बड़ी खबर: मरीज की मौत पर परिजनों ने राजधानी के इस हास्पिटल में जमकर किया हंगामा
रायपुर। शहर के निजी चिकित्सा संस्थानों में कोरोना वायरस कोविड 19 महामारी के दौरान सामान्य रूप से किए जा रहे मर्ज के इलाज के उपरांत मरीज की मृत्यु होने पर कोविड मृत्यु बताकर मृतक के परिजनों से जमकर वसूली चल रही है। आमतौर पर अस्पताल में पीडि़तों के द्वारा चुपचाप बिल जमा करके शव ले जाया जाता है किंतु कुछ मामलों में मरीज के परिजनों द्वारा आईपीडी बिल के बारे में पूछताछ करने पर चिकित्सक एवं उनका आईपीडी स्टॉफ मरीज के परिजनों के साथ दुव्र्यवहार करता है। उक्त श्रृंखला में रायपुर रोड में स्थित जगन्नाथ हास्पिटल में उपचार के दौरान मरीज की मौत होने पर उसे कोरोना पॉजीटिव मृत्यु बताने पर जमकर विवाद हुआ। परिजनों द्वारा प्रबंधन से आपरेशन किए जाने का कारण जानने पर वहां मौजूद स्टॉफ ने मृतक के परिजनों से दुव्र्यवहार कर उन्हें 23 दिन में किए गए इलाज की राशि कुल जमा 6 लाख रूपए तत्काल जमा करने की मांग की। इस पर मृतक के परिजनों ने कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए प्रबंधन से इलाज के दौरान किए गए व्यय का ब्यौरा जानना चाहा।
परिजनों ने जगन्नाथ अस्पताल प्रबंधप पर आरोप लगाया है कि मरीज की मौत के बाद उसे कोरोना पॉजिटिव बताकर उन्हें मृतक की लाश सौंपने से इंकार किया गया जबकि इलाज के लिए मरीज को सामान्य दशा में उपचार के लिए लाया गया था। मृतक के नजदीकी रिश्तेदारों ने उक्त मामले की जांच स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल कराए जाने की मांग की है।




