सचिवों के बाद अब रोजगार सहसयक भी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर
महासमुंद। ग्राम पंचायत के सचिवों के बाद ग्राम पंचायतों में पदस्थ रोजगार सहायकों ने भी मोर्चा खोल दिया है। तीन सूत्रीय मांगों को लेकर रोजगार सहायक आज से अनिश्चितकालीन आंदोलन पर हैं।
पंचायत सचिवों के साथ रोजगार सहायकों ने भी तहसीलदार निवास के सामने पंडाल लगाकर धरना शुरू कर दिया है। आंदोलन के पहले दिन महासमुंद ब्लॉक के विभिन्न ग्राम पंचायतों से रोजगार सहायक आंदोलन में शामिल होने के लिए पहुंचे और सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की। छग ग्राम पंचायत रोजगार सहायक संघ के बैनर तले आंदोलनरत रोजगार सहायकों ने बताया कि, वे पिछले 13-14 वर्षों से मनरेगा के तहत पंचायतों मेंं कार्य कर शासन की योजनाओं का क्रियान्वन अल्प मानदेय पर करते आ रहे हैं। नियमितीकरण की मांग के बाद भी शासन के ध्यान नहीं देने से आज उन्हें आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ा है। आंदोलन में जिलाध्यक्ष राजू तांडी, सचिव राजकुमार हरदेव सहित बड़ी संख्या में रोजगार सहायक उपस्थित थे।
इन मांगों को लेकर है आंदोलन:-
रोजगार सहायकों की तीन सूत्रीय मांग है। ग्रेड पे निर्धारण कर नियमितीकरण प्रदान किया जाए। जिन पंचायतों को नगर निगम नगर पंचायत में शामिल किया जा रहा है वहां के रोजगार सहायकों को संबंधित निकाय में शामिल किया जाए। अन्य रिक्त ग्राम पंचायतों में सेवा पर रखा जाए। रोजगार सहायकों का सचिव केे पद पर वरीयता के आधार पर सीधी भर्ती की जाए और रोजगार सहायकों को सहायक सचिव घोषित किया जाए।




