BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

केंद्र सरकार ने नागरिकता के लिए आवेदन आमंत्रित किये

केंद्र सरकार ने नागरिकता के लिए आवेदन आमंत्रित किये
Share

केंद्र सरकार ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत भारत में नागरिकता के लिए आवेदन करने के लिए अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदुओं, सिखों, जैनियों, बौद्धों, पारसियों और ईसाइयों को आमंत्रित किया है। अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के कई प्रवासी गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ के 13 जिलों में रह रहे हैं। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत आदेश को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी की है।

नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 क्या है?
11 दिसंबर, 2019 को पारित अधिनियम ने “नागरिकता अधिनियम, 1955” में संशोधन किया। इसने अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से सताए गए धार्मिक अल्पसंख्यकों (हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों या ईसाइयों) के लिए भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए रास्ता प्रदान किया। इसने इन प्रवासियों के लिए प्राकृतिककरण (naturalization) के लिए “निवास आवश्यकता” को 12 से 6 वर्ष तक कम कर दिया है।

नागरिकता के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से सताए अल्पसंख्यक जो पहले 31 दिसम्बर, 2014 से पहले भारत आ चुके हैं, वे आवेदन कर सकते हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो के रिकॉर्ड के आंकड़ों के अनुसार, इससे 30,000 लोगों को लाभ मिलेगा। 


Share

Leave a Reply