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तहसील कार्यालय में दलालों का हस्तक्षेप

तहसील कार्यालय में दलालों का हस्तक्षेप
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विधायक ने उठाया सवाल, कलेक्टर को लिखा पत्र

 विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने तहसील कार्यालय में बाहरी व्यक्तियों के अनावश्यक हस्तक्षेप को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने कलेक्टर को पत्र लिखकर कार्यालय में बाहरी व्यक्तियों के अनावश्यक हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की है। विधायक चंद्राकर ने कलेक्टर को लिखे पत्र में बताया है कि शहर के तहसील कार्यालय में लंबे समय से दलालों के माध्यम से काम कराया जा रहा है। नामांतरण, भूमि परिवर्तन व अन्य राजस्व प्रकरणों में पक्षकार स्वयं उपस्थित न होकर दलालों के माध्यम से काम कराने की शिकायत मिल रही है। ऐसे कार्यों में उक्त कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी की संलिप्तता रहती है, जिससे विभाग की बदनामी हो रही है। विधायक चंद्राकर ने बताया कि आम जनता को यह लगता है कि स्वयं उपस्थित होने पर काम नहीं होगा, जब तक दलालों के माध्यम से प्रकरण को प्रस्तुत न करें। इन परिस्थितियों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। इसे रोका जाना जनहित में आवश्यक है। उक्त कार्यालय में पक्षकार स्वयं उपस्थित होकर कार्य का संपादन करने व बाहरी व्यक्तियों का प्रकरणों में हस्तक्षेप बंद करने की जरूरत है।
 
पलायन रोकने की मांग
 
विधायक चंद्राकर ने कलेक्टर को पत्र लिखकर पलायन रोकने की मांग की है। उन्होंने बताया कि महासमुंद जिला भौगोलिक दृष्टि से फैला हुला है और ओडिशा प्रांत से लगा है। बरसात समाप्ति के बाद जिले से मजदूरों का बहुतायत में पलायन होता है। अभी वर्तमान में पलायन जारी है। जिले से पलायन ज्यादातर उत्तरप्रदेश, बिहार व अन्य राज्यों के लिए होता है। स्थानीय दलाल सक्रिय रहकर मजदूरों का पलायन करने में अहम भूमिका निभाते हैं। पलायन होने के बाद मजदूर दूसरे प्रांत में बंधक भी हो जाते हैं। परिणामस्वरूप जिला प्रशासन को हस्तक्षेप कर मजदूरों को छुड़ाना पड़ता है। पलायन के समय सक्रिय दलाल आपराधिक कार्य भी करते हैं। 

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