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अंबेडकर अस्पताल प्रबंधक ने अज्ञात शव के वायरल हो रहे वीडियो को लेकर जारी किया बयान

 अंबेडकर अस्पताल प्रबंधक ने अज्ञात शव के वायरल हो रहे वीडियो को लेकर जारी किया बयान
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रायपुर। राजधानी रायपुर के अंबेडकर अस्पताल के मर्चुरी के सामने बारिश में भीगता हुआ एक अज्ञात शव का सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो को लेकर अस्पताल प्रबंधक ने अपना बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि इसके लिए एक संस्था जिम्मेदार है जिसे शव को सौंपा गया था। 

अस्पताल प्रबंधक द्वारा जारी किये गए बयान में कहा गया है कि सिटी कोतवाली थाना के द्वारा मोतीबाग चौक रायपुर के पास से 06 जुलाई को 50 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति को लाकर अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज का उपचार मेडिसीन रोग विभाग के अंतर्गत हुआ। इसी दौरान 11 जुलाई को मरीज की मृत्यु कार्डियो रेस्पिरेटरी अरेस्ट (हृदय आघात) से हो गई। अज्ञात व्यक्ति का शव मॉर्चुरी में शिफ्ट कर दिया गया और सम्बन्धित थाने को इसकी सूचना दे दी गई। चूंकि अज्ञात व्यक्ति के कफन-दफऩ की व्यवस्था का कार्य पुलिस प्रशासन के माध्यम से किया जाता है इसलिए सम्बन्धित थाने के पुलिस के द्वारा शव को मॅर्चुरी में रखे जाने के तीन दिन बाद अंतिम संस्कार व कफन-दफन करने वाली संस्थान को सुर्पुद कर दिया गया। 

बयान में यह भी कहा गया है कि अस्पताल प्रबंधन की प्रारंभ से ही यह व्यवस्था रही है कि मॅर्चुरी में जब किसी भी शव को मृत्यु उपरांत स्थानांतरित किया जाता है तो मेडिको लीगल तथा अन्य औपचारिकतायें पूरी होने के बाद ही शव की सुपुर्दगी सम्बन्धित व्यक्तियों अथवा थाने के पुलिस को दी जाती है। मृतक के परिजनों एवं पुलिस ( अज्ञात व्यक्ति के प्रकरण में) द्वारा शव वाहन की व्यवस्था करने पर ही शव को गेट से बाहर निकाला जाता है। अन्यथा शव को खुले परिसर में बाहर निकालने का कोई प्रावधान नहीं है। इस प्रकरण में भी कुछ ऐसा ही हुआ। सम्बन्धित थाने द्वारा संस्था को शव को सुपुर्द कर दिया गया। अब सम्बन्धित संस्था की जिम्मेदारी बनती है कि शव वाहन की व्यवस्था करना तथा व्यवस्था के बाद ही शव को मर्चुरी से बाहर निकालना लेकिन उनके द्वारा बिना पूर्व व्यवस्था के शव को बाहर निकाल दिया गया जिससे चिकित्सालय के सम्बन्ध में वीडियो के माध्यम से भ्रामक जानकारी लोगों तक पहुंची।


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