भाजपा का हमला कहा परिवार भक्ति का दस्तावेज है कांग्रेस का घोषणा पत्र - सुंदरानी
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक श्रीचंद सुन्दरानी ने नगरीय निकाय के लिए जारी कांग्रेस के शहरी जनघोषणा पत्र को महज 'परिवार-भक्ति’ का दस्तावेज बताया है। श्री सुन्दरानी ने कहा कि 'खानदान-भक्त’ प्रदेश के कांग्रेस नेताओं की विचारहीनता इस घोषणा पत्र में साफ नजर आ रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री सुन्दरानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढि़हा का सालभर राग अलापने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत तमाम कांग्रेस नेता परिवार-भक्ति के मोहजाल में फंसे हुए हैं। उनके इस घोषणा पत्र में जितनी योजनाओं के प्रस्ताव की चर्चा हुई है, उनमें छत्तीसगढ़ के किसी भी महापुरुष के नाम पर कोई योजना नहीं है। इससे साफ होता है कि छत्तीसगढ़-छत्तीसगढिय़ा का राग आलापकर कांग्रेस नेता और सत्ताधीश छत्तीसगढ़ का भावनात्मक शोषण कर यहां के लोगों का सिर्फ राजनीतिक इस्तेमाल ही करते हैं और अवसर मिलते ही 'खानदान-वंदना’ करने में मशगूल हो जाते है। लेकिन प्रदेश का मतदाता अब समझदार हो गया है और वह कांग्रेस की इस झांसेबाजी का अब शिकार नहीं होगा।
भाजपा प्रवक्ता श्री सुन्दरानी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय किए गए वादों से मुकरकर प्रदेश को बदहाली की ओर धकेलने वाली कांग्रेस के पास तो अब घोषणा पत्र जारी करने की नैतिकता ही नहीं रह गई थी। जिन लोगों ने गंगाजल हाथ में लेकर कसमें खाने के बावजूद छलावा-ठगी-झूठ फैलाकर वादाखिलाफी का राजनीतिक चरित्र प्रदर्शित किया है, वे उम्मीद कैसे कर सकते हैं कि प्रदेश के निकाय चुनावों में लोग उनकी बातों पर भरोसा कर लेंगे? श्री सुन्दरानी ने कहा कि काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ा करती, यह सामान्य-सी समझ कांग्रेस नेताओं को यह घोषणा पत्र जारी करने से पहले अपने भीतर विकसित कर लेनी थी। भाजपा प्रवक्ता श्री सुन्दरानी ने कहा कि कांग्रेस के पास तो नीयत, नीति और नेतृत्व है ही नहीं। यह विचारहीनता व दृष्टिकोण का अभाव कांग्रेस के इस नए घोषणा पत्र में साफ दिखाई दे रहा है। नगरीय निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस ने जिस तरह का अलोकतांत्रिक आचरण प्रस्तुत किया है, वह भी कांग्रेस के दोहरे चरित्र को रेखांकित करता है और निकाय चुनावों में कांग्रेस को अपने किए की सजा के लिए तैयार हो जाना चाहिए जो प्रदेशभर के मतदाता उसे देने जा रहे हैं।







.jpeg)












