भाटापारा विधायक शिवरतन शर्मा ने सरकार पर उठाए कई सवाल, जाने क्या कुछ है खास
भाटापारा। कोरोना वायरस (कोविड-19) के नियंत्रण व् रोकथम के लिए राज्य व् केंद्र की सरकार कई प्रयास कर रही है सरकार ने लॉकडाउन के साथ कई गतिविधियों में रोक लगा दी है। इसी कड़ी में कोरोना के साथ पलायन देश में बड़ी समस्या के तौर पर उभरा है, रोजगार के लिए बड़े शहरों में गये मजदूर पुन: अपने राज्य लौटने की आस में खड़े है। छत्तीसगढ़ सरकार की निर्ममता इस बात से ही स्पष्ट होती है कि आज उनके पास पलायन के मजदूरों की ना कोई गिनती है, ना ही कोई जानकारी है बलौदाबाजार भाटापारा जिले से ही करीब 50 हजार मजदुर पलायन किये हुए है।
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विधायक शर्मा का कहना है कि भूख और लॉकडाउन के तिहरे में खड़े मजदुर सरकार से मदद की उम्मीद लगाये बैठे हैं, केन्द्र की मोदी सरकार ने प्रवासी मजदुरों के उचित रहने खाने एवं उनकी राज्य वापसी की व्यवस्था करने समस्त राज्यों को निर्देशित किया है इसके उपरांत भी छत्तीसगढ़ की सरकार उन मजदुरों के आने की कोई व्यवस्था नही करती दिख रही है मजदुर हजारों किलोमीटर की पैदल यात्रा करने मजबुर विवश नजर आ रहे है। कड़ी धुप की यात्रा के चलते कई मजदुर जान से भी हाथ गवा बैठे है। पर निर्दयी सरकार की आखे धृतराष्ट्र की तरह खुलने का नाम ही नही ले रही है इस विषम संकट को देखते हुए भाटापारा विधायक एवं प्रवक्ता भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ शिवरतन शर्मा ने अपने विधानसभा क्षेत्र एवं समस्त राज्य से पलायने किये हुये मजदुरों की वापसी की चिंता करते हुए विधानसभा (कोविड-19) हेल्पडेस्क में ऐसे लोगों की समस्त जानकारी फोन नंबर सहित उपलब्ध कराई है।
आगे विधायक शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 1200 मजदुरों की सूची एवं उनकी समस्त जानकारी शासन को भेजी है इसमें करीब 11 राज्यों में क्षेत्र के मजदुरों की जानकारी है मध्यप्रदेश 50, उत्तरप्रदेश 80, महाराष्ट्र 750, गुजरात 10, दिल्ली 15, गोवा 5, आंध्रप्रदेश 65,कर्नाटक 15 शामिल है । विधायक शर्मा ने आगाह करते हुए राज्य भर मेें पलायन के मजदुरों की जानकारी लेने हेतु ग्रामों में मुनादी कराने की मांग की है इसमें प्रदेश सरकार के पास पलायन के मजदुरों की जानकारी उपलब्ध हो सके और उनकी घर वापसी की राह आसान हो




