भाजपा ने फिर लगाया भूपेश सरकार पर आरोप,किसानों का जीना मुहाल कर दिया है इस सरकार ने : संदीप शर्मा
रायपुर। भाजपा किसान नेता संदीप शर्मा ने कहा कि धान खरीदी के मामले में छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ने किसानों से बड़ा धोखा किया है। सरकारी धान खरीदी प्रारंभ नहीं करने से किसानों के समक्ष बड़ी कठिन परिस्थिति उत्पन्न हो गई है। लघु सीमांत किसान के पास अपने रोजमर्रा के खर्चे के लिए पैसा नहीं है। पैसों के अभाव में किसान अपने बीमार बच्चों का इलाज नहीं करवा पा रहे हैं वहीं तेल नोन गुड़ सब्जी के लिए भी मोहताज हो गये हैं। राज्य सरकार के तुगलकी फरमान के चलते गांव गांव के छोटे व्यापारी भी किसानों के चिल्हर धान खरीदने से इंकर कर रहे हैं। एक- तरफ जहां सरकार फरमान के अंतर्गत धान खरीदने के लिए व्यापारी को हर किसान से आधार कार्ड और ऋण पुस्तिका की फोटो कापी रखने कहा जा रहा है वहीं व्यापारी द्वारा चिल्हर खरीदी के धान को मंडी ले जाते समय ग्रामीण व्यापारी के छोटे वाहनों को 15 फरवरी तक जब्ती बनाया जा रहा। शर्मा ने कहा कि यह घोर अंधेरगर्दी है। साथ ही साथ जिस व्यापारी के गोदाम में 4 क्विंटल से अधिक धान पाया जा रहा है उसे भी जब्त कर छोटे व्यापारी को भयभीत किया जा रहा है। साथ-साथ छोटे ग्रामीण धान क्रेता एवं किसानों के ऊपर धारा 151 में कार्रवाई की धमकी भी दिये जाने की खबर है।
संदीप शर्मा ने आगे कहा कि इस वर्ष सरकार ने पूरे राज्य में किसानों के खेत का गिरदावरी रिपोर्ट तैयार किया है और जो किसान जितने रकबे में धान बोया है उतने का ही पंजीयन पटवारी रिपोर्ट के अनुसार किया है। अब यह निश्चित है कि किसान अपने पंजीकृत रकबे के अनुसार ही धान सरकारी खरीद केन्द्र में ले जायेगा, बचत धान किसान निजी व्यापारी को ही बेचेगा ऐसी परिस्थिति किसानों के बचत धान को अवैध धान कह कर जब्ती बनाना कहां तक उचित है। दूसरी बात प्रदेश के अधिकांश मंडी में धान खरीदी की कोई व्यवस्था नहीं है। छूरा, गरियाबंद, फिंगेश्वर जैसे स्थानों के उप मंडियां बंद पड़ी है तब ऐसी परिस्थिति में उस क्षेत्र के किसान अपना अतिरिक्त धान या जरूरी खर्चे के लिये बेचे जाने वाले धान कहां बेचे।
श्री शर्मा ने तमाम तरह की सस्ती राजनीति और हथकंडे छोड़ जल्द से जल्द 2500 रुपये में धान खरीदी शुरू करने की मांग की है।







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