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बृजमोहन ने उठाया पुलिस अभिरक्षा व जेलों में मौतों का मामला, विधानसभा अध्यक्ष ने कहा से सदन की समिति करेगी जांच

बृजमोहन ने उठाया पुलिस अभिरक्षा व जेलों में मौतों का मामला, विधानसभा अध्यक्ष ने कहा से सदन की समिति करेगी जांच
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रायपुर | छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वरिष्ठ भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश के थानों व जेलों में हुई मौतों का मामला उठाया। जिस पर विधानसभा अध्यक्ष  डॉ चरणदास महंत ने सदन की कमेटी से जांच कराने की बात कही। इस मामले में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के वक्तव्य से असंतुष्ट बृजमोहन ने कहा कि हम व्यक्ति को सुधारने के लिए जेल भेजते हैं और जो व्यक्ति जेल जाता है वैसे ही उसका परिवार दुःखी होता है। ऐसे में विचाराधीन बंदियों की प्रदेश के जेलों व थानों में मौत दुर्भाग्यजनक है। ऐसे मामलों में परिवार को मुआवजा भी न देना  मानवीय संवेदनाओं को तार-तार करता है।

 बृजमोहन ने चंदौरा थाने में कृष्णा सारथी की मौत का मामले का जिक्र करते हुए कहा कि बिना किसी अपराध के आदिवासी युवक को पकड़कर लॉकअप में बन्द कर दिया गया। जैसी बाते सामने आ रही है उससे पता चलता है कि उससे पैसे की मांग की गई। उसने पैसा नहीं दिया तो उसे पीटा गया और उसे पीटने के बाद फांसी पर लटका दिया गया। यह 30 साल का नौजवान था इसके दो छोटे बच्चे हैं।
बृजमोहन ने पुलिस अभिरक्षा में अंबिकापुर के पंकज बेथ की मृत्यु का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सुसाइडल मौत होने की जानकारी बताई गई है। जबकि उसकी लॉकअप में मौत हुई है।इस मामले में अफसर भी सस्पेंड हुए है। 15 सितंबर 2019 को कमलेश्वर सिदार की जेल में मौत, 26 जून 2019 को जशपुर निवासी गौटिया साय की जेल में मौत, 30 अगस्त 2019 को पेंड्रा में विचाराधीन कैदी रघुनाथ गौड़ की जेल में मौत हुई है पर इन्हें छिपाया गया है।
 उन्होंने दुर्ग जेल में विचाराधीन कैदी रहे राजेंद्र देवांगन का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति पहले दिन जेल जाता है और अगले दिन सीढ़ियों से गिरकर उसकी मृत्यु हो गई। पीएम रिपोर्ट में हाथ पैर की हड्डियां टूटी पाई जाती है। उन्होंने कहा कि अधूरी जानकारी देकर विधानसभा को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
 बृजमोहन ने कहा कि हम सरकार से जमीर को जागृत करने की बात कह रहे हैं। उन निर्दोष व्यक्ति को ऐसे मरना पड़े और  परिवार को मुआवजा भी ना मिले दुर्भाग्यपूर्ण है।मुआवजे का प्रस्ताव भेजे जाने की बात कहना टालने जैसा है। आपके पास मुख्यमंत्री सहायता राशि  वह अन्य मद की सहायता राशि है। गरीब पीड़ित परिवार को निश्चित रूप से सहायता मिले यह सुनिश्चित होना चाहिए।
बृजमोहन ने इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत से सदन की कमेटी बनाने का आग्रह किया।  जिस पर चरणदास महंत ने कहा कि पुलिस अभिरक्षा और  जिलों में मौत के मामलों  को लेकर विधानसभा के कई सदस्य उद्धेलित है इसलिए  वे सदन की समिति से जांच कराने का अनुरोध स्वीकार करता हूँ।

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