नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

बड़ी खबर: हत्या के प्रयास में पूर्व विधायक को हुई 5 साल की जेल

  बड़ी खबर: हत्या के प्रयास में पूर्व विधायक को हुई 5 साल की जेल
Share

पटना। बिहार के समस्तीपुर की एक अदालत ने जनता दल-युनाइटेड के पूर्व विधायक रामबालक सिंह और उनके भाई को हत्या के प्रयास के एक मामले में पांच साल कैद की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत, जिसने 21 साल पुराने मामले में 11 सितंबर को रामबालक सिंह और उनके भाई लालबाबू सिंह को दोषी ठहराया और 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया। शिकायतकर्ता ललन सिंह के अनुसार, उसकी रामबालक सिंह से पुरानी दुश्मनी थी।

उसने कहा, मैं 4 जून 2000 को गंगा सिंह की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए रघुनाथपुर गांव गया था। जब मैं विभूतिपुर घर लौट रहा था, तो रामबालक सिंह और लाल बाबू सिंह ने मुझे उपेंद्र सिंह के घर के पास रोक लिया। रामबालक सिंह मोटर चला रहा था। बाइक पर सवार लालबाबू सिंह ने मुझ पर गोलियां चला दीं। मेरे बाएं हाथ में चोटें आईं और मेरी एक अंगुली चली गई।

उसने कहा, आरोपी ने उस रात मुझे मारने की कोशिश की। मैं भाग्यशाली था कि गोलीबारी की आवाज सुनकर पड़ोसी वहां जमा हो गए और मुझे बचा लिया। इस संबंध में 5 जून 2000 को विभूतिपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जद (यू) के टिकट पर विभूतिपुर से 2015 का विधानसभा चुनाव जीतने वाले रामबालक सिंह पर चुनाव आयोग के पास दायर हलफनामे के अनुसार आठ आपराधिक मामले हैं।

Share

Leave a Reply