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लव-जिहाद पर लगाम लगाने के लिए अब पारित हुआ विधेयक, जानें नए कानून की बड़ी बातें

 लव-जिहाद पर लगाम लगाने के लिए अब पारित हुआ विधेयक, जानें नए कानून की बड़ी बातें
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भोपाल। यदि कोई अपनी स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करता है तो उसे और धार्मिक परिवर्तन कराने वाले व्यक्तिको 60 दिन पहले जिला के जिलाधिकारी को सूचना देना अनिवार्य होगा. मध्य प्रदेश में लव जिहाद के मामलो पर रोकथाम के सोमवार को सरकार ने विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2021 को पारित कर दिया. सरकार ने अपने इस बिल में आरोपियों के खिलाफ सख्त सजा का भी प्रावधान रखा है.  सरकार ने बिल में धोखे या फिर दूसरे गलत तरीकों से कराए गए धर्मांतरण के मामलों में पाए जाने वाले आरोपियों को 10 साल की कठोर सजा देने की बात की है. राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने इस बिल के संबंध में नौ जनवरी को अध्यादेश पर अपनी मंजूरी दी थी. गौरतलब हो कि इस विधेयक को एक मार्च को सदन में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा सदन में पेश किया गया था. सोमवार को लव जिहाद के खिलाफ पारित होने वाले इस बिल पर चर्चा हुई और इसके बाद ध्वनिमत से इसे सदन में पारित कर दिया गया. पारित बिल में यह कहा गया है कि अगर कोई किसी को डरा कर, लालच देकर, धोखे से, या फिर झूठे वादे करके किसी का धर्म परिवर्तन कराता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. इस बिल के अनुसार विवाह करने और कराने दोनों को ही दोषी पाया जाएगा. इसके साथ ही इसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि अगर राज्य में ऐसी कोई शादी होती है तो उसे सरकार की नजर में शून्य माना जाएगा.  सदन में विधेयक के पास होने से पहले सरकार और कांग्रेस के बीच तीखी बहस हुई. भाजपा ने कांग्रेस पर आरोप लगाए कि अगर कांग्रेस के मन में महिलाओं की भलाई और उनके सम्मान के बारे में सोचती तो इस बिल का समर्थन करती|

इन राज्यों में पारित हो चुका है कानून-
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश से पहले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सरकारों ने भी लव जिहाद के खिलाफ कानून पारित किए हैं. सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में हरियाणा सरकार भी लव जिहाद के खिलाफ कानून ला सकती है. मध्य प्रदेश में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम का दोषी पाए जाने पर 10 साल तक का कारावास और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है|

60 दिन पहले देनी होगी सूचना-
इस बिल में इस बात को भी दर्शाया गया है कि यदि कोई अपनी स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करता है तो उसे और धार्मिक परिवर्तन कराने वाले व्यक्तिको 60 दिन पहले जिला के जिलाधिकारी को सूचना देना अनिवार्य होगा. अगर जिलाधिकारी को सूचना नहीं दी जाती तो भी इस कानून के उल्लंघन का दोषी पाया जाएगा.

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