने जो कोरोना उपचार को लेकर खरीदी की है। उसमें बड़ी अनियमितता है। जब आरटीआई लगाई गई थी, तब छत्तीसगढ़ दवा निगम (सीजीएमएससीएल) के जन सूचना अधिकारी ने लिखित में जानकारी की दवा निगम ने नहीं बल्कि राज्य स्तरीय क्रय समिति ने कोरोना काल मे खरीदी की है। जब यह मामला सार्वजनिक हुआ तो दवा निगम ने पलटी मार दी और बताया कि दवा निगम ने 586.6 करोड़ की खरीदी की है।
मीडिया प्रभारी दुबे ने बताया कि जब उक्त खरीदी को लेकर दस्तावेज की मांग की गई तो बहानेबाजी करते हुए राज्य स्तरीय क्रय समिति से दस्तावेज मांगे गए। प्रथम अपील में गए तो वहा से लिखित जानकारी दे दी गई कि क्रय समिति की अंतिम बैठक के बाद दस्तावेज आवेदक को दिया जाएगा। उन्होंने ने कहा कि खरीदी में किस तरह की गड़बड़ी और अनियमितता बरती गई है। भाजपा आरटीआई प्रकोष्ठ जल्द इस मामले में राज्य सूचना आयोग में अपील करेगा, उसके बाद हाइकोर्ट की शरण मे जाएंगे। उन्होंने कहा की कोरोना संक्रमण काल को राज्य की कांग्रेस सरकार ने आपदा को अवसर बनाने का काम किया है। यह परिलक्षित हो रहा है और पूरी प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है जिसके कारण विभाग के आला अधिकारी सवालों के घेरे में है।







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