जीएसटी की राष्ट्रीय काउंसिल की बैठक में टीएस सिंहदेव की मांगों पर देश के सभी राज्यों की सहमति
रायपुर। कोरोना में उपयोगी दवा और उपकरणों को जीएसटी मुक्त करने के छत्तीसगढ सरकार के प्रस्ताव पर निर्णय लेने बनाए गए मंत्रियों की कमेटी में किसी भी कांग्रेस शासित राज्य के प्रतिनिधि को शामिल न करना संघीय प्रणाली और लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ षडयंत्र है।
रोजगार, दवा, इलाज़ के लिए जूझ रही जनता को राहत देने के बजाय मोदी सरकार का पूरा फ ोकस सिर्फ और सिर्फ चंद पूंजीपतियों के मुनाफे और जनता से अधिक टैक्स वसूल कर कमाई में राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति में हो रहे नुकसान की भरपाई और क्षतिपूर्ति की अवधि बढ़ाने की मांग पर केंद्र सरकार की उदासीनता, राज्यों के आर्थिक हितों के खिलाफ है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता, सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि प्रदेश के वाणिज्य कर मंत्री टीएस सिंहदेव ने 28 मई 2021 को आहूत जीएसटी काउंसिल की बैठक में कोरोना के इलाज़ में आवश्यक उपकरण और दवाओं पर जीएसटी में राहत देने की मांग की थी, जिस पर देश के लगभग सभी राज्यों की सहमति के बावजूद तत्काल राहत देने के बजाय केंद्र सरकार ने, मंत्रियो के समूह के गठन की बात कह कर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया था।
विदित हो कि वर्तमान में केंद्र सरकार के द्वारा वैक्सीन और मास्क पर 5 प्रतिशत, वेंटीलेटर, ऑक्सीजन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर/जनरेटर, पल्स ऑक्सीमीटर और कोविड टेस्टिंग किट पर 12 प्रतिशत, हैंड सेनीटाइजर, टेम्परेचर टेस्टिंग इंस्ट्रूमेंट, पोर्टेबल हॉस्पिटल यूनिट, आरटी -पीसीआर मशीन, आर-एन-ए निष्कर्षण मशीन पर 18 प्रतिशत और एंबुलेंस पर 28 प्रतिशत जीएसटी वसूला जा रहा है, जो पूरी तरह से अव्यावहारिक और अन्याय पूर्ण है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में छत्तीसगढ़ के वाणिज्यकर मंत्री सिंहदेव ने जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि 5 साल और बढ़ाने का अनुरोध किया। साथ ही एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल को जीएसटी की बजाय वैट के दायरे में रखने की मांग की, इस पर भी देश के लगभग सभी राज्यों के मंत्रियों की सहमति के बावजूद कोई भी फैसला नहीं लिया गया। सिंहदेव ने जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि बढ़ाने के अपनी मांग के समर्थन में कहा कि पिछले साल 1335.51 करोड़ का नुकसान छत्तीसगढ़ को क्षतिपूर्ति मद में हुआ है और तय है कि इस साल इससे ज्यादा ही नुकसान होगा। अत: राज्यों के आर्थिक हित के लिए यह आवश्यक है कि क्षतिपूर्ति की अवधि 5 साल और बढ़ाया जाए।




