मामूली रकम के लिए जीजा ने किया साले का कत्ल, क्राइम सीरियल देख रची थी साज़िश
ग्वालियर. मध्यप्रदेश के ग्वालियर से अपहरण कर हत्या का मामला सामने आया है, आज इस सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है. यहां 17 साल के किशोर की उसी के जीजा ने हत्या कर दी. जीजा ने फिरौती के लिए पहले साले का अपहरण किया और फिर उसे मौत के घाट उतार दिया. अब जीजा दिनेश रावत सलाखों के पीछे है.
ग्वालियर में दो दिन पहले हुए 17 साल के पुष्पेंद्र रावत अपहरण और हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. पुष्पेंद्र का उसके रिश्ते के जीजा ने अपहरण कर मौत के घाट उतारा था.
हत्या के बाद फिरौती के लिए फोन
आरोपी जीजा ने पुष्पेंद्र को नरवर का किला दिखाने का लालच दिया और फिर उसे वहां न ले जाकर मड़ीखेड़ा डेम के पास सूनसान इलाके में ले गया. मौका पाकर पुष्पेंद्र की उसने वहीं हत्या कर दी. जीजा इतना पाशविक निकला की हत्या के बाद घरवालों को फोन करके उसके अपहरण की खबर दी और फिर पांच लाख की फिरौती मांगी. लेकिन वो फिरौती वसूल पाता उससे पहले ही पुलिस ने आरोपी जीजा को दबोच लिया. आरोपी कर्ज से दबा हुआ था. कर्ज पटाने के लिए उसने एक क्राइम सीरियल देखकर पुष्पेंद्र की हत्या की साजिश रची थी.
फिरौती के लिए आया फोन
ये जघन्य हत्याकांड 19 अक्टूबर का है. यहां के भितरवार इलाके से 17 साल के पुष्पेंद्र रावत का अपहरण किया गया था. पुष्पेंद्र अपने पिता रामाधार रावत की इकलौती संतान था. पुष्पेंद्र की मां बचपन में उसे और घर छोड़कर चली गई थी. लिहाज़ा घर में वो अपनी दादी और पिता के साथ रहता था. 19 अक्टूबर को वो अपनी दादी से कहकर निकला था कि जीजा दिनेश रावत ने उसे किसी काम से बुलाया है. उसके बाद पुष्पेंद्र नहीं लौटा. शाम के वक्त पिता रामाधार के पास पुष्पेंद्र के मोबाइल फोन से फोन आया. फोन करने वाला अंजान शख़्स था. उसने कहा पुष्पेंद्र उसके कब्जे में है. उसकी रिहाई के लिए पांच लाख रुपए देने होंगे.
क्राइम सीरियल देख रची थी साज़िश..
फिरौती के लिए फोन आने के बाद पुष्पेंद्र का मोबाइल फोन बंद हो गया. परिवार वालों ने भितरवार थाना में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की. पुष्पेंद्र के मोबाइल की लास्ट लोकेशन शिवपुरी जिले के मड़ीखेड़ा डेम इलाके में मिल रही थी. उधर पुलिस ने पुष्पेंद्र के जीजा दिनेश रावत से पूछताछ की तो उसने बताया कि पुष्पेंद्र उसके पास आया था, लेकिन फिर वो अपने दोस्त के साथ चला गया था. आखिर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो जीजा दिनेश ने अपना गुनाह कबूल कर लिया. दिनेश ने बताया कि उसने पुष्पेंद्र का अपहरण कर हत्या की है. वो कर्ज़ में दूबा है इसलिए उसने पुष्पेंद्र के अपहरण और हत्या के बाद फिरौती की रकम मांगी थी. वारदात की साजिश उसने क्राइम सीरियल देखकर रची थी.
किला दिखाने का लालच
पुष्पेंद्र के दादा विद्युत विभाग में लाइन मेन थे. विदिशा में नौकरी के दौरान हादसे में उनकी मौत हो गयी थी. उसका करीब 15 लाख रुपए का क्लेम मिला था. ये रुपए पुष्पेंद्र के एकाउंट में ही थे. दिनेश इस घर का भांजा दामाद था. उसका घर में लगातार आना जाना था और ये बात उसे पता थी. पुष्पेंद्र के साथ उसका दोस्ताना व्यवहार था. बस पैसा देखकर दिनेश की नीयत बदल गयी. उसने क्राइम सीरियल देखकर प्लान तैयार किया.
दुकानदार के फोन से किया कॉल
दिनेश रावत इतना शातिर था कि उसने अपने फोन से फोन नहीं किया बल्कि किसी दुकानदार के फोन से कॉल करके पुष्पेंद्र को घर से बुलाया. पुष्पेंद्र से कहा कि शिवपुरी के नरवर का किला घूमकर आते हैं. पुष्पेंद्र दिनेश के साथ चला गया. मड़ीखेड़ा के पास जंगल मे दिनेश ने पुष्पेंद्र की गला घोंटकर हत्या कर दी. फिर उसी के फोन से उसके पिता को फोन कर पांच लाख की फिरौती मांगी. उसके बाद दिनेश अपने घर डबरा आकर सो गया.







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