BIG NEWS : 44 लाख रुपये की बोली पर चुन लिया गया सरपंच, पढ़िये पूरी खबर...
अशोकनगर : लोकतंत्र में यूं तो सर्वसम्मति सबसे आदर्श स्थिति मानी जाती है, लेकिन आमसहमति नहीं होने पर मतदान अंतिम विकल्प होता है। प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए अभी नामांकन प्रक्रिया का पहला चरण शुरु ही हुआ है और जिले की भटौली ग्राम पंचायत ने अपना सरपंच भी चुन लिया। ग्रामीणों ने एकमत होकर सरपंच चुनने की आदर्श स्थिति की राह चुनी पर इसके लिए परिपक्वता नहीं सामर्थ का तरीका अपनाया। गांव के राधा-कृष्ण मंदिर पर ग्रामीणों की बैठक हुई, जिसमें सरपंचपद के लिए मंदिर के जीर्णोद्धार और गांव के विकास के नाम पर चार लोगों ने बोली लगानी शुरु की। अंतिम बोली सौभाग सिंह यादव ने 44 लाख रुपये की लगाई, जिसके बाद उन्हें सभी ने निर्विरोध सरपंच मान लिया। तय हुआ कि कोई भी इनके सामने चुनाव नहीं लड़ेगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2009 के चुनाव में भी गांव के नर्मदा प्रसाद पाँच लाख रुपये की बोली लगाकर निर्विरोध सरपंच चुने जा चुके हैं। भटौली पंचायत चंदेरी ब्लाक के अंतर्गत आती है। निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के तहत यहां तीसरे चरण में मतदान होगा। गत दिवस ग्राम पंचायत के रहवासियों ने मंदिर पर सुबह 11 बजे बैठक की। इसमें सरपंच पद के लिए दावेदारी कर रहे उम्मीदवारों को बुलाया गया तथा बोली में हिस्सा लेने वाले को पांचहजार रुपये पहले जमा करने होंगे। चार लोगों ने हिस्सा लिया। पहली बोली 21 लाख रुपये से शुरु हुई, जो 43 लाखरुपये तक पहुंच गई। आखिर में सौभाग सिंह यादव ने 44 लाख रुपये की बोली लगा दी। दोपहर एक बजे बोली लगाने का समय समाप्त हो गया और सभी ने तय किया कि सौभाग सिंह को निर्विरोध सरपंच निर्वाचित किया जाएगा। ग्रामीणों ने तय किया कि अगर सौभाग सिंह बुधवार शाम तक राशि जमा नहीं कराते हैं तो उनके निकटम प्रतिद्वंद्वी द्वारा लगाई गई बोली को मान्य किया जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक बोली की राशि मंदिर समिति को सौंपी जाएगी, जिसका उपयोग गांव के विकास और मंदिर के जीर्र्णोद्धार के लिए किया जाएगा।







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