भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा : अब तो जेब से निकाले झीरम का सबूत बघेल
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने झीरम घाटी नक्सली हिंसा की जांच की सुस्त रफ्तार और जांच आयोग का कार्यकाल फिर बढ़ाने पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। श्री श्रीवास्तव ने तंज कसा कि तुरत-फुरत झीरम के पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के दावे सालभर बाद भी हवा में ही तैर रहे हैं! क्या यही प्रदेश सरकार की सक्रियता और कार्यप्रणाली का प्रमाण है?
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री श्रीवास्तव ने कहा कि एक साल के बीतने पर प्रदेश सरकार झीरम मामले में किसी निर्णायक निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है, तो यह आशंका बलवती होती जा रही है कि प्रदेश सरकार झीरम के पीड़ितों को न्याय दिलाकर राहत पहुंचाने की मंशा नहीं रखती। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विपक्ष में रहते हुए झीरम के सबूत जेब में लेकर चलने की डींगे खूब हांकते थे और आज जब उनके हाथों में सत्ता है, तो वे सियासी लफ्फाजियां करने में मशगूल हैं! अब तो उनकी अपनी सत्ता है तो फिर जेब में रखे झीरम के वे तमाम सबूत आयोग को देने में वे आनाकानी क्यों कर रहे हैं? झीरम की जांच को किसी निर्णायक निष्कर्ष तक पहुंचाने में उनकी उदासीनता का मकसद क्या है? बार-बार जांच के बिंदुओं में रद्दोबदल कर और आयोग के कार्यकाल को बढ़ाकर प्रदेश सरकार झीरम घाटी के नक्सली तांडव के पीड़ितों के साथ अन्याय कर रही है।







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