BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

Big News: भारी बिकवाली से डॉलर में आई 4 साल की सबसे बड़ी गिरावट

Big News: भारी बिकवाली से डॉलर में आई 4 साल की सबसे बड़ी गिरावट
Share

 अमेरिकी डॉलर की हालत मिली-जुली रही. एक तरफ यूरो और ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले यह 2021 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया, वहीं जापानी येन के मुकाबले थोड़ी मजबूती दिखाई. इसके पीछे मुख्य वजह है अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दरों में कटौती की उम्मीद और ट्रंप प्रशासन की नई टैरिफ नीति से जुड़ी चिंताएं.सवाल उठता है — आखिर डॉलर में इतनी बिकवाली कौन कर रहा है? एक्सपर्ट्स से साफ है कि अमेरिका के बाहर के निवेशक डॉलर आधारित संपत्तियों से धीरे-धीरे दूरी बना रहे हैं. यूरोपीय निवेशक जहां अमेरिकी इक्विटी (शेयरों) से निकल रहे हैं, वहीं एशियाई निवेशकों द्वारा बॉन्ड बाजार में बिकवाली देखने को मिल रही है.


Share

Leave a Reply