BREAKING NEWS: नीट परीक्षा का पेपर लीक करवाने वाले गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफाश, मास्टरमाइंड के बारे में जानकर आप हो जाएंगे हैरान
जयपुर. राजस्थान के जयपुर में 12 सिंतबर को आयोजित नीट परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर सामने आई थी. Whatsapp के जरिए पेपर लीक करने के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पेपर लीक का मास्टर माइंड एक कोचिंग सेंटर का संचालक है. दलालों ने 35 -35 लाख में परीक्षार्थियों से सौदा किया था. दो दिन पहले ही पुलिस ने जयपुर और अजमेर से नीट परीक्षा में असली की जगह फर्जी कैंडिडेट कराने के गिरोह का भी पर्दाफाश किया था. जयपुर में 12 सिंतबर को जब नीट परीक्षा आयोजित की जा रही थी उससे कुछ दर पहले पुलिस को सूचना मिली कि जयपुर के राजस्थान इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी (RIET) नीट एग्जाम सेंटर से पेपर लीक करने की साजिश रची जा रही है. पुलिस ने आनन- फानन में इस सेंटर के अंदर और बाहर जाल बिछाया.
इस सेंटर के रूम नंबर 35 के परिवेक्षक रामसिंह ने नीट (NEET 2021) का पर्चा खुलते ही उसकी फोटो ली और अपने दोस्त पंकज यादव को वाट्सअप कर दिया. इस सेंटर के रूम नंबर 35 के परिवेक्षक राम सिंह ने नीट का पर्चा खुलते ही उसकी फोटो ली और अपने दोस्त पंकज यादव को वाट्सअप कर दिया. पंकज ने ये पेपर सीकर में संदीप नाम के शख्स को भेजा. उसने प्रश्न पत्र के उतर लिखकर वापस भेजा. राम सिंह ने हल किया प्रश्न पत्र परीक्षा हॉल में चार बजे कैडिडेट धनेश्वरी यादव को दिया. धनेश्वरी ने इससे ही उत्तर लिखे. पुलिस ने धनेश्वरी समेत पेपर लीक करने और पैसा वसूलने वाले आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
परीक्षार्थी धनेश्वरी यादव के चाचा सुनील यादव को पड़ोस के ही एक ई-मित्र संचालक अनिल यादव ने नकल कराने में सहयोग के लिए अलवर बानसूर में राइफल डिफेंस एकेडमी चलाने वाले नवरतन स्वामी और परीक्षा केन्द्र के इन्वीजलेटेर राम सिंह के साथ 35 लाख रुपए में सौदा किया था.
अजमेर पुलिस ने किया खुलासा
नीट परीक्षा में फर्जी अभ्यार्थी बैठाकर पास कराने के एक गिरह का खुलासा अजमेर पुलिस ने किया. गिरोह का संचालक राजन राजगुरु एक मेडिकल ऑफिसर है. वे कोटा में कोचिंग का संचालक है. राजगुरु खुद 2010 में प्री मेडिकल परीक्षा में राजस्थान में दूसरे स्थान पर रहा है. राजगुरु के साथ देशभर के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों के छह छात्रों को भी गिरफ्तार किया गा है. इन मेडिकल छात्रों को असली की जग बिठाया जा रहा था. इसके लिए हर मेडिकल छात्र को 35 -35 लाख दिए जा रहे थे. राजन दरअसल पहले नीट परीक्षा का डेटा हासिल करता था. उनके प्रोफाइल से अमीर लोगों के पढ़ाई में कमजोर छात्रों से संपर्क करता था. फिर उनसे पास करवाने की डील करता था.







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