नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

BREAKING NEWS: पूर्व आईएएस अधिकारी के घर-दफ्तर पर ईडी का छापा

BREAKING NEWS: पूर्व आईएएस अधिकारी के घर-दफ्तर पर ईडी का छापा
Share

नई दिल्ली: रिटायर्ड आईएएस अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर के नई दिल्ली स्थित घर और दफ्तर पर गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की। ईडी की छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब हर्ष मंदर अपनी पत्नी के साथ जर्मनी गए हुए हैं। हर्ष मंदर सोनिया गांधी के भी करीबी रह चुके हैं और पूर्व की यूपीए सरकार में सलाहकार परिषद के सदस्य भी थे। इस परिषद की चेयरमैन खुद सोनिया गांधी थीं।


ईडी ने सुबह 8 बजे मंदर के वसंत कुंज स्थित घर और अधचिनी इलाके में उनके दफ्तर पर छापेमारी की। महरौली में हर्ष मंदर की तरफ से चलाए जा रहे चिल्ड्रेन होम पर भी ईडी छापेमारी की है। हर्ष मंदर गुरुवार तड़के साढ़े 3 बजे के आसपास एक फेलोशिप प्रोग्राम के लिए जर्मनी रवाना हुए थे। जर्मनी की रॉबर्ट बॉश एकेडमी में यह फेलोशिप होनी है।


इसी साल जुलाई माह में नेशनल कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स ने दिल्ली हाई कोर्ट को यह कहा था कि वह मंदर से जुड़े दो चिल्ड्रेन होम पर कार्रवाई करे। दरअसल, प्रबंधन स्तर पर कई खामियां और उल्लंघन का पता लगने के बाद एनसीपीसीआर ने हाई कोर्ट में यह सिफारिश की थी। एनसीपीसीआर ने जिन उल्लंघनों का जिक्र किया उनमे से एक यह भी था कि बाल गृह में रहने वाले बच्चों को जंतर-मंतर सहित कई प्रदर्शन स्थलों तक पर भी ले जाया जाता था। अक्टूबर 2020 में एनसीपीसीआर ने इन बाल गृहों पर रेड की थी। मंदर के मुताबिक, छापेमारी यह जानने के लिए की गई थी कि क्या बच्चों ने सीएए विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था या फिर क्या इन दोनों ही जगहों पर रोहिंग्या मुस्लिम बच्चों को भी रखा जा रहा है।


Share

Leave a Reply